ईरान के खिलाफ ट्रंप की नई रणनीति, मिलिट्री एक्शन से ज्यादा इकोनॉमिक प्रेशर पर जोर

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नई रणनीति के संकेत दिए हैं. यूएस फिलहाल नए मिलिट्री एक्शन के बजाय ईरान पर इकोनॉमिक प्रेशर बढ़ाने पर फोकस कर रहा है. ट्रंप ने ईरान की खराब इकोनॉमिक कंडीशन, बढ़ती इन्फ्लेशन और यूएस नेवल ब्लॉकेड के असर का जिक्र किया. वहीं, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा खोलने को लेकर ईरान की डिमांड्स ने दोनों देशों के बीच एग्रीमेंट की राह मुश्किल कर दी है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. Image Credit: money9live

Donald Trump Iran: यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति में फिलहाल बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं. महीनों से चल रहे मिलिट्री स्ट्राइक्स, सैंक्शंस और नेवल ब्लॉकेड के बीच ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका इस समय ईरान पर नए मिलिट्री एक्शन के बजाय उसके इकोनॉमिक क्राइसिस पर नजर रख रहा है. ट्रंप ने एक्सियोस को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका फिलहाल ईरान के साथ बातचीत को लो की रख रहा है और वहां बढ़ती इन्फ्लेशन तथा इकोनॉमिक क्राइसिस के असर को देख रहा है.

मिलिट्री एक्शन से अलग रास्ता

ट्रंप ने कहा, “वी आर लो कीइंग इट.” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका ईरान पर तत्काल कोई बड़ा मिलिट्री कदम उठाने के बजाय इकोनॉमिक प्रेशर के असर का इंतजार कर रहा है. ट्रंप के मुताबिक, ईरान की इकोनॉमिक कंडीशन बेहद खराब हो चुकी है और उसके पास अपने ट्रूप्स को भुगतान करने के लिए भी पर्याप्त पैसा नहीं है. उन्होंने दावा किया कि यूएस नेवल ब्लॉकेड ने ईरान की इकोनॉमिक प्रॉब्लम्स को और बढ़ा दिया है.

एक सप्ताह पहले तक बढ़ रहा था मिलिट्री एक्शन का खतरा

ट्रंप का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि करीब एक सप्ताह पहले तक अमेरिका और ईरान के बीच मिलिट्री कॉन्फ्रंटेशन बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी. ट्रंप मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस दोबारा शुरू करने के करीब पहुंच गए थे. हालांकि, अब उनके ताजा बयान से संकेत मिल रहा है कि वॉशिंगटन फिलहाल सीधे मिलिट्री एस्केलेशन से बचते हुए इकोनॉमिक प्रेशर को अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बना रहा है.

ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत में देरी या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने को लेकर भी कोई खास नाराजगी नहीं दिखाई. ईरान ने शनिवार को स्ट्रैटेजिक वॉटरवे से शिपिंग दोबारा शुरू करने के लिए अपनी नई डिमांड्स सामने रखी थीं.

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर अटका है बड़ा समझौता

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा खोलना अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए सबसे अहम मुद्दों में से एक बन गया है. यह वॉटरवे ग्लोबल ऑयल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यहां लंबे समय तक किसी भी तरह की डिसरप्शन से इंटरनेशनल एनर्जी मार्केट्स में वोलैटिलिटी बढ़ सकती है और दुनिया भर में ऑयल प्राइसेज पर दबाव बन सकता है.

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल शिपिंग को सामान्य रूप से शुरू करने के बदले कई बड़ी डिमांड्स रखी हैं. इनमें बिलियंस ऑफ डॉलर्स के पेमेंट्स, यूएस नेवल ब्लॉकेड को खत्म करना और रीजन से अमेरिकन फोर्सेज की पूरी विदड्रॉल जैसी डिमांड्स शामिल हैं.

ईरान की इन डिमांड्स ने वॉशिंगटन के लिए किसी एग्रीमेंट तक पहुंचना मुश्किल कर दिया है. इसके अलावा तेहरान के पास मिसाइल और ड्रोन कैपेबिलिटीज के जरिए मैरिटाइम ट्रैफिक को प्रभावित करने की क्षमता है. इसी वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर जारी गतिरोध का असर ग्लोबल कमर्शियल शिपिंग और एनर्जी मार्केट्स पर भी पड़ रहा है.

ट्रंप ने ऑयल प्राइसेज को लेकर कही बड़ी बात

ट्रंप ने कहा कि ऑयल प्राइसेज फिलहाल 75 डॉलर प्रति बैरल से थोड़ा ऊपर हैं. उनके मुताबिक, इस वजह से यूएस कंज्यूमर्स को वॉर का असर उतना ज्यादा महसूस नहीं हो रहा है. ट्रंप ने कहा कि अंत में स्थिति ठीक हो जाएगी और इसकी तुलना उन्होंने चेस गेम से की. उन्होंने कहा, “इट विल वर्क आउट. इट ऑलवेज वर्क्स आउट. इट्स लाइक अ चेस गेम.”

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