HAL-BEL से आगे बढ़ा डिफेंस सेक्टर… इन 2 माइक्रो-कैप को मिला मिसाइल बनाने का लाइसेंस, शेयरों में 50% तक उछाल
देश की रक्षा क्षमता बढ़ाने और विदेशों पर निर्भरता कम करने की बड़ी कोशिश की जा रही है. अक्टूबर 2025 में रक्षा मंत्रालय के इस फैसले के बाद अब प्राइवेट कंपनियां सिर्फ छोटे पार्ट्स नहीं बल्कि पूरे हथियार सिस्टम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. इसी बदलाव के बीच अप्रैल 2026 में दो कंपनियों को हथियार निर्माण का लाइसेंस मिला है, जिससे उनके शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला.
Defence Stocks: भारत का डिफेंस सेक्टर अब तेजी से बदल रहा है. सरकार ने पहली बार निजी कंपनियों के लिए मिसाइल और हथियार बनाने का रास्ता खोल दिया है. इससे देश की रक्षा क्षमता बढ़ाने और विदेशों पर निर्भरता कम करने की बड़ी कोशिश की जा रही है. अक्टूबर 2025 में रक्षा मंत्रालय के इस फैसले के बाद अब प्राइवेट कंपनियां सिर्फ छोटे पार्ट्स नहीं बल्कि पूरे हथियार सिस्टम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं.
इसी बदलाव के बीच अप्रैल 2026 में दो कंपनियों को हथियार निर्माण का लाइसेंस मिला है, जिससे उनके शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला. निवेशकों के बीच अब सवाल है कि क्या ये कंपनियां आने वाले समय में बड़ा ग्रोथ दिखा सकती हैं. सरकार का फोकस “मेक इन इंडिया” और डिफेंस एक्सपोर्ट बढ़ाने पर है, जिससे इन कंपनियों के लिए बड़ा मौका बन रहा है.
Zen Technologies
- Zen Technologies को सरकार से हथियार बनाने का लाइसेंस मिला है.
- अब कंपनी 12.7mm से लेकर 40mm तक के बड़े हथियार सिस्टम बना सकती है.
- पहले यह कंपनी ड्रोन और सर्विलांस सिस्टम बनाती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह से हथियार बनाने वाली कंपनी बन रही है.
- पिछले एक महीने में कंपनी के शेयर करीब 21 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं.
- Zen Technologies अपनी क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है.
- कंपनी नई फैक्ट्री बना रही है और अगले 2 साल में ₹4,000 करोड़ तक का काम पूरा करने का लक्ष्य रख रही है.
कंपनी का ऑर्डर बुक भी बढ़कर ₹2,500 से ₹3,000 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है.

Apollo Micro Systems
- Apollo Micro Systems को भी लाइफटाइम हथियार निर्माण लाइसेंस मिला है.
- अब यह कंपनी मिसाइल, रॉकेट, टॉरपीडो और अन्य हथियार सिस्टम बना सकती है.
- पिछले एक महीने में इसके शेयर करीब 49 प्रतिशत तक चढ़ चुके हैं.
- Apollo Micro Systems ने IDL Explosives को खरीदा है, जिससे अब कंपनी खुद ही पूरा हथियार बना सकती है.
- यह कदम कंपनी को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाता है और उसे बड़े ऑर्डर लेने में मदद करेगा.
- कंपनी अपनी प्रोडक्शन क्षमता 12 से 13 गुना तक बढ़ा रही है.
- अगले 2-3 साल में कंपनी को 45 से 50 प्रतिशत की ग्रोथ की उम्मीद है.

निवेशकों के लिए क्या मतलब
दोनों कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि आगे का प्रदर्शन ऑर्डर और काम पूरा करने पर निर्भर करेगा. भारत का डिफेंस सेक्टर अब नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां प्राइवेट कंपनियों के लिए बड़े मौके बन रहे हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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