अब विदेशी नहीं, घरेलू निवेशकों का दबदबा! Mutual Funds की होल्डिंग पहली बार FPI से बड़ी, ₹76.41 लाख करोड़ हुई

भारतीय निवेशकों का भरोसा अब शेयर बाजार में नई ताकत बनकर उभरा है. NSDL के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पहली बार घरेलू म्यूचुअल फंड्स की कुल Assets Under Custody (AUC) ₹76.41 लाख करोड़ पहुंच गई है, जो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की होल्डिंग से अधिक है.

म्यूचुअल फंड Image Credit: FreePik

भारतीय शेयर बाजार से एक ऐसी खबर आई है जिसने दलाल स्ट्रीट की पूरी तस्वीर बदल दी है. पिछले दो सालों से भारतीय बाजार को मजबूती देने वाले घरेलू म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) ने एक नया कीर्तिमान रच दिया है. इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब भारतीय बाजारों में घरेलू म्यूचुअल फंड्स की कुल संपत्ति (एसेट्स), विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की कुल होल्डिंग से आगे निकल गई है. यानी अब भारतीय बाजार पर देसी निवेशकों का दबदबा विदेशी पैसों से ज्यादा मजबूत हो चुका है.

आंकड़ों में समझें यह ऐतिहासिक बढ़त

NSDL द्वारा जारी जून 2026 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय बाजारों में घरेलू म्यूचुअल फंड्स की कस्टडी वाली कुल संपत्ति (AUC) 76.41 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है. वहीं, विदेशी निवेशकों यानी FPIs की कुल होल्डिंग घटकर 76.22 लाख करोड़ रुपये रह गई है. इस कुल संपत्ति में इक्विटी (शेयर), डेट (कर्ज), हाइब्रिड सिक्योरिटीज, गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ जैसी तमाम संपत्तियां शामिल हैं.

म्यूचुअल फंड्स के आगे निकलने की बड़ी वजह

हालांकि डायरेक्ट इक्विटी (सीधे शेयरों में निवेश) के मामले में अब भी विदेशी निवेशक आगे हैं, लेकिन घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने दूसरी जगहों पर बाजी मार ली. डेट म्यूचुअल फंड्स, पैसिव म्यूचुअल फंड्स और गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में भारतीयों के भारी निवेश ने म्यूचुअल फंड्स को विदेशी निवेशकों से आगे निकलने में सबसे बड़ी मदद की.

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एक साल में ऐसे बदला पूरा खेल

पिछले एक साल में दोनों के निवेश में बड़ा अंतर देखने को मिला है:

  • घरेलू म्यूचुअल फंड्स: जून 2025 में इनकी संपत्ति 66.80 लाख करोड़ रुपये थी, जो एक साल में करीब 15% बढ़कर 76.41 लाख करोड़ रुपये हो गई.
  • विदेशी निवेशक (FPIs): बाजार में उतार-चढ़ाव और बिकवाली के चलते FPIs की संपत्ति जून 2025 के 80.83 लाख करोड़ रुपये से करीब 6% घटकर 76.22 लाख करोड़ रुपये रह गई.