निवेशकों के लिए खुला Turtlemint IPO, ₹883 करोड़ जुटाने की तैयारी; जानिए कंपनी की वित्तीय स्थिति और जोखिम
Turtlemint Fintech Solutions अब शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है. कंपनी का IPO निवेशकों के लिए खुल चुका है. Turtlemint एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो ग्राहकों, बीमा एजेंटों और बीमा कंपनियों को जोड़ने का काम करता है. कंपनी का दावा है कि उसके पास देश के सबसे बड़े डिजिटल बीमा सलाहकार नेटवर्क में से एक है.

Turtlemint IPO: भारत में डिजिटल बीमा कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और इसी सेक्टर की कंपनी Turtlemint Fintech Solutions अब शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है. कंपनी का IPO निवेशकों के लिए खुल चुका है. Turtlemint एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो ग्राहकों, बीमा एजेंटों और बीमा कंपनियों को जोड़ने का काम करता है. कंपनी का दावा है कि उसके पास देश के सबसे बड़े डिजिटल बीमा सलाहकार नेटवर्क में से एक है.
पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने करोड़ों बीमा पॉलिसियों की बिक्री में मदद की है और देश के लगभग हर हिस्से तक अपनी पहुंच बनाई है. हालांकि कंपनी की आय में तेज बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अभी भी वह घाटे में है. ऐसे में IPO में निवेश करने से पहले कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, ताकत और जोखिम को समझना जरूरी है.
क्या है IPO का पूरा विवरण?
Turtlemint Fintech Solutions का IPO 19 जून 2026 को खुला है और 23 जून 2026 तक निवेशक इसमें आवेदन कर सकते हैं. कंपनी इस IPO के जरिए करीब 882.67 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. इसमें 660.72 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि 221.95 करोड़ रुपये के शेयर मौजूदा निवेशक बेचेंगे.
कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड 144 रुपये से 152 रुपये प्रति शेयर तय किया है. शेयरों की लिस्टिंग 29 जून 2026 को NSE और BSE पर हो सकती है.
क्या करती है कंपनी?
Turtlemint की शुरुआत साल 2015 में हुई थी. कंपनी डिजिटल तरीके से बीमा उत्पाद बेचने का काम करती है. इसके प्लेटफॉर्म पर ग्राहक जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, वाहन बीमा, यात्रा बीमा और अन्य बीमा योजनाएं खरीद सकते हैं.
कंपनी के पास 45 बीमा कंपनियों के साथ साझेदारी है. दिसंबर 2025 तक इसके पास 6.32 लाख से ज्यादा डिजिटल पार्टनर थे. इनमें 5 लाख से ज्यादा प्रमाणित बीमा सलाहकार शामिल हैं. कंपनी की पहुंच 19,171 पिन कोड तक है, जो देश के लगभग 98 फीसदी पिन कोड क्षेत्र को कवर करती है.
IPO से मिले पैसे का क्या करेगी कंपनी?
कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपने कारोबार को मजबूत करने में करेगी. इसमें क्लाउड और सर्वर सिस्टम पर खर्च, कर्मचारियों के वेतन, मार्केटिंग, ऑफिस लीज भुगतान और कार्यशील पूंजी की जरूरतें शामिल हैं.
इसके अलावा कंपनी नए कारोबार और संभावित अधिग्रहण के अवसरों पर भी पैसा खर्च कर सकती है.
कैसी है कंपनी की वित्तीय स्थिति?
कंपनी की income में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की operating income 78.64 करोड़ रुपये से बढ़कर 662.71 करोड़ रुपये पहुंच गई. यानी एक साल में करीब 743 फीसदी की वृद्धि हुई.
हालांकि कंपनी अभी भी घाटे में है. वित्त वर्ष 2025 में उसका नेट घाटा 194.11 करोड़ रुपये रहा. वित्त वर्ष 2026 के पहले 9 महीनों में भी कंपनी को 154.66 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है.
कंपनी की ताकत और जोखिम
Turtlemint की सबसे बड़ी ताकत उसका बड़ा डिजिटल नेटवर्क और मजबूत तकनीकी प्लेटफॉर्म है. कंपनी के पास बड़ी संख्या में बीमा सलाहकार और बीमा कंपनियों के साथ लंबे समय से संबंध हैं.
वहीं दूसरी ओर कंपनी लगातार घाटे में चल रही है. उसका कारोबार काफी हद तक बीमा वितरण पर निर्भर है. इसके अलावा इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे भविष्य में दबाव बढ़ सकता है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
Turtlemint भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल बीमा बाजार में मजबूत मौजूदगी रखती है. कंपनी की आय तेजी से बढ़ रही है और उसका नेटवर्क भी लगातार विस्तार कर रहा है. लेकिन लगातार घाटा और बढ़ती प्रतिस्पर्धा ऐसे पहलू हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए. IPO में निवेश करने से पहले कंपनी की ग्रोथ के साथ-साथ उसकी कमाई और लाभ की स्थिति को भी समझना जरूरी है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.