रुपया लगातार 5वें दिन कमजोर, 95.57 पर बंद; RBI के हस्तक्षेप से मिली राहत
भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे गिरकर 95.57 रुपये पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान रुपया 95.79 के निचले स्तर तक पहुंचा, लेकिन बाद में आरबीआई के संभावित हस्तक्षेप और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से उसे राहत मिली. इसके साथ रुपया लगातार पांचवें सत्र में कमजोर हुआ.

रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे गिरकर 95.57 रुपये के स्तर पर बंद हुआ. कारोबार की शुरुआत में रुपये पर ज्यादा दबाव रहा और यह 95.79 के निचले स्तर तक पहुंच गया. हालांकि बाद में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप से रुपये को कुछ सहारा मिला. घरेलू शेयर बाजार में निचले स्तर से आई रिकवरी ने भी रुपये की गिरावट कम की. इसके साथ रुपया लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में कमजोर होकर बंद हुआ. वैश्विक बाजारों में रिस्क से बचने की भावना और ऊंची कच्चे तेल की कीमतों का दबाव रुपये पर बना हुआ है.
95.70 पर खुला रुपया
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया शुक्रवार को 95.70 रुपये प्रति डॉलर पर खुला. कारोबार के दौरान यह और कमजोर होकर 95.79 के स्तर तक पहुंच गया. हालांकि बाद में रुपये ने नुकसान की भरपाई की और 95.51 के दिन के ऊपरी स्तर तक पहुंचा. कारोबार खत्म होने पर रुपया 5 पैसे की गिरावट के साथ 95.57 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. यह लगातार पांचवां कारोबारी सत्र है जब रुपया गिरावट के साथ बंद हुआ है.
RBI के हस्तक्षेप से रुपये को मिला सहारा
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक रुपये की गिरावट को कम करने में भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप की अहम भूमिका रही. घरेलू शेयर बाजार में दिन के निचले स्तर से सुधार और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों पर मुनाफावसूली से भी रुपये को राहत मिली. हालांकि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की भावना अभी भी बनी हुई है. इससे डॉलर की मांग मजबूत रह सकती है और रुपये पर दबाव बना रह सकता है.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में कुछ गिरावट देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड 3.28 फीसदी गिरकर 104.10 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. ऊंचे स्तरों पर कच्चे तेल में मुनाफावसूली से रुपये को थोड़ा सहारा मिला. हालांकि हाल की तेजी के कारण तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं. महंगा कच्चा तेल भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि देश अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है.
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शेयर बाजार में भी रही गिरावट
रुपये के साथ घरेलू शेयर बाजार में भी शुक्रवार को कमजोरी देखने को मिली. सेंसेक्स 120.83 अंक गिरकर 74,781.76 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 79.70 अंक टूटकर 23,398.10 पर बंद हुआ. विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में 582 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की थी. विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी रुपये और शेयर बाजार की धारणा पर दबाव डाल रही है.