विदेश में रहने वाले भारतीयों ने देश में जमकर कराई FD, बैंकों में डिपॉजिट किए 127.22 अरब डॉलर; समझें इसके मायने

विंडो के आखिरी दिनों में डॉलर के लिए होड़ बढ़ गई. बैंकों ने सिर्फ आखिरी 10 दिनों में FCNR(B) डिपॉजिट के जरिए 61.8 अरब डॉलर जुटाए, जो शुरुआती 74 दिनों में जुटाए गए 65.4 अरब डॉलर के लगभग बराबर है. इस स्कीम ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचाने में मदद की है.

फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट डिपॉजिट में उछाल. Image Credit: @tv9

पिछले महीने के आखिर में स्पेशल विंडो बंद होने से पहले बैंकों ने फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (बैंक) या FCNR(B) डिपॉजिट के जरिए रिकॉर्ड 127.22 अरब डॉलर जुटाए. यह 2013 में इसी तरह की स्कीम के तहत जुटाए गए 26 अरब डॉलर से लगभग पांच गुना अधिक है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा बुधवार को जारी शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इस रकम के साथ स्पेशल स्कीम, जिसमें FCNR(B), ओवरसीज फॉरेन करेंसी बॉरोइंग (OFCBs) और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECBs) शामिल हैं, के जरिए कुल इनफ्लो 136.37 अरब डॉलर तक पहुंच गया.

आखिरी दिनों में बढ़ी होड़

विंडो के आखिरी दिनों में डॉलर के लिए होड़ बढ़ गई. बैंकों ने सिर्फ आखिरी 10 दिनों में FCNR(B) डिपॉजिट के जरिए 61.8 अरब डॉलर जुटाए, जो शुरुआती 74 दिनों में जुटाए गए 65.4 अरब डॉलर के लगभग बराबर है. स्पेशल स्कीम के तहत कुल डॉलर इनफ्लो में FCNR(B) डिपॉजिट का हिस्सा 93 फीसदी से अधिक था.

क्यों हुई बढ़ोतरी?

यह बढ़ोतरी तब हुई जब सेंट्रल बैंक ने बैंकों के लिए इंसेंटिव-लिंक्ड FCNR(B) डिपॉजिट स्वीकार करने की समय-सीमा को एक महीने आगे बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया, क्योंकि विदेशी करेंसी का अच्छा इनफ्लो हो रहा था. ECB और OFCB के लिए स्वैप स्कीम योजना के अनुसार 31 दिसंबर तक जारी रहेगी.

रिकॉर्ड स्तर पर विदेशी मुद्रा भंडार

इस स्कीम ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचाने में मदद की है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, 21 अगस्त तक विदेशी मुद्रा भंडार 729.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो जून के बाद से लगभग 50 अरब डॉलर अधिक है.

डॉलर के इनफ्लो को बढ़ाने और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए 8 जून को शुरू की गई यह सुविधा बैंकों को रियायती दरों पर सेंट्रल बैंक के साथ योग्य विदेशी कर्ज को स्वैप करने की अनुमति देती है, जिससे उनकी फंड की लागत कम हो जाती है.

इनफ्लो स्वैप करने की सुविधा

नई गाइडलाइंस के तहत, बैंक 11 सितंबर तक उपलब्ध जीरो-कॉस्ट हेजिंग सुविधा के तहत RBI के साथ FCNR(B) इनफ्लो को स्वैप कर सकते हैं.

FCNR के तहत आने वाले पैसे का मतलब क्या है?

मान लीजिए कोई भारतीय व्यक्ति विदेश में नौकरी करता है और उसके पास अमेरिकी डॉलर में बचत है. वह पैसा भारत लाकर किसी भारतीय बैंक में FCNR Deposit के रूप में रखता है. आसान भाषा में समझें, तो यह NRI के लिए भारत के बैंक में विदेशी मुद्रा में फिक्स्ड डिपॉजिट रखने की सुविधा है.

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