Vodafone Idea को AGR में मिली 23,649 करोड़ रुपये की बड़ी राहत, DoT ने बकाया घटाकर 64,046 करोड़ किया
यह बदलाव DoT की एक कमेटी द्वारा कंपनी की देनदारियों की समीक्षा करने के बाद आया है. DoT ने कहा कि एक खास कमेटी द्वारा तय की गई यह रकम किस्तों में चुकाई जाएगी. दिसंबर में सरकार ने Vi के बकाए पर आंशिक रोक को मंजूरी दे दी थी.

Vodafone Idea ने गुरुवार को बताया कि सरकार ने उसके लंबे समय से अटके एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाए को 64,046 करोड़ रुपये पर तय कर दिया है, जो पहले के 87,695 करोड़ रुपये से कम है. 31 दिसंबर 2025 तक के बकाए को 64,046 करोड़ रुपये पर अंतिम रूप दिया गया है, जबकि पहले यह अनुमान 87,695 करोड़ रुपये पर स्थिर था. इससे कंपनी को 23,649 करोड़ रुपये की राहत मिली है.
यह बदलाव DoT की एक कमेटी द्वारा कंपनी की देनदारियों की समीक्षा करने के बाद आया है. यह समीक्षा भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक की गई थी, जिसमें सरकार को AGR कैलकुलेशन से जुड़ी शिकायतों पर विचार करने की अनुमति दी गई थी.
किस्तों में चुकाई जाएगी रकम
DoT ने कहा कि एक खास कमेटी द्वारा तय की गई यह रकम किस्तों में चुकाई जाएगी. इसमें FY32 से शुरू होने वाले चार साल तक हर साल कम से कम 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे, और बाकी बची रकम FY36 से FY41 तक छह बराबर सालाना किस्तों में चुकाई जाएगी. यह बकाया AGR की गणना करने के सरकारी तरीके को लेकर चल रहे एक लंबे कानूनी विवाद से जुड़ा है. टेलीकॉम ऑपरेटरों ने इस तरीके का विरोध किया था, क्योंकि इसी पैमाने के आधार पर लाइसेंस फीस और अन्य बकाया राशि तय होती है.
वोडा-आइडिया के लिए राहत
दिसंबर में सरकार ने Vi के बकाए पर आंशिक रोक को मंजूरी दे दी थी. इसके तहत बकाए को 87,695 करोड़ रुपये पर फ्रीज कर दिया गया और रीपेमेंट को 2030 के दशक तक के लिए टाल दिया गया. इससे कर्ज में डूबी इस कंपनी को नजदीकी समय में कैश फ्लो में राहत मिली.
DoT के इस फैसले से टेलीकॉम ऑपरेटर को एक और राहत मिली है, जिसे मार्च 2026 में 16,400 करोड़ रुपये का पेमेंट करना था. कंपनी अभी भी कानूनी बकाए समेत लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के कुल कर्ज के बोझ से जूझ रही है. हालांकि, इस ताजा राहत से कंपनी की नई फंडिंग जुटाने और अपने बड़े प्रतिद्वंद्वियों Reliance Jio और Bharti Airtel से मुकाबला करने के लिए नेटवर्क सुधार में निवेश करने की क्षमता काफी मजबूत हुई है.
कंपनी ने क्या कहा?
एक बयान में Vodafone Idea ने कहा कि यह दोबारा आकलन एक चल रही प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसके तहत DoT ने पहले बकाया राशि को फ्रीज़ कर दिया था. यह समीक्षा और एक नामित समिति द्वारा अंतिम मंजूरी के अधीन था. कंपनी ने आगे बताया कि उसे अब 30 अप्रैल, 2026 की तारीख वाले एक पत्र के जरिए संशोधित राशि के बारे में औपचारिक रूप से सूचित कर दिया गया है.
सरकार की हिस्सेदारी
सरकार ने भारत की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी को बचाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं. 2021 के टेलीकॉम राहत पैकेज के तहत, सरकार ने Vi के बकाया का एक हिस्सा इक्विटी में बदल दिया, जिससे आखिरकार उसकी हिस्सेदारी बढ़कर 48.99 फीसदी हो गई और वह कंपनी की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बन गई.
फरवरी 2023 में टले हुए स्पेक्ट्रम और AGR बकाए पर लगभग 16,000 करोड़ रुपये का ब्याज इक्विटी में बदल दिया गया, जिससे उस समय सरकार को लगभग 33% हिस्सेदारी मिली. इसके बाद अप्रैल 2025 में स्पेक्ट्रम नीलामी के बकाए में से अतिरिक्त 36,950 करोड़ रुपये को इक्विटी में बदल दिया गया.