कच्चा तेल सस्ता… तो क्या अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी होगी कटौती? जानें- पेट्रोलियम मंत्री ने क्या कहा
पुरी ने कहा कि दुनिया भर में आई रुकावटों के बावजूद भारत में ईंधन की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रही. ऊर्जा आयात में डायवर्सिफिकेशन लाने की भारत की रणनीति पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा, 'हम उन देशों के साथ भी व्यापार कर रहे हैं जिनके साथ पहले हमारा कोई व्यापार नहीं था.

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि वेस्ट एशिया में संघर्ष के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी से, 30 जून तक पेट्रोल-डीजल और LPG की बिक्री पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. आर्थिक असर के बारे में बताते हुए पुरी ने कहा, ‘अप्रैल-जून के दौरान पेट्रोल पर OMCs की अंडर-रिकवरी 19,905 करोड़ रुपये है. डीजल पर अंडर-रिकवरी 1.44 लाख करोड़ रुपये है.
अप्रैल-जून के दौरान LPG पर अंडर-रिकवरी 24,148 करोड़ रुपये है. अप्रैल-जून के दौरान कुल अंडर-रिकवरी 1.88 लाख करोड़ रुपये है.’
अंडर-रिकवरी
उन्होंने आगे कहा, ‘पिछले साल LPG पर OMCs को हुई ‘अंडर-रिकवरी’ (लागत से कम वसूली) को मिलाकर, OMCs को कुल 2.1 लाख करोड़ रुपये की ‘अंडर-रिकवरी’ हुई है.’ कुल नुकसान के बारे में मंत्री ने कहा, ‘अप्रैल-जून के दौरान OMCs को कुल 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.’
पर्याप्त स्टॉक मौजूद
पुरी ने कहा कि दुनिया भर में आई रुकावटों के बावजूद भारत में ईंधन की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रही. उन्होंने कहा कि सबसे मुश्किल समय में भी अलग-अलग स्रोतों से सप्लाई लेने की वजह से हमारे पास हमेशा क्रूड ऑयल, डीजल और LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद रहा.
क्या कम होंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की संभावना पर पुरी ने कहा कि अभी जो कच्चा तेल प्रोसेस किया जा रहा है, उसे तब खरीदा गया था जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें और ढुलाई का खर्च काफी ज्यादा था. उन्होंने कहा अभी जो पेट्रोल और डीजल प्रोसेस हो रहा है, उसकी कीमत ज्यादा कच्चे तेल और ढुलाई खर्च के हिसाब से तय हुई है, क्योंकि इसे दो महीने पहले ही बुक कर लिया गया था. अगर ऐसा ही चलता रहा, तो हम देखेंगे.’
डायवर्सिफिकेशन की रणनीति
ऊर्जा आयात में डायवर्सिफिकेशन लाने की भारत की रणनीति पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा, ‘हम उन देशों के साथ भी व्यापार कर रहे हैं जिनके साथ पहले हमारा कोई व्यापार नहीं था. हमें अमेरिका से (LPG के लिए) बहुत सारे कार्गो मिले जो पहले से ही पाइपलाइन में थे. डायवर्सिफिकेशन लाने का काम पहले ही शुरू हो गया था, न कि पिछले चार महीनों में.’ उन्होंने कहा कि भारतीय रिफाइनरियां अलग-अलग ग्रेड के कच्चे तेल को प्रोसेस करने में सक्षम हैं.
पुरी ने कहा कि हमारी रिफाइनरियां अलग-अलग तरह के कच्चे तेल को प्रोसेस करने के लिए तैयार हैं. इसलिए जब वेनेजुएला का कच्चा तेल उपलब्ध हुआ, तो हमने उनसे खरीदना शुरू कर दिया.’
तेल की कीमत बढ़ने की चिंता नहीं
ग्लोबल ऑयल मार्केट में भविष्य में होने वाले उतार-चढ़ाव की तैयारियों पर पुरी ने कहा, ‘मुझे तेल की कीमतें (बढ़ने) की चिंता नहीं है, लेकिन मुझे इसके लिए तैयारी करनी होगी. अपनी स्टोरेज क्षमता बढ़ाना, द्विपक्षीय साझेदारों के साथ संपर्क बढ़ाना – ये सभी काम साथ-साथ चलेंगे.’