दिल्ली-UP-महाराष्ट्र-गुजरात-बिहार-राजस्थान… जानें कहा WFH, कहा ‘नो व्हीकल डे’; देखे पूरी लिस्ट

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से कई अहम अपीलें की हैं. उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाने, कारपूलिंग अपनाने और गैरजरूरी खर्चों से बचने को कहा है. प्रधानमंत्री ने यह भी अपील की कि लोग एक साल तक विदेश यात्रा और जरूरत से ज्यादा सोना खरीदने से बचें. इस अपील के बाद अब कई राज्यों की सरकारों ने बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं.

कहीं ‘नो व्हीकल डे’, तो कहीं WFH की वापसी Image Credit: Canva/Money9 live

Modi 7 appeal Reaction: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से कई अहम अपीलें की हैं. उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाने, कारपूलिंग अपनाने और गैरजरूरी खर्चों से बचने को कहा है. प्रधानमंत्री ने यह भी अपील की कि लोग एक साल तक विदेश यात्रा और जरूरत से ज्यादा सोना खरीदने से बचें. इसके अलावा खाने के तेल की खपत कम करने और लोकल प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है.

प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद अब कई राज्यों की सरकारों ने बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं. कहीं सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल में कटौती की जा रही है, तो कहीं Work From Home और ऑनलाइन मीटिंग्स को फिर से बढ़ावा दिया जा रहा है. कई राज्यों में नो व्हीकल डे और मेट्रो के इस्तेमाल जैसे कदम भी उठाए गए हैं. कोरोना काल के दौरान अपनाई गई कई व्यवस्थाएं अब फिर से लागू होती दिखाई दे रही हैं.

दिल्ली में ‘मेट्रो मंडे’ और No Vehicle Day

दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने सरकारी वाहनों के पेट्रोल-डीजल कोटे में 20 फीसदी कटौती का ऐलान किया है. अब हर सोमवार मंत्रियों और अधिकारियों को मेट्रो से सफर करना होगा. सरकार ने “नो व्हीकल डे” मनाने का भी फैसला लिया है.

  • दिल्ली सरकार अगले 6 महीने तक नई सरकारी गाड़ियां नहीं खरीदेगी.
  • जहां संभव होगा वहां हफ्ते में 2 दिन Work From Home भी लागू किया जाएगा.
  • मुख्यमंत्री ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या भी करीब 60 फीसदी तक कम कर दी है.

उत्तर प्रदेश में आधी मीटिंग्स होंगी ऑनलाइन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सरकारी काफिलों में 50 फीसदी तक गाड़ियां कम करने का निर्देश दिया है. उन्होंने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों से हफ्ते में एक दिन सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करने की अपील की है.

  • राज्य सरकार ने विभागों से कहा है कि आधी आंतरिक बैठकें ऑनलाइन की जाएं.
  • कंपनियों और स्टार्टअप्स को भी हफ्ते में कम से कम 2 दिन कर्मचारियों को Work From Home देने की सलाह दी गई है.
  • स्कूलों और कॉलेजों को बसों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं.

महाराष्ट्र में ऑनलाइन मीटिंग्स पर जोर

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने निर्देश दिया है कि मंत्री बिना मंजूरी के सरकारी यात्रा के लिए विमान का इस्तेमाल नहीं करेंगे. कई विभागों में ऑनलाइन मीटिंग्स शुरू कर दी गई हैं. राज्य के कुछ मंत्रियों ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को प्राथमिकता देने और पेट्रोल-डीजल वाहनों का इस्तेमाल कम करने के निर्देश भी दिए हैं.

गुजरात में “Chemical Engine Free Day”

गुजरात में राज्यपाल Acharya Devvrat ने राज्य के भीतर हवाई यात्रा से बचने का फैसला लिया है. वहीं मुख्यमंत्री Bhupendra Patel और कई मंत्रियों ने अपने काफिले छोटे कर दिए हैं.

राज्य की यूनिवर्सिटीज को “Chemical Engine Free Day” मनाने को कहा गया है, जिसमें छात्रों और शिक्षकों को साइकिल, EV और सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

बिहार में क्या-क्या बदला

बिहार सरकार ने भी कई बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. राज्य में ईंधन बचाने और खर्च कम करने पर खास जोर दिया जा रहा है.

  • बिहार में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के काफिलों में गाड़ियों की संख्या कम की जा रही है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्यपाल के काफिले को घटाकर सिर्फ 3 गाड़ियों तक सीमित कर दिया गया है.
  • उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने पटना में अपने सरकारी इस्तेमाल के लिए इलेक्ट्रिक वाहन अपनाया है.
  • राज्य सरकार अब अधिकारियों और मंत्रियों के पेट्रोल-डीजल खर्च पर सीमा तय करने की तैयारी कर रही है. सचिवालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक अधिकारियों के मासिक फ्यूल कोटे में कटौती की योजना बनाई जा रही है.
  • सरकार “नो व्हीकल डे” को बढ़ावा दे रही है और अनावश्यक यात्रा कम करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग्स करने पर जोर दिया जा रहा है.

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी कटौती

राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने अपने काफिले को सिर्फ 5 गाड़ियों तक सीमित कर दिया है. वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी है. राज्यों में अब सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और बिजली बचाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. सरकारों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में ईंधन बचाना और खर्च कम करना देशहित में जरूरी है.

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