ईरान के ट्रेड पार्टनर्स पर ट्रंप का 25 फीसदी टैरिफ, लेकिन भारत पर नहीं होगा कोई असर; जानें- क्या है वजह

ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ बिजनेस करने वाले किसी भी देश को वाशिंगटन के साथ अपने ट्रेड पर 25 फीसदी टैरिफ देना होगा. इस कदम से ईरान के प्रमुख ट्रेडिंग पार्टनर्स जैसे भारत, चीन और UAE पर असर पड़ सकता है. भारत-ईरान संबंधों का एक प्रमुख पहलू चाबहार बंदरगाह का ज्वाइंट डेवलपमेंट है.

भारत और ईरान के बीच व्यापार. Image Credit: money9live

एक्सपोर्टर्स की सबसे बड़ी संस्था FIEO ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के साथ बिजनेस करने वाले देशों पर 25 फीसदी ड्यूटी लगाने की घोषणा का भारत पर लगभग कोई असर नहीं होगा. ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ बिजनेस करने वाले किसी भी देश को वाशिंगटन के साथ अपने ट्रेड पर 25 फीसदी टैरिफ देना होगा. इस कदम से ईरान के प्रमुख ट्रेडिंग पार्टनर्स जैसे भारत, चीन और UAE पर असर पड़ सकता है.

किसी भी असर की क्यों नहीं है आशंका?

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (FIEO) ने कहा कि भारतीय कंपनियां और बैंक ईरान पर OFAC (ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल) के प्रतिबंधों का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं और विशेष रूप से साफ तौर पर अनुमति वाले मानवीय ट्रेड में लगे हुए हैं. मुख्य रूप से भोजन और फार्मास्यूटिकल्स के ट्रेड से जुड़े हैं. FIEO के डायरेक्टर जनरल अजय सहाय ने कहा, ‘इसलिए, भारत पर किसी भी प्रतिकूल प्रभाव की आशंका का कोई आधार नहीं है.’

दोनों देशों के बीच ट्रेड

भारत का 2024-25 (अप्रैल-मार्च) में ईरान के साथ कुल 1.68 अरब अमेरिकी डॉलर का ट्रेड था, जिसमें मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र से 1.24 अरब अमेरिकी डॉलर का एक्सपोर्ट शामिल था. ईरान को भारत के टॉप एक्सपोर्ट किए जाने वाले प्रोडक्ट्स अनाज, पशु चारा, चाय और कॉफी, मसाले, फल और सब्जियां, और फार्मास्यूटिकल्स थे.

अमेरिकी प्रतिबंधों से बाहर

FIEO ने कहा, ‘जैसा कि हम सभी जानते हैं कि ईरान के साथ ट्रेड अमेरिकी प्रतिबंधों से बाहर है, क्योंकि इनमें से अधिकांश प्रोडक्ट्स मानवीय प्रकृति के हैं. इसलिए, FIEO का मानना ​​है कि ईरान के साथ बिजनेस करने वाले किसी भी देश पर अमेरिका द्वारा लगाए गए अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ का भारत पर लगभग कोई असर नहीं होगा.’

अमेरिकी घोषणा महत्वपूर्ण है क्योंकि एक्सपोर्टर्स अतिरिक्त ड्यूटी के असर को लेकर चिंतित हैं. भारतीय एक्सपोर्टर्स पहले से ही अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 फीसदी के भारी टैरिफ के असर से जूझ रहे हैं.

भारत को क्या भेजता है भारत?

ईरान को भारत के प्रमुख एक्सपोर्ट में चावल, चाय, चीनी, फार्मास्यूटिकल्स, मानव निर्मित स्टेपल फाइबर, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी शामिल हैं, जबकि प्रमुख आयात में सूखे मेवे, अकार्बनिक/कार्बनिक केमिकल और कांच के बर्तन शामिल हैं.

चाबहार बंदरगाह ज्वाइंट डेवलपमेंट

भारत-ईरान संबंधों का एक प्रमुख पहलू चाबहार बंदरगाह का ज्वाइंट डेवलपमेंट है. एनर्जी से भरपूर ईरान के दक्षिणी तट पर सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित इस बंदरगाह को कनेक्टिविटी और व्यापार संबंधों को बढ़ावा देने के लिए भारत और ईरान द्वारा विकसित किया जा रहा है. 2024-25 में ईरान को भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट 1.55 फीसदी बढ़कर 1.24 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि इंपोर्ट 29.32 फीसदी घटकर 441.83 मिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया.

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