PM MODI के बयान से क्यों बढ़ी बाजार की चिंता, डॉलर बचाने का सुझाव क्यों दे रहें निलेश शाह
भारत के शेयर बाजार की बात जब भी होती है तो कुछ नाम ऐसे हैं जिनकी राय को निवेशक बहुत गंभीरता से सुनते हैं. उन्हीं में से एक नाम है रामदेव अग्रवाल. यह सिर्फ एक बड़े निवेशक नहीं है बल्कि मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसियल सर्विज के कोफाउंडर भी हैं. पिछले कई दशकों में इन्होंने भारतीय शेयर बाजार में वेल्थ क्रिएशन को बहुत करीब से देखा है. बाजार में कंपाउंडिंग और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टिंग की फिलॉसफी को पॉपुलर बनाने वाले लोगों में उनका नाम अच्छा गिना जाता है. उनके हिसाब से अगर इंडियन इकॉनमी आने वाले वर्षों में मजबूत ग्रोथ देती है तो कॉर्पोरेट अर्निंग बढ़ती रही और फाइनेंशियलाइजेशन का ट्रेंड है.
