भारत को मिलेगा वेनेजुएला का तेल! ट्रंप के हाथ में रहेगी चाबी, लागू होंगी खास शर्तें, जानें क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला
अमेरिका ने भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की मंजूरी देने का बड़ा संकेत दिया है. ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि भारत अब अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के लिए वेनेजुएला का कच्चा तेल खरीद सकता है. यह व्यापार अमेरिका के कड़े नियंत्रण वाले नए ढांचे के तहत होगा, जिसमें वाशिंगटन तेल की बिक्री और राजस्व पर पूरी निगरानी रखेगा. सालों से प्रतिबंधों के कारण बंद यह रास्ता अब फिर खुलने जा रहा है.
Venezuelan oil: अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर है. ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि भारत अब वेनेजुएला से तेल खरीद सकता है. यह तेल अमेरिका के कड़े नियंत्रण वाले नए ढांचे के तहत मिलेगा. सालों से अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से यह व्यापार बंद था. अब भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के लिए फिर से वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल खरीद सकेगा. अमेरिका ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को हटाने के बाद तेल पर अपना नियंत्रण बढ़ा लिया है.
भारत फिर से तेल खरीदेगा
ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी IANS को बताया कि अमेरिका भारत को वेनेजुएला का तेल बेचने के लिए तैयार है. लेकिन उन्होंने जोर दिया कि अभी इसकी पूरी डिटेल्स तय की जा रही हैं. अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस्टोफर राइट ने फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि वेनेजुएला का तेल फिर से बहने लगा है, लेकिन अमेरिकी सरकार इसकी मार्केटिंग करेगी. पैसा अमेरिका के नियंत्रित खातों में जाएगा. राइट ने कहा कि अमेरिका लगभग सभी देशों को यह तेल बेचने के लिए तैयार है. भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए यह फैसला भारत के लिए बहुत फायदेमंद है.
तेल अमेरिका बेचेगा और पैसा कंट्रोल करेगा
अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल पर पूरा नियंत्रण ले लिया है. वहां के तेल भंडार में 30 से 50 मिलियन बैरल तेल फंसा हुआ है. अमेरिका इसे बेचेगा और आगे होने वाले उत्पादन से भी बिक्री जारी रखेगा. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस तेल को रिफाइन कर बेचेगा. पैसा अमेरिकी सरकार के खातों में जाएगा, जो वेनेजुएला और अमेरिका के लोगों के फायदे के लिए इस्तेमाल होगा. मदुरो के हटने के बाद यह नया इंतजाम किया गया है. अमेरिका तय करेगा कि कौन-कौन सी कंपनियां वेनेजुएला में निवेश कर सकती हैं.
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला
पहले भारत वेनेजुएला से तेल खरीदता था, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों से यह व्यापार रुक गया. अब भारत अपनी बढ़ती तेल मांग को पूरा करने के लिए आपूर्ति विविधता कर सकता है. रिफाइनरियां तेजी से चल रही हैं और मांग बढ़ रही है. यह फैसला भारत को रूस जैसे अन्य स्रोतों पर कम निर्भर बनाने में मदद करेगा. अमेरिका ने कहा कि तेल की कुछ खेपें भारत जैसे गैर-अमेरिकी देशों को भी मिल सकती हैं, लेकिन सब कुछ अमेरिकी निगरानी में होगा.