SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO फुल सब्सक्राइब, GMP बिखेर रहा जलवा; हर शेयर पर 93 रुपये की कमाई के अनुमान
SBI Funds Management IPO: यह पब्लिक इश्यू पूरी तरह से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों की 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है, जिसका मतलब है कि कंपनी को इस ऑफर से कोई रकम नहीं मिलेगी. 9,813 करोड़ रुपये का यह पब्लिक इश्यू फुल सब्सक्राइब हो गया है.

SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO बिडिंग के दूसरे दिन भी मजबूत बना हुआ है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के डेटा के अनुसार, 15 जुलाई को सुबह 10:50 बजे तक 9,813 करोड़ रुपये का यह पब्लिक इश्यू फुल सब्सक्राइब हो गया. कंपनी ने IPO के लिए प्रति इक्विटी शेयर 545 रुपये से 574 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है.
यह पब्लिक इश्यू पूरी तरह से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों की ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) है, जिसका मतलब है कि कंपनी को इस ऑफर से कोई रकम नहीं मिलेगी. पूरी रकम बेचने वाले शेयरहोल्डर्स- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमंडी इंडिया होल्डिंग को मिलेगी.
कितना मिला सब्सक्रिप्शन?
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के हिस्से को 0.08 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को हिस्से को 2.21 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, रिटेल इंडिविजु्अल इन्वेस्टर्स के हिस्से को 0.87 गुना, एम्प्लॉय के लिए रिजर्व कैटेगरी को 1.28 गुना, शेयरहोल्डर्स के हिस्से को 1.61 गुना सब्सक्राइब किया गया. कुल मिलाकर SBI फंड्स मैनेजमेंट के IPO को अब तक 1.01 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है.
SBI फंड्स मैनेजमेंट IPO का GMP
बुधवार को SBI फंड्स मैनेजमेंट IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में तेजी देखने को मिली. इन्वेस्टरगेन के अनुसार, फंड्स मैनेजमेंट IPO का जीएमपी 93 रुपये पर है. 574 रुपये के अपर प्राइस बैंड के साथ, SBI फंड्स मैनेजमेंट IPO की अनुमानित लिस्टिंग कीमत 667 रुपये (कैप प्राइस + आज का GMP) है. प्रति शेयर अनुमानित फायदा 16.20 फीसदी है.
SBI फंड्स मैनेजमेंट के बारे में
1992 में बनी SBI फंड्स मैनेजमेंट, SBI और Amundi के जॉइंट वेंचर, SBI म्यूचुअल फंड के लिए इन्वेस्टमेंट मैनेजर के तौर पर काम करती है. 2025 तक, कंपनी लगभग 16.32 लाख करोड़ रुपये की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को मैनेज कर रही थी और भारत के म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी 15.5 फीसदी हिस्सेदारी थी.
डिस्क्लेमर: इस खबर में GMP से संबंधित जानकारी दी गई है. मनी9लाइव का GMP तय करने से कोई संबंध नहीं है. मनी9लाइव निवेशकों को यह भी सचेत करता है कि केवल जीएमपी के आधार पर निवेश पर फैसला नहीं करें. निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल जरूर देखें और एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.