OPEC Plus ने बढ़ाया कच्चे तेल का प्रोडक्शन , सितंबर में 1.88 लाख बैरल रोजाना की बढ़ोतरी, क्या सस्ता होगा कच्चा तेल
ओपेक प्लस ने सितंबर के लिए कच्चे तेल का प्रोडक्शन 1.88 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ाने को मंजूरी दी है. इसके साथ 2023 में लागू 16.5 लाख बैरल प्रतिदिन की स्वैच्छिक उत्पादन कटौती पूरी तरह खत्म हो जाएगी. हालांकि ईरान और यूक्रेन से जुड़े युद्धों के कारण खाड़ी क्षेत्र, रूस और कजाखस्तान से तेल सप्लाई प्रभावित है.
Crude Oil Production: ओपेक प्लस ने सितंबर महीने के लिए कच्चे तेल का प्रोडक्शन बढ़ाने का फैसला किया है. ग्रुप ने रोजाना 1.88 लाख बैरल प्रोडक्शन बढ़ाने को मंजूरी दी है. इस फैसले के साथ 2023 में शुरू की गई एक बड़ी वॉलंटरी प्रोडक्शन कटौती पूरी तरह खत्म हो जाएगी. हालांकि दुनिया के कई हिस्सों में जारी युद्धों के कारण तेल की सप्लाई पर दबाव बना हुआ है. ऐसे में प्रोडक्शन बढ़ने के बावजूद ग्लोबल ऑयल मार्केट पर इसका असर सीमित रह सकता है.
सितंबर में कितना बढ़ाया तेल प्रोडक्शन
ओपेक प्लस के सात प्रमुख देशों ने सितंबर के लिए तेल प्रोडक्शन रोजाना 1.88 लाख बैरल बढ़ाने पर सहमति जताई है. इसमें सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, अल्जीरिया, कजाखस्तान और ओमान शामिल हैं. सितंबर की इस बढ़ोतरी के बाद 2023 में लागू की गई 16.5 लाख बैरल रोजाना की स्वैच्छिक प्रोडक्शन कटौती पूरी तरह खत्म हो जाएगी. इससे ओपेक प्लस की तेल प्रोडक्शन नीति में बड़ा बदलाव आएगा. बाजार के लिए यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि इससे कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ सकती है.
प्रोडक्शन बढ़ने के बाद भी सप्लाई का दबाव कम
ओपेक प्लस ने 2026 में हर महीने तेल प्रोडक्शन बढ़ाया है. इसके बावजूद ग्लोबल मार्केट में अतिरिक्त तेल की सप्लाई का असर अभी तक बहुत ज्यादा नहीं दिखा है. इसकी वजह खाड़ी क्षेत्र, रूस और कजाखस्तान से तेल निर्यात में आई रुकावट है. ईरान और यूक्रेन से जुडे़ युद्धों के कारण कई जगह एनर्जी सप्लाई प्रभावित हुई है. ऐसे में ओपेक प्लस की ओर से प्रोडक्शन बढ़ाने के बावजूद बाजार में अतिरिक्त सप्लाई का दबाव सीमित रह सकता है.
क्या चौथी तिमाही में रुक सकता है प्रोडक्शन बढना
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ओपेक प्लस अक्टूबर से दिसंबर के बीच भी प्रोडक्शन बढ़ाएगा या नहीं. बैठक से पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि ग्रुप 2026 की चौथी तिमाही में प्रोडक्शन बढ़ाने पर रोक लगा सकता है. हालांकि बैठक के बाद जारी बयान में अक्टूबर से दिसंबर की प्रोडक्शन योजना पर कोई साफ जानकारी नहीं दी गई. इससे बाजार में ओपेक प्लस की अगली रणनीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. सितंबर के बाद आगे का फैसला बाजार की स्थिति देखकर लिया जा सकता है.
2023 की कटौती खत्म लेकिन एक और कटौती जारी
सितंबर में प्रोडक्शन बढ़ने के बाद 2023 में शुरू की गई 16.5 लाख बैरल रोजाना की स्वैच्छिक कटौती पूरी तरह खत्म हो जाएगी. हालांकि ओपेक प्लस की एक दूसरी प्रोडक्शन कटौती अभी भी लागू है. करीब 20 लाख बैरल रोजाना की यह कटौती 2022 में लागू की गई थी. इसे 2026 के अंत तक जारी रखने की योजना है. इस कटौती का असर ओपेक प्लस के ज्यादातर सदस्य देशों के प्रोडक्शन पर पड़ता है.
यह भी पढ़ें- LPG उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर! 16 अगस्त तक पूरा कर लें यह काम, नहीं तो महंगा पड़ सकता है गैस सिलेंडर
6 सितंबर की बैठक पर बाजार की नजर
ओपेक प्लस की अगली बैठक 6 सितंबर को होनी है. इस बैठक में ग्रुप मौजूदा तेल बाजार की स्थिति की समीक्षा करेगा. इसके बाद 2026 के बाकी हिस्से के लिए प्रोडक्शन नीति को लेकर फैसला हो सकता है. इस बीच सदस्य देशों की प्रोडक्शन क्षमता की भी समीक्षा की जा रही है. इसी समीक्षा के आधार पर 2027 से प्रोडक्शन की नई बेसलाइन और कोटा तय किए जाएंगे. कुछ देश अपनी बढी प्रोडक्शन क्षमता के आधार पर ज्यादा कोटा की मांग कर सकते हैं.
Latest Stories
न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों की एंट्री की तैयारी, SHANTI Act के नियमों का ड्राफ्ट तैयार; नियमों पर मंथन जारी
Iran War: सरकार का अनुमान ₹75000 करोड़ के घाटे का था, लेकिन तेल कंपनियों का नुकसान 25% से भी कम
LPG उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर! 16 अगस्त तक पूरा कर लें यह काम, नहीं तो महंगा पड़ सकता है गैस सिलेंडर
