बाजार में अनिश्चितता के बीच Multi Asset Fund का बढ़ा क्रेज, अगस्त में आया 3671 करोड़ का निवेश
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच म्यूचुअल फंड निवेशकों का रुझान मल्टी एसेट एलोकेशन फंड की ओर बढ़ रहा है. AMFI के अगस्त आंकड़ों के मुताबिक इस कैटेगरी में 3671 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया. ये फंड इक्विटी डेट और गोल्ड जैसे कम से कम तीन एसेट क्लास में निवेश करते हैं.

बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच म्यूचुअल फंड निवेशकों का रुझान मल्टी एसेट एलोकेशन फंड की ओर बढ़ रहा है. अगस्त के AMFI आंकड़ों से पता चलता है कि इस कैटेगरी में 3671 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया. हाइब्रिड फंड कैटेगरी में निवेश जुटाने के मामले में मल्टी एसेट एलोकेशन फंड दूसरे स्थान पर रहे. आर्बिट्राज फंड में 3789 करोड़ रुपये का निवेश आया. मल्टी एसेट फंड में निवेशकों को इक्विटी डेट और सोने जैसे अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश का विकल्प मिलता है.
अगस्त में 3671 करोड़ का निवेश
AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में मल्टी एसेट एलोकेशन फंड में 3671 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो आया. हाइब्रिड फंड कैटेगरी में यह दूसरा सबसे ज्यादा निवेश रहा. आर्बिट्राज फंड 3789 करोड़ रुपये के निवेश के साथ पहले स्थान पर रहा. दोनों कैटेगरी के बीच निवेश का अंतर बहुत ज्यादा नहीं रहा. इससे पता चलता है कि बाजार में अनिश्चितता के बीच निवेशक अलग -अलग एसेट में पैसा लगाने वाले फंड पर ध्यान दे रहे हैं.
डेट और गोल्ड का कंबीनेशन
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड की खासियत इसका अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करना है. नियमों के मुताबिक, ऐसे फंड को कम से कम तीन एसेट क्लास में निवेश करना होता है. प्रत्येक एसेट क्लास में कम से कम 10 फीसदी निवेश होना जरूरी है. आमतौर पर इन फंड में इक्विटी डेट और गोल्ड या सिल्वर शामिल होते हैं. इससे निवेश एक ही एसेट पर निर्भर नहीं रहता और पोर्टफोलियो में डॉयवर्सिफिकेशन आती है.
पोर्टफोलियो को मिल सकता है सपोर्ट
मल्टी एसेट फंड में अलग -अलग एसेट क्लास होने की वजह से बाजार में तेज गिरावट का असर कुछ हद तक कम हो सकता है. जब इक्विटी बाजार में दबाव रहता है तब डेट या गोल्ड पोर्टफोलियो को सपोर्ट दे सकते हैं. खासकर महंगाई और जियोपॉलिटिकल तनाव के समय गोल्ड को एक सेफ एसेट के तौर पर देखा जाता है. हालांकि किसी भी एसेट का प्रदर्शन बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है.
कुछ फंड ने दिया मजबूत रिटर्न
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड की ओर निवेशकों का रुझान केवल डाइवर्सिफिकेशन की वजह से नहीं है. कुछ फंड ने पिछले कुछ वर्षों में अच्छा रिटर्न भी दिया है. दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, Nippon Multi Asset Allocation Fund ने तीन साल में 18.50 फीसदी CAGR रिटर्न दिया. WhiteOak Capital के फंड ने 16.70 फीसदी जबकि SBI और ICICI Prudential के फंड ने क्रमश 14.80 फीसदी और 14.10 फीसदी रिटर्न दिया.
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फंड मैनेजर करता है पोर्टफोलियो का संतुलन
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड का एक फायदा यह है कि निवेशक को अलग-अलग एसेट में खुद पैसा बांटने की जरूरत नहीं होती. फंड मैनेजर बाजार की स्थिति और वैल्यूएशन के आधार पर एसेट का अनुपात बदल सकता है. इससे निवेशक को अपने स्तर पर बार-बार पोर्टफोलियो रीबैलेंस करने की जरूरत कम होती है. हालांकि निवेश से पहले फंड का रिस्क स्तर खर्च और निवेश रणनीति समझना जरूरी है.