IT शेयरों में बड़ी गिरावट… फिर भी FIIs ने खरीदे ₹4859 करोड़ के शेयर, 4 महीने की सबसे बड़ी खरीदारी
एक तरफ IT सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट आई और बाजार दबाव में रहा, वहीं दूसरी तरफ विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में जोरदार खरीदारी की. विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने एक ही दिन में 4,859 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.
FIIs Buying: शेयर बाजार में शुक्रवार को एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली. एक तरफ IT सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट आई और बाजार दबाव में रहा, वहीं दूसरी तरफ विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में जोरदार खरीदारी की. विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने एक ही दिन में 4,859 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. यह पिछले चार महीने से ज्यादा समय में उनकी सबसे बड़ी एक दिन की खरीदारी है.
इससे पहले 3 फरवरी 2026 को FIIs ने करीब 5,236 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे. दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने लंबे समय बाद बिकवाली का रुख अपनाया और 1,159 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच दिए. ऐसे में बाजार में निवेशकों की नजर अब विदेशी निवेशकों की अगली चाल पर टिकी हुई है.
4 महीने बाद FIIs की सबसे बड़ी खरीदारी
शुक्रवार को FIIs ने भारतीय शेयर बाजार में 4,859.07 करोड़ रुपये का निवेश किया. यह फरवरी की शुरुआत के बाद उनकी सबसे बड़ी एक दिन की खरीदारी रही. इससे बाजार को कुछ राहत मिली, क्योंकि पिछले कई महीनों से विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे थे.
2026 में अब तक बड़ी बिकवाली
हालांकि एक दिन की इस बड़ी खरीदारी के बावजूद पूरे साल की तस्वीर अलग है. 2026 में अब तक FIIs भारतीय बाजार से करीब 2.85 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं. जून महीने में ही उनकी बिकवाली 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच चुकी है. इस साल फरवरी को छोड़कर हर महीने विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बेचे हैं.
जनवरी से अप्रैल तक क्या रहा रुझान?
NSDL के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 में FIIs ने 35,962 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे. फरवरी में उन्होंने 22,615 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी, जिससे बाजार को सहारा मिला.
लेकिन इसके बाद हालात बदल गए. मार्च में FIIs ने रिकॉर्ड 1.18 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए. अप्रैल में भी उन्होंने 60,847 करोड़ रुपये की बिकवाली की.
DIIs ने क्यों बेचे शेयर?
घरेलू संस्थागत निवेशक पिछले कई सत्रों से लगातार खरीदारी कर रहे थे. लेकिन शुक्रवार को उन्होंने मुनाफावसूली करते हुए 1,159.64 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए. इससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया.
RBI ने दी निवेश की नई सुविधा
इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी निवेशकों के लिए सरकारी बॉन्ड में निवेश की सीमा बढ़ा दी है. RBI ने अप्रैल से सितंबर 2026 की अवधि के लिए सरकारी प्रतिभूतियों यानी G-Secs में विदेशी निवेश की सीमा 4.62 लाख करोड़ रुपये तक कर दी है.
इसके अलावा राज्य सरकारों के बॉन्ड में निवेश की सीमा भी बढ़ाकर 1.64 लाख करोड़ रुपये कर दी गई है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विदेशी निवेशकों की यह बड़ी खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है. हालांकि पूरे साल के आंकड़े अभी भी बिकवाली की ओर इशारा करते हैं. ऐसे में निवेशकों को केवल एक दिन की खरीदारी देखकर फैसला लेने के बजाय वैश्विक हालात और विदेशी निवेशकों के अगले कदम पर नजर रखनी चाहिए.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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