विश्व में मची आर्थिक उथल-पुथल के बीच चमक रहा भारत, WITT में बोले माय होम ग्रुप के एग्जीक्यूटिव VC- रामू राव जुपल्ली

दुनिया के सामने कई तरह के संकट मंडरा रहे हैं. संकट की वजह से पूरे विश्व में आर्थिक उथल-पुथल मची हुई है. भारत भी इससे अछूता नहीं है, लेकिन हमारा देश काम करने के खास तरीके और संकल्प की मिसाल बनकर उभरा है.

माय होम ग्रुप के एग्जीक्यूटिव VC- रामू राव जुपल्ली Image Credit: Tv9 Network

WITT Summit 2026: टीवी9 नेटवर्क के महामंच ‘व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे समिट’ (WITT) के पहले दिन माय होम ग्रुप के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन रामू राव जुपल्ली ने कहा, ‘हम आज इतिहास के एक दिलचस्‍प मोड़ पर खड़े हैं. दुनिया के सामने कई तरह के संकट मंडरा रहे हैं. संकट की वजह से पूरे विश्व में आर्थिक उथल-पुथल मची हुई है. भारत भी इससे अछूता नहीं है, लेकिन हमारा देश काम करने के खास तरीके और संकल्प की मिसाल बनकर उभरा है.’

जैसा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा कहते हैं, “दुनिया भारत के युवाओं को आशा और विश्वास की नजर से देख रही है क्‍योंकि भारत में लोकतंत्र, जनसंख्या और विविधता की शक्ति है.”

यह वास्तव में हमारे प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का ही परिणाम है कि भारत को अलग-अलग क्षेत्रों और शासन व्यवस्थाओं में सकारात्मक नजरिए से देखा जाता है.

इतिहास रचती भारत की अर्थव्‍यवस्‍था

उन्‍होंने कहा, ‘भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है. यह लगातार 7 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर वाली एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है. मजबूत आर्थिक आधार और योग्यता-आधारित नीतियों के कारण भारत वास्तव में दुनिया के श्रम बाजार को नया रूप दे रहा है.’

भारत का “डिजिटल फर्स्ट” मॉडल बहुत खास है क्योंकि यह विकसित अर्थव्यवस्था में सीमाओं से परे प्रतिभाओं की तलाश कर रहा है. यह माननीय प्रधानमंत्री की ‘युवा’ और ‘डिजिटल विकास’ नाम के दो स्‍तंभ के कारण संभव हो पाया है. उन्‍होंने देश में कारोबार करना आसान बनाया और देश में रहन-सहन के तरीके में सुधार किया.

भारत टैलेंट का केंद्र

वह कहते हैं, ‘वर्तमान में दुनिया स्किल्‍ड लेबर की कमी से जूझ रही है. जर्मनी के पुराने उद्योगों से लेकर कनाडा के तकनीकी केंद्रों और GCC क्षेत्र की अलग-अलग अर्थव्यवस्थाओं तक, क्‍वॉलिटी टैलेंट यानी गुणवत्तापूर्ण प्रतिभा की जरूरत है. भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जो इस मांग को बड़े पैमाने पर पूरा करने में सक्षम है. वह भी विनम्रता के साथ.’

मेरा मानना है कि भारत के लोगों की प्रतिभा की खासियत सात बड़े स्तंभों पर टिकी है. इन सभी स्तंभों की नींव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हाल के वर्षों में शुरू किए गए नीतिगत ढांचे से हुई है.

1- भारतीय जनसंख्‍या का फायदा: जहां बाकी दुनिया बूढ़ी हो रही है, वहीं भारत युवा देश बना हुआ है. हम दुनिया की प्रतिभाओं का केंद्र हैं.

2- भाषा पर पकड़: हमारी अंग्रेजी भाषा की क्षमता हमारे कर्मचारियों को किसी भी ग्‍लोबल कॉर्पोरेट कल्‍चर में घुल मिल जाने में सक्षम बनाती है.

3- STEM सेक्‍टर में दक्षता: हम हर साल STEM ग्रेजुएट्स की सबसे अधिक संख्या तैयार करते हैं, जो सिलिकॉन वैली से लेकर बेंगलुरु तक इनोवेशन को बढ़ावा देती है.

4- डिजिटल फर्स्‍ट और डाटा फ्रीडम: दुनियाभर में हमारा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर एक मिसाल है. यह डेटा जनरेशन को आगे बढ़ा रहा है. भारत का डिजिटल पब्लिक गुड्स इकोसिस्‍टम अब दुनियाभर में एक मिसाल बन गया है.

5- भारतीयों में ग्‍लोबल सिटीजन बनने की ताकत: आज भारत के प्रोफेशनल्‍स दुनिया को अपने कैनवास के रूप में देखते हैं और एक ग्‍लोबल सिटीजन बनने की ताकत रखते हैं

6- टेक्‍नोलॉजी माइंडसेट: भारत के शिक्ष‍ित और उत्‍साही युवाओं की सोच तकनीक को प्राथमिकता देने वाली है. अलग-अलग उम्र के भारतीयों का सोशल मीडिया पर सक्रिय होना इस बात का प्रमाण है भारत ने किस कदर तकनीक को अपनाया है.

7- भावनात्मक बुद्धिमत्ता (EQ): भारत भावनात्‍मक बुद्ध‍िमता यानी इमोशनल कोशेंट के लिए भी जाना जाता है. यह भारतीय प्रतिभाओं को संघर्ष और बुरे दौर से निपटने की ताकत देता है.

यह सिर्फ हम ही नहीं कह रहे हैं. दुनिया की सबसे प्रभावशाली हस्तियां भारतीयों पर भरोसा जता रही हैं. नई दिल्ली में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के ऐतिहासिक समापन के दौरान दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं ने इसी बात को दोहराया था.

दूसरी पीढ़ी के उद्यमी के रूप में, मैं इस बदलाव को हर दिन देखता हूं. मेरे जैसे एक अरब से अधिक भारतीय, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक नए भारत का उदय देख रहे हैं.

वैश्‍विक मंच पर भारत को जगह दिलाने के मोदी जी के प्रयासों की दुनिया ने सराहना की है. भारत का सबसे महत्वपूर्ण निर्यात उसकी बुद्धि, कल्पनाशीलता, ईमानदारी और प्रभाव होगा. आइए, हम सभी मिलकर भारत को वैश्विक प्रतिभा राजधानी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हों.

आइए इस पल का हम सब लाभ उठाएं… जैसा कि प्रधानमंत्री ने लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में कहा था- ‘यही समय है.. सही समय है.. भारत का अनमोल समय है…’