Gold Price 5 May: सोना ₹1.50 लाख के पास, चांदी ₹2,43,800 पर फिसली, जानिए बाजार में ये उलटफेर क्यों

आज सोने और चांदी की चाल अलग-अलग दिशा में दिखी. सोना उछाल के साथ ₹1.50 लाख के करीब पहुंच गया है, जबकि चांदी टूटकर ₹2,43,800 पर आ गई. जानिए क्या है इसके पीछे की वजह और आगे क्या हो सकता है रुख.

सोने चांदी के भाव Image Credit: Canva/ Money9

Gold And Silver Today: भारतीय सर्राफा बाजार से लेकर ग्लोबल मार्केट तक आज सोने और चांदी की चाल दो अलग-अलग दिशाओं में नजर आ रही है. जहां एक ओर सोने की कीमतों में तेजी का दौर जारी है, वहीं चांदी के निवेशकों को आज बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ रहा है. वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ओर भाग रहे हैं, जबकि औद्योगिक मांग में सुस्ती ने चांदी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है.

बुलियन मार्केट में सोना तेज, चांदी पस्त

भारतीय सर्राफा बाजार (India Bullion Rates) में आज खरीदारी के मूड में बदलाव दिखा है. शुद्ध सोने की कीमत ₹50 की मामूली बढ़त के साथ ₹1,49,880 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है. इसके उलट, चांदी की कीमतों में आज बड़ी गिरावट दर्ज की गई. चांदी ₹430 प्रति किलो टूटकर ₹2,43,800 पर आ गई है.

MCX और ग्लोबल मार्केट मे माहौल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी कुछ ऐसा ही नजारा है. जून वायदा का सोना ₹31 की बढ़त लेकर ₹1,49,370 पर कारोबार कर रहा है. वहीं, जुलाई की चांदी वायदा में गिरावट का रुख है. चांदी ₹401 की कमजोरी के साथ ₹2,43,494 प्रति किलोग्राम के भाव पर ट्रेड कर रही है. बाजार खुलने के बाद से ही चांदी में लगातार दबाव बना हुआ है.

विदेशी बाजारों से मिल रहे संकेत सोने के पक्ष में हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना +0.21% की मजबूती के साथ 4,533.68 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है. वहीं, चांदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर -0.24% लुढ़ककर 72.85 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रही है.

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क्यों आ रहा है कीमतों में यह अंतर?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और ग्लोबल सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने के भंडार बढ़ाने से सोने को लगातार सपोर्ट मिल रहा है. दूसरी ओर, चांदी में आई गिरावट के पीछे मुख्य कारण ‘प्रॉफिट बुकिंग’ (मुनाफावसूली) है. साथ ही, चीन जैसे बड़े बाजारों से औद्योगिक मांग में कमी की खबरों ने भी चांदी की कीमतों को नीचे धकेला है. निवेशकों की नजर अब अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों पर है, जो आने वाले दिनों में कीमतों की अगली दिशा तय करेंगे.