इस IPO के GMP ने बढ़ाई निवेशकों की दिलचस्पी, 6.27 गुना हुआ सब्सक्राइब, 1 लॉट पर होगा ₹5880 का मुनाफा!
Indo-MIM IPO को बोली के आखिरी दिन निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला और इश्यू 6.27 गुना सब्सक्राइब हुआ. NII निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई. ग्रे मार्केट में शेयर 196 रुपये के GMP पर कारोबार कर रहे हैं, जो 40% से ज्यादा संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है.

Indo-MIM IPO के लिए निवेशकों का उत्साह आखिरी दिन भी बरकरार रहा. प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी का आईपीओ बोली के तीसरे और आखिरी दिन सुबह 11:12 बजे तक 6.27 गुना सब्सक्राइब हो चुका है. वहीं, ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयर मजबूत प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं, जिससे बाजार में अच्छी लिस्टिंग की उम्मीद जताई जा रही है.
कितना है प्राइस बैंड ?
कंपनी ने IPO के लिए 461-485 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. यह इश्यू करीब 500 करोड़ के फ्रेश इश्यू और 3311.21 करोड़ रुपये के ऑफर फॉर सेल (OFS) का मिश्रण है. OFS के तहत Green Meadows Investments, Anuradha Koduri और Indian Institute of Technology Madras सहित मौजूदा शेयरधारक और प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं. IPO का लॉट साइज 30 इक्विटी शेयर है. ऊपरी प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशकों को न्यूनतम 14,550 रुपये का निवेश करना होगा.
क्या है जीएमपी का हाल?
Investorgain के आंकड़ों के मुताबिक, 27 जुलाई सुबह 11:12 बजे Indo-MIM IPO का आखिरी ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 196 रुपये प्रति शेयर है. ऐसे में 485 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर अनुमानित लिस्टिंग प्राइस 681 रुपये निकलता है, जो करीब 40.41 फीसदी संभावित बढ़त का संकेत देता है.
जुटाई गई रकम का कहां होगा इस्तेमाल?
कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाली नेट इनकम में से 400 करोड़ रुपये का इस्तेमाल बकाया कर्ज चुकाने में करेगी. बाकी राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा. मई 2026 तक कंपनी पर कुल 1,212.3 करोड़ रुपये का समेकित बकाया कर्ज था.
कब होगा अलॉटमेंट और लिस्टिंग?
Indo-MIM IPO के मर्चेंट बैंकर HDFC Bank, Axis Capital, ICICI Securities, Kotak Mahindra Capital Company और SBI Capital Markets हैं. IPO के शेयरों का अलॉटमेंट 28 जुलाई को तय होने की उम्मीद है, जबकि NSE और BSE पर इसकी संभावित लिस्टिंग 30 जुलाई को हो सकती है.
Indo-MIM के बारे में
1996 में स्थापित Indo-MIM मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) तकनीक के जरिए प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट बनाती है. कंपनी ऑटोमोबाइल, डिफेंस, मेडिकल, कंज्यूमर और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए उत्पाद तैयार करती है. यह मोल्ड डिजाइन, टूलिंग, फिनिशिंग और असेंबली जैसी संपूर्ण सेवाएं भी देती है. कंपनी की दुनिया भर में 15 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हैं, जिनमें भारत में 6, अमेरिका में 6, ब्रिटेन में 2 और मेक्सिको में 1 यूनिट शामिल है. FY26 में कंपनी ने 9000 से अधिक प्रकार के उत्पादों का निर्माण किया.
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