आम लोगों के हिस्से का पेट्रोल-डीजल खरीद रहे उद्योग! सरकार ने बढ़ाई निगरानी, हो सकती है कानूनी कार्रवाई
सरकार ने औद्योगिक उपभोक्ताओं द्वारा रिटेल पेट्रोल पंपों से डीजल और पेट्रोल खरीदने पर सख्त नाराजगी जताई है. सरकार का कहना है कि इससे सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है और आम लोगों के लिए ईंधन की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है. राज्यों को ऐसे मामलों पर कार्रवाई करने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
Industril Buying of Petrol Diesel : देश में बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच सरकार ने औद्योगिक उपभोक्ताओं को चेतावनी दी है कि वे रिटेल पेट्रोल पंपों से डीजल और पेट्रोल की खरीद न करें. सरकार का कहना है कि इससे सरकारी तेल कंपनियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और आम लोगों के लिए ईंधन की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
सरकारी तेल कंपनियों को हो रहा भारी नुकसान
सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस पर रोजाना करीब 550 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं. सरकार आम उपभोक्ताओं, किसानों और दोपहिया वाहन चालकों को राहत देने के लिए रिटेल कीमतों को नियंत्रित रखे हुए है. लेकिन औद्योगिक ग्राहकों के लिए ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से तय होती हैं, जिससे दोनों कीमतों में बड़ा अंतर आ गया है. अब औद्योगिक उपभोक्ताओं बल्क सप्लाई छोड़कर रिटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे उन्हें कम कीमत पर पेट्रोल-डीजल मिल रहा है.
सस्ते रिटेल ईंधन का फायदा उठा रहे उद्योग
दिल्ली में 28 मई को रिटेल डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है, जबकि बल्क डीजल 149 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. ऐसे में कई औद्योगिक उपभोक्ता बल्क सप्लाई छोड़कर रिटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद रहे हैं. सरकार का कहना है कि इससे आम जनता के लिए उपलब्ध ईंधन पर दबाव बढ़ता है और कुछ इलाकों में कमी की स्थिति बन सकती है.
राज्यों को कार्रवाई के निर्देश
सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से विशेष टीमें बनाकर कड़ी निगरानी करने को कहा है. साथ ही कालाबाजारी, अवैध भंडारण और ईंधन की गलत तरीके से बिक्री करने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और सभी जरूरतों को पूरा किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: बिना EMI के मिल रहा लोन! जानें ओवरड्राफ्ट-पर्सनल लोन में क्या है फर्क, आपके लिए कौन-सा ऑप्शन है बेस्ट
Latest Stories
स्टील इंडस्ट्री के लिए शुरू होगी नई हेजिंग व्यवस्था, MSME से लेकर इंफ्रा कंपनियों तक को बड़ा फायदा
Gold-Silver Market Crash: सोना 1.61 लाख और चांदी 2.69 लाख पर फिसली, क्या ये खरीदारी का सही मौका?
2025 में 65% उछला सोना, अब ICICI Bank Global Markets की बड़ी भविष्यवाणी; 2027 तक यहां पहुंचेगी कीमत
