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NSE ने फाइल किया DRHP, करीब ₹30000 करोड़ के IPO की तैयारी; SBI समेत 10 निवेशक बेचेंगे हिस्सेदारी

करीब एक दशक के इंतजार के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए सेबी के पास डीआरएचपी दाखिल कर दिया है. लगभग 3 अरब डॉलर के इस आईपीओ में SBI समेत 10 मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. लिस्टिंग के बाद NSE देश की सबसे वैल्यूएबल वित्तीय कंपनियों में शामिल हो सकता है.

एनएसई आईपीओ Image Credit: Money9live

NSE IPO : भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने आईपीओ (IPO) की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सेबी (SEBI )के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है. करीब एक दशक की देरी के बाद अब NSE का यह आईपीओ बाजार में आने की तैयारी में है. इसका इश्यू साइज लगभग 3 अरब डॉलर (करीब 30,000 करोड़ रुपये) रहने का अनुमान है.

10 निवेशक बेचेंगे अपनी हिस्सेदारी

NSE का यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा. यानी कंपनी कोई नया पैसा नहीं जुटाएगी. इसके तहत भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सहित 10 मौजूदा निवेशक कुल 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे. शेयर बिक्री से मिलने वाली पूरी राशि इन निवेशकों को जाएगी.

शेयरधारक / संस्थाबिक्री हेतु शेयर (करोड़ में)
कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB)1.19
अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्रा. लि.1.12
बैंक ऑफ बड़ौदा1.10
स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL)1.09
जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC)1.07
द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी1.05
नेशनल इंश्योरेंस कंपनी0.60
यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी0.60
भारतीय स्टेट बैंक (SBI)NA
SBI कैपिटल मार्केट्स (SBI की सहायक कंपनी)NA
Source – PTI

2016 से अटका था NSE का लिस्टिंग प्लान

NSE ने पहली बार दिसंबर 2016 में आईपीओ के लिए आवेदन किया था, लेकिन को-लोकेशन विवाद के कारण इसकी प्रक्रिया रुक गई थी. इसी साल जनवरी में सेबी से ‘नो ऑब्जेक्शन’ मिलने के बाद कंपनी के लिए लिस्टिंग का रास्ता साफ हुआ. इसके बाद मार्च में NSE ने 20 मर्चेंट बैंकर नियुक्त किए और अब DRHP दाखिल कर दिया है.

अनलिस्टेड मार्केट में ₹5 लाख करोड़ के करीब वैल्यूएशन

फिलहाल NSE के शेयर अनलिस्टेड बाजार में 1,950 से 2,050 रुपये के बीच कारोबार कर रहे हैं. इस आधार पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 5 लाख करोड़ रुपये बैठता है. लिस्टिंग के बाद NSE देश की सबसे वैल्यूएबल वित्तीय संस्थाओं में शामिल हो सकती है. NSE का कारोबार मजबूत है, लेकिन इसकी कमाई काफी हद तक डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर निर्भर करती है.

निवेशकों की संख्या में तेज बढ़ोतरी

NSE ने कहा कि उसकी तकनीकी व्यवस्था तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद है, जो बड़ी संख्या में ट्रांजैक्शन को संभालने में सक्षम है. एक्सचेंज के पंजीकृत निवेशकों की संख्या मार्च 2020 के 3.08 करोड़ से बढ़कर मार्च 2026 में 12.91 करोड़ हो गई है. वित्त वर्ष 2025-26 में NSE के प्लेटफॉर्म के जरिए 20.3 लाख करोड़ रुपये की फंड जुटाने की गतिविधियां हुईं. देश के 99 फीसदी से अधिक पिन कोड क्षेत्रों में इसके निवेशक मौजूद हैं, जो भारतीय कैपिटल मार्केट में इसकी मजबूत पहुंच को दर्शाता है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.