क्या होता है Bulk Diesel, जिसे ₹149 प्रति लीटर बेच रही हैं तेल कंपनियां? जानें, क्यों है रिटेल डीजल से ₹54 महंगा
देश में बल्क डीजल और रिटेल डीजल की कीमतों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. जहां आम लोगों को मिलने वाला रिटेल डीजल लगभग 95 रुपये प्रति लीटर है, वहीं कंपनियों को सप्लाई होने वाला बल्क डीजल काफी महंगा बिक रहा है. इसी बीच सरकार ने उद्योगों की डीजल खरीद पर निगरानी बढ़ा दी है. आइए समझते हैं बल्क डीजल क्या होता है और यह इतना महंगा क्यों है?

What is Bulk Diesel Price : देश में बल्क डीजल और रिटेल डीजल की कीमतों में बड़े अंतर के बीच सरकार ने उद्योगों और बड़े संस्थानों की डीजल खरीद पर निगरानी बढ़ा दी है. आरोप है कि कुछ कंपनियां महंगे बल्क डीजल की बजाय आम लोगों के लिए तय रिटेल डीजल का इस्तेमाल कर रही हैं. ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. आखिर क्या होता है बल्क डीजल, यह सामान्य डीजल से कितना अलग है और इसकी कीमत रिटेल डीजल से करीब 54 रुपये ज्यादा क्यों है? इस रिपोर्ट में इन सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं.
क्या होता है बल्क डीजल?
बल्क डीजल वह सुविधा होती है, जिसमें बड़ी मात्रा में डीजल सीधे कंपनियों, फैक्ट्रियों, ट्रांसपोर्ट कंपनियों या बड़े संस्थानों को सप्लाई किया जाता है. इसके लिए ग्राहकों के पास डीजल स्टोर करने और मैनेज करने की खास व्यवस्था होती है. इंडियनऑयल जैसी कंपनियां ग्राहकों की जरूरत और खपत के हिसाब से समय पर डीजल उपलब्ध कराती हैं. इससे बार-बार कम मात्रा में डीजल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती और लागत भी कम होती है.
रेलवे, पावर प्लांट, ट्रांसपोर्ट कंपनियां और बड़े इंडस्ट्रीज लंबे समय के लिए बल्क डीजल सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट करते हैं, ताकि उन्हें लगातार और बिना रुकावट ईंधन मिलता रहे. यह सामान्य डीजल की तरह ही होता, फर्क सिर्फ कस्टमर का होता है. जब आम उपभोक्ता डीजल खरीदते हैं तो उसे रिटेल डीजल कहा जाता है, जबकि कंपनियों या फैक्ट्रियों की ओर से खरीदने वाले डीजल को बल्क डीजल कहते हैं.
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रिटेल डीजल से क्यों महंगा होता है बल्क डीजल?
बल्क डीजल सामान्य डीजल की तुलना में कई बार महंगा पड़ सकता है, क्योंकि इसकी सप्लाई सीधे ग्राहकों के परिसर तक की जाती है. इसमें ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज, डिलीवरी और विशेष हैंडलिंग की अतिरिक्त लागत जुड़ जाती है. कंपनियों को बड़े स्तर पर लगातार ईंधन उपलब्ध कराने के लिए अलग लॉजिस्टिक और सप्लाई सिस्टम बनाए रखना पड़ता है.
इसके अलावा, बाजार की कीमतों और टैक्स स्ट्रक्चर के आधार पर भी बल्क डीजल के रेट बदलते रहते हैं. हालांकि, बड़े उद्योग और ट्रांसपोर्ट कंपनियां नियमित और निर्बाध सप्लाई के लिए बल्क डीजल को प्राथमिकता देती हैं. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर बल्क डीजल के भाव पर पड़ता है.
रिटेल डीजल से ₹53.8 महंगा है बल्क डीजल
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से रिटेल मार्केट में होने वाले नुकसान को कुछ हद तक तेल कंपनियां उठाती हैं. यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल के दाम अचानक नहीं बढ़ते हैं. लेकिन बल्क डीजल का कच्चे तेल की कीमतों से सीधा असर होता है. क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने से बल्क डीजल महंगा होता है. इसलिए मौजूदा वक्त में रिटेल डीजल की तुलना में बल्क डीजल 53.8 रुपये महंगा है. दिल्ली में 28 मई 2026 को रिटेल डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है, जबकि बल्क डीजल 149 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.