₹8,550 करोड़ लगाकर भी Meta को नहीं मिलेगा CRED यूजर्स का डेटा, फिर कंपनी को इस डील से क्या फायदा?
Meta ने CRED में करीब ₹8,550 करोड़ का निवेश कर 20% हिस्सेदारी खरीदी है, लेकिन कंपनी के 1.7 करोड़ सदस्यों के डेटा तक उसकी कोई पहुंच नहीं होगी. इस डील से CRED को IPO से पहले मजबूत पूंजी, नई ग्रोथ और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ संभावित साझेदारी का रास्ता मिल सकता है, जबकि यूजर प्राइवेसी बरकरार रहेगी.
टेक जगत और फिनटेक सेक्टर से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है. दुनिया की दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी मेटा (Meta) भारत के मशहूर फिनटेक प्लेटफॉर्म क्रेड (CRED) में ₹8,550 करोड़ ($900 मिलियन) का भारी-भरकम निवेश करने जा रही है.
इस मेगा डील के जरिए मेटा को क्रेड में 20% की बड़ी हिस्सेदारी मिलेगी. लेकिन इस पूरी डील की सबसे हैरान करने वाली और दिलचस्प बात यह है कि इतना बड़ा निवेशक बनने के बावजूद मेटा को क्रेड के यूजर्स का कोई डेटा नहीं मिलेगा. क्रेड ने अपने यूजर्स के भरोसे को बनाए रखने के लिए डेटा एक्सेस पर पूरी तरह ‘नो एंट्री’ का बोर्ड लगा दिया है.
यूजर्स का डेटा सुरक्षित
क्रेड के पास वर्तमान में लगभग 1.7 करोड़ प्रीमियम मेंबर्स हैं. ये वो लोग हैं जिनका सिबिल स्कोर शानदार है और जो क्रेड पर अपने क्रेडिट कार्ड बिल, बैंकिंग और खर्चों से जुड़ा बेहद संवेदनशील फाइनेंशियल डेटा शेयर करते हैं. मेटा जैसी विज्ञापन-आधारित कंपनी को इस डेटा से दूर रखकर क्रेड ने दो बड़े निशाने साधे हैं.
पहला, इससे यूजर्स का भरोसा मजबूत रहेगा और दूसरा, कंपनी भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट और सख्त वित्तीय नियमों के दायरे में सुरक्षित रहेगी.
बदलेगी क्रेड की कमान
इस ऐतिहासिक डील के साथ ही क्रेड में एक बड़ा लीडरशिप बदलाव भी हो रहा है. कंपनी के फाउंडर कुणाल शाह करीब 8 साल तक कमान संभालने के बाद अब रोजमर्रा के कामकाज से अलग हो रहे हैं. उनकी जगह मितन संपत कंपनी के अंतरिम सीईओ का पद संभालेंगे. साल 2020 से क्रेड की स्ट्रेटेजी और फाइनेंस देख रहे संपत के कंधों पर अब कंपनी को मुनाफे और आईपीओ की ओर ले जाने की जिम्मेदारी होगी.
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बिना डेटा शेयर किए कैसे होगा फायदा?
भले ही मेटा को डेटा न मिले, लेकिन इस पार्टनरशिप से क्रेड को बड़ा रणनीतिक फायदा होगा. कंपनी को व्हाट्सएप (WhatsApp) के विशाल यूजर बेस का सपोर्ट मिल सकता है. भविष्य में यूजर्स की प्राइवेसी को सुरक्षित रखते हुए व्हाट्सएप के भीतर ही क्रेडिट कार्ड पेमेंट रिमाइंडर या अन्य वित्तीय सेवाएं शुरू की जा सकती हैं.
फिलहाल, क्रेड की सालाना कमाई करीब ₹3,200 करोड़ है और इसने हाल ही में अपना पहला प्रॉफिटेबल क्वार्टर दर्ज किया है. इस नए ₹8,550 करोड़ के फंड का इस्तेमाल क्रेड अपने लोन बिजनेस (जो पहले से ₹24,000 करोड़ का एसेट मैनेज कर रहा है), इंश्योरेंस और वेल्थ मैनेजमेंट को बढ़ाने में करेगी.