NSE IPO के लिए मांग सकती 5.26 लाख करोड़ रुपये तक की वैल्यूएशन, जानें- कब आएगा पब्लिक ऑफर
जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि एक्सचेंज ने संभावित निवेशकों के साथ मीटिंग में अपने शेयरों की कीमत 2,000 रुपये से 2,100 रुपये प्रति शेयर बताई है. एक्सचेंज ने जून में एक ऑफरिंग के लिए अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस जमा किया था, जिसमें पूरी तरह से सेकेंडरी शेयर बिक्री शामिल होगी.

ट्रेडिंग वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) ने अपने प्रस्तावित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए 5.26 लाख करोड़ रुपये ($55 अरब) तक की वैल्यूएशन तय करने का लक्ष्य रखा है. जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि एक्सचेंज ने संभावित निवेशकों के साथ मीटिंग में अपने शेयरों की कीमत 2,000 रुपये से 2,100 रुपये प्रति शेयर बताई है.
ईटी ने इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से लिखा कि NSE ने अपना ज्यादातर ग्लोबल रोड शो पूरा कर लिया है, बस पश्चिम एशिया में कुछ मीटिंग्स अभी बाकी हैं.
NSE ने जमा कर दिया है ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस
जानकारों के मुताबिक, बातचीत चल रही है और डील की डिटेल्स बदल सकती हैं. NSE के एक प्रतिनिधि ने इस बात को दोहराने के अलावा कोई और टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि कंपनी ने भारत के मार्केट रेगुलेटर के पास ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस जमा कर दिया है.
120 बड़े ग्लोबल इन्वेस्टर्स हुए शामिल
जानकारों के अनुसार, भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज ने बोस्टन, न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को, लंदन, सिंगापुर और हांगकांग में कई इन्वेस्टर मीटिंग्स कीं. उन्होंने बताया कि इन मीटिंग्स में लगभग 120 बड़े ग्लोबल इन्वेस्टर्स शामिल हुए, जिनमें BlackRock Inc., Capital Group, GQG Partners, Janus Henderson Group Plc और Allspring Global Investments जैसे नाम शामिल हैं.
क्यों आगे बढ़ गई डेडलाइन?
रिपोर्ट के अनुसार, NSE को अगस्त की शुरुआत तक अपने ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से मंजूरी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन SBI Capital Markets Ltd. के जुड़ने से सेलिंग शेयरहोल्डर्स की लिस्ट में बदलाव के कारण यह समय-सीमा लगभग तीन हफ्ते आगे बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि IPO डॉक्यूमेंट्स में बदलाव के बाद पब्लिक फीडबैक के लिए 21 दिन का समय जरूरी होता है.
जानकारों के मुताबिक, अब IPO के सितंबर के दूसरे हिस्से में लॉन्च होने की उम्मीद है.
ग्लोबल एक्सचेंज ऑपरेटर्स में NSE की पोजीशन
मार्केटेड रेंज के ऊपरी स्तर पर, NSE ग्लोबल एक्सचेंज ऑपरेटर्स में मार्केट वैल्यू के हिसाब से छठे स्थान पर होगा. यह London Stock Exchange Group Plc से थोड़ा पीछे और Nasdaq Inc. से थोड़ा आगे होगा. CME Group Inc. और Intercontinental Exchange Inc. अभी क्रमशः लगभग 97 अरब डॉलर और 86.9 अरब डॉलर के साथ लिस्ट में सबसे ऊपर हैं.
जानकारों ने कहा कि बातचीत जारी है और ऑफरिंग की डिटेल्स – जिसमें इसका साइज़, वैल्यूएशन और टाइमिंग शामिल है – अभी भी बदल सकती हैं.
कितने शेयरों की बिक्री की प्लानिंग?
एक्सचेंज ने जून में एक ऑफरिंग के लिए अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस जमा किया था, जिसमें पूरी तरह से सेकेंडरी शेयर बिक्री शामिल होगी. फाइलिंग के अनुसार, मौजूदा शेयरहोल्डर्स 148.9 मिलियन तक शेयर बेचने की योजना बना रहे हैं, जो कंपनी का लगभग 6% हिस्सा है. NSE ने शेयर बिक्री पर काम करने के लिए 20 बैंकों को नियुक्त किया है, जिनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, मॉर्गन स्टेनली, एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी और सिटीग्रुप इंक. शामिल हैं.