डेली, वीकली या मंथली SIP, किसमें बनता है सबसे जल्दी ज्यादा पैसा, ये है कैलकुलेशन
डेली, वीकली और मंथली SIP में से कौन सा विकल्प लंबे समय में ज्यादा पैसा बनाता है, इस पर व्हाइटओक कैपिटल के 30 साल के रिसर्च से दिलचस्प तस्वीर सामने आई, सेंसेक्स टोटल रिटर्न इंडेक्स के आधार पर किए गए रिसर्च में डेली और वीकली SIP से करीब 12.33 करोड़ रुपये, जबकि मंथली SIP से 12.45 करोड़ रुपये का फंड बना.
Highlights
- 30 साल के एक रिसर्च में डेली और वीकली एसआईपी से 12.33 करोड़ रुपये.
- तीनों एसआईपी का एक्सआईआरआर 13.47 फीसदी रहा.
- एसआईपी में ज्यादा पैसा बनाने के लिए फ्रीक्वेंसी से ज्यादा निरंतरता जरूरी है.
SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों के मन में अक्सर सवाल रहता है कि रोज निवेश करना बेहतर है या हर हफ्ते या महीने में एक बार पैसा लगाना चाहिए, कई निवेशकों को लगता है कि डेली SIP से बाजार के अलग-अलग लेवल पर ज्यादा यूनिट खरीदी जा सकती हैं और इससे लंबे समय में ज्यादा पैसा बन सकता है, लेकिन 30 साल के आंकड़ों पर आधारित एक रिसर्च इस सोच को अलग तस्वीर दिखाता है, इसके मुताबिक डेली, वीकली और मंथली SIP से लंबे समय में मिलने वाला रिटर्न लगभग एक जैसा रहा.
30 साल के निवेश का क्या रहा नतीजा
व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड ने अगस्त 1996 से जून 2026 के बीच सेंसेक्स टोटल रिटर्न इंडेक्स के आधार पर SIP निवेश का रिसर्च किया, इसमें डेली, वीकली और मंथली SIP की तुलना की गई, तीनों विकल्पों में कुल निवेश की रकम समान रखी गई, रिसर्च के मुताबिक डेली और वीकली SIP से करीब 12.33 करोड़ रुपये का फंड बना, वहीं मंथली SIP से यह रकम करीब 12.45 करोड़ रुपये रही,
तीनों SIP में रिटर्न करीब बराबर
रिसर्च की सबसे अहम बात यह है कि तीनों निवेश तरीकों में XIRR करीब 13.47 फीसदी रहा, यानी रोज, हर हफ्ते या हर महीने निवेश करने के बावजूद लंबे समय में रिटर्न में कोई बड़ा अंतर नहीं आया, मंथली SIP से बनने वाला फंड डेली और वीकली SIP से थोड़ा ज्यादा रहा, लेकिन यह अंतर इतना बड़ा नहीं है कि केवल निवेश की फ्रीक्वेंसी के आधार पर किसी एक विकल्प को बेहतर कहा जाए,
डेली SIP से ज्यादा पैसा क्यों नहीं बना
पहली नजर में डेली SIP ज्यादा बेहतर लग सकती है, क्योंकि इसमें बाजार के अलग -अलग स्तरों पर यूनिट खरीदने का मौका मिलता है, बाजार में उतार चढ़ाव के दौरान रोज निवेश करने से खरीदारी कई अलग कीमतों पर होती है, लेकिन लंबे समय में बाजार की कुल बढ़ोतरी और निवेश की अवधि का असर रोज निवेश करने की अतिरिक फ्रीक्वेंसी से कहीं ज्यादा होता है, यही वजह है कि 30 साल के आंकड़ों में डेली और मंथली SIP के रिटर्न में बड़ा अंतर नहीं दिखा.
किसके लिए कौन सी SIP बेहतर
SIP की सही साइज हर निवेशक की इनकम और सुविधा पर निर्भर करती है, नौकरीपेशा लोगों के लिए मंथली SIP आसान विकल्प हो सकती है, क्योंकि इसे वेतन मिलने की तारीख के आसपास शुरू किया जा सकता है, वहीं फ्रीलांसर या कारोबार करने वाले लोगों की इनकम रेगुलर नहीं होती है तो वे वीकली या डेली SIP का विकल्प चुन सकते हैं, इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार रेगुलर रूप से पैसा लगा सकता है.
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कैलकुलेशन क्या बताती है
30 साल के अध्ययन में डेली और वीकली SIP से करीब 12.33 करोड़ रुपये का फंड बना, जबकि मंथली SIP से करीब 12.45 करोड़ रुपये का फंड बना, तीनों में एक्सआईआरआर 13.47 फीसदी रहा, इससे साफ है कि सिर्फ ज्यादा बार निवेश करने से पैसा तेजी से नहीं बढ़ता, लंबे समय में नियमित निवेश और कंपाउंडिंग ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
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