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1968 के बाद IBM में सबसे बड़ी गिरावट, एक दिन में $70 अरब खाक; IT शेयरों में हलचल… निवेशकों को किस बात की चिंता

IBM के शेयरों में कम से कम 1968 के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. ऐसा कंपनी के निराशाजनक शुरुआती तिमाही अपडेट के कारण हुआ, जो वॉल स्ट्रीट की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. निफ्टी IT इंडेक्स में लगभग 2 फीसदी की गिरावट आई और इसने बाजार के मुकाबले खराब प्रदर्शन किया.

आईबीएम के शेयर क्यों टूटे? Image Credit: Getty Image

बुधवार, 15 जुलाई को इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), विप्रो, HCLTech, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, कोफोर्ज और दूसरी भारतीय IT कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई. यह गिरावट तब आई, जब US में लिस्टेड उनकी साथी कंपनी IBM के शेयरों में कम से कम 1968 के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. ऐसा कंपनी के निराशाजनक शुरुआती तिमाही अपडेट के कारण हुआ, जो वॉल स्ट्रीट की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा.

निफ्टी IT इंडेक्स

निफ्टी IT इंडेक्स में लगभग 2 फीसदी की गिरावट आई और इसने बाजार के मुकाबले खराब प्रदर्शन किया, जबकि बेंचमार्क निफ्टी 50 और सेंसेक्स में लगभग 0.5 फीसदी की बढ़त देखी गई.

IBM ने उम्मीद से कम दूसरी तिमाही की कमाई की जानकारी दी और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर पर होने वाले खर्च में सुस्ती की ओर इशारा किया. इससे भारतीय IT कंपनियों की तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले उनकी मांग के रुझानों को लेकर चिंता बढ़ गई है.

IBM के शेयरों में भारी गिरावट

मंगलवार को IBM के US-लिस्टेड शेयरों में 25.21 फीसदी की भारी गिरावट आई और वे $217.07 पर बंद हुए. कंपनी के शुरुआती Q2 2026 के नतीजे एनालिस्ट के अनुमानों से कम रहने के कारण, यह कई दशकों में कंपनी के शेयरों में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी.

निफ्टी IT में शामिल कंपनियों का हाल

निफ्टी IT में शामिल कंपनियों में TCS को सबसे अधिक नुकसान हुआ और इसके शेयर में लगभग 2 फीसदी की गिरावट आई. इन्फोसिस, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, LTIMindtree और विप्रो के शेयरों में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई, जबकि इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान Mphasis, टेक महिंद्रा, L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज, HCLTech और Coforge के शेयर भी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे.

IBM के शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट की क्या वजह थी?

IBM ने दूसरी तिमाही के लिए 17.2 अरब डॉलर के रेवेन्यू और 2.93 डॉलर की एडजस्टेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) का पहले से अनुमान बताया, जो वॉल स्ट्रीट के क्रमशः 17.86 अरब डॉलर और 3.02 डॉलर के अनुमान से कम था. इसके अलावा, कंपनी ने दूसरी तिमाही का शुरुआती रेवेन्यू 17.2 अरब डॉलर बताया, जो 17.9 अरब डॉलर के आम अनुमान से कम था, जबकि 2.93 डॉलर की एडजस्टेड EPS भी 3.01 डॉलर की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी.

इस तिमाही के दौरान, सॉफ्टवेयर रेवेन्यू में साल-दर-साल 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, कंसल्टिंग रेवेन्यू में कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर रेवेन्यू में 7 फीसदी की गिरावट आई.

IBM के चेयरमैन और CEO अरविंद कृष्णा ने निराशाजनक परफॉर्मेंस को स्वीकार करते हुए कहा कि कंपनी ‘तेजी से बदलाव करने और आगे बढ़ने में नाकाम रही.’

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बड़ा फैक्टर

IBM के अनुसार, एंटरप्राइज ग्राहकों ने सॉफ्टवेयर पर खर्च करने के बजाय अपना टेक्नोलॉजी बजट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर – जिसमें सर्वर, स्टोरेज और मेमोरी शामिल हैं – की ओर मोड़ दिया. कंपनी ने AI के बदलते माहौल के बीच बड़े एंटरप्राइज सौदों को पूरा करने में हुई देरी की ओर भी इशारा किया.

इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार में कमजोरी

कृष्णा ने कमाई के उम्मीद से कम रहने की वजह सॉफ्टवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार में कमजोरी को बताया, क्योंकि ग्राहकों ने अपना खर्च मेमोरी चिप्स जैसे हार्डवेयर की ओर शिफ्ट कर दिया था. उन्होंने यह भी माना कि IBM ‘काफी तेजी से’ कदम नहीं उठा पाई, जिसके कारण कई डील कंपनी की उम्मीद के समय के भीतर पूरे नहीं हो सके.

70 अरब डॉलर साफ

तेज बिकवाली के कारण IBM के मार्केट कैपिटलाइजेशन में एक ही ट्रेडिंग सेशन में लगभग 70 अरब डॉलर की कमी आई.

दूसरे टेक्नोलॉजी शेयरों पर पड़ा असर

इस गिरावट का असर दूसरे टेक्नोलॉजी शेयरों पर भी पड़ा. इन्फोसिस और विप्रो के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs) में क्रमशः 4% और 3% की गिरावट आई, जबकि एक्सेंचर, सेल्सफोर्स, माइक्रोसॉफ्ट, कॉग्निजेंट और ऑटोडेस्क के शेयरों में 1.5% से 3% के बीच गिरावट दर्ज की गई.

IBM के निराशाजनक नतीजों से एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी पर होने वाले खर्च को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं. ऐसे में, निवेशक भारतीय IT कंपनियों के आने वाले तिमाही नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे, ताकि उन्हें आने वाली तिमाहियों में डिमांड के ट्रेंड और क्लाइंट्स द्वारा टेक्नोलॉजी पर किए जाने वाले खर्च के बारे में जानकारी मिल सके.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.