बनाना है ₹1 करोड़ का फंड! 30, 35 या 40 की उम्र में इतने रुपये से शुरू करें निवेश, 50 तक ऐसे पूरा होगा लक्ष्य
50 साल की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का फंड बनाने के लिए निवेश शुरू करने का समय बेहद अहम है. 12% सालाना रिटर्न मानने पर 30 साल की उम्र में 10875 रुपये की मासिक SIP से लक्ष्य हासिल करने की गणना की गई है. 35 साल की उम्र में यही रकम 21020 रुपये और 40 साल की उम्र में 46640 रुपये हो जाती है.

50 साल की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का फंड बनाना चाहते हैं तो निवेश शुरू करने में देरी आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है. 30, 35 या 40 साल की उम्र में निवेश शुरू करने पर लक्ष्य एक ही रहेगा, लेकिन हर महीने लगाने वाली रकम में बड़ा अंतर आ जाएगा. 12% सालाना रिटर्न मानने पर 30 साल की उम्र में करीब 10,875 रुपये की मासिक SIP से 1 करोड़ रुपये का लक्ष्य हासिल करने की गणना की गई है, जबकि 35 साल की उम्र में यही रकम 21,020 रुपये और 40 साल की उम्र में 46,640 रुपये हो जाती है. यानी जितनी जल्दी शुरुआत करेंगे, चक्रवृद्धि का फायदा उतना ज्यादा मिलेगा और हर महीने कम रकम लगानी पड़ेगी.
30 साल की उम्र में शुरू किया तो ₹10,875 की SIP
30 साल की उम्र में निवेश शुरू करने पर आपके पास 50 साल की उम्र तक फंड बनाने के लिए पूरे 20 साल होंगे. 12% सालाना रिटर्न मानने पर करीब 10875 रुपये की मासिक SIP से 1 करोड़ रुपये का फंड बनाने की गणना की गई है.
यहां लंबी अवधि का फायदा मिलता है, क्योंकि निवेश को बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलता है. इसी वजह से शुरुआत में लगाई गई रकम अपेक्षाकृत कम रहती है.
35 की उम्र में शुरुआत पर SIP बढ़कर ₹21,020
अगर आप 35 साल की उम्र में निवेश शुरू करते हैं, तो लक्ष्य तक पहुंचने के लिए 15 साल ही बचेंगे. ऐसे में ₹1 करोड़ का फंड बनाने के लिए अनुमानित मासिक SIP बढ़कर 21020 रुपये हो जाती है. यानी 30 साल की उम्र के मुकाबले 5 साल की देरी से शुरुआत करने पर हर महीने 10145 रुपये ज्यादा निवेश करना होगा. प्रतिशत के हिसाब से यह SIP करीब 93% ज्यादा है.
40 साल की उम्र में शुरू किया तो ₹46,640 हर महीने
40 साल की उम्र में शुरुआत करने पर 1 करोड़ रुपये का फंड बनाने के लिए सिर्फ 10 साल मिलेंगे. ऐसे में अनुमानित मासिक SIP करीब 46,640 रुपये होगी. यानी 30 साल की उम्र में 10,875 रुपये की SIP के मुकाबले 40 साल की उम्र में शुरुआत करने पर हर महीने करीब 4.28 गुना रकम लगानी होगी. यही दिखाता है कि निवेश शुरू करने में 10 साल की देरी का कितना बड़ा असर पड़ सकता है.
30, 35 और 40 की उम्र में कितना निवेश?
| निवेश शुरू करने की उम्र | निवेश की अवधि | सालाना अनुमानित रिटर्न | ₹1 करोड़ के लिए मासिक SIP | SIP में बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|---|
| 30 साल | 20 साल | 12% | ₹10,875 | – |
| 35 साल | 15 साल | 12% | ₹21,020 | 93% |
| 40 साल | 10 साल | 12% | ₹46,640 | 329% |
तालिका से साफ है कि 40 साल की उम्र में शुरुआत करने पर मासिक SIP 30 साल की उम्र में शुरुआत करने की तुलना में 329% ज्यादा हो जाती है. यानी लक्ष्य वही 1 करोड़ रुपये है, लेकिन कम समय मिलने की वजह से हर महीने ज्यादा पैसा लगाना पड़ता है.
जेब पर शुरुआती बोझ कम करना है तो Step-Up SIP का विकल्प
अगर शुरुआत में इतनी बड़ी मासिक SIP करना मुश्किल है, तो Step-Up SIP का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है. इसमें आप कम रकम से शुरुआत करते हैं और हर साल अपनी SIP को एक तय प्रतिशत से बढ़ाते हैं.
इस गणना में हर साल SIP को 5% बढ़ाने और सालाना रिटर्न 12% मानने पर शुरुआती निवेश सामान्य SIP की तुलना में कम रखा जा सकता है.
30 साल की उम्र में ₹7,850 से शुरू करें
30 साल की उम्र में 5% सालाना Step-Up के साथ करीब 7,850 रुपये की शुरुआती मासिक SIP से शुरुआत की जा सकती है. हर साल निवेश की रकम 5% बढ़ाने पर 20 साल में 1 करोड़ रुपये के लक्ष्य तक पहुंचने की गणना की गई है.
35 साल में ₹16,160 से शुरुआत
35 साल की उम्र में शुरुआत करने पर 5% सालाना Step-Up के साथ शुरुआती मासिक SIP करीब 16160 रुपये रखी जा सकती है. इसके बाद हर साल SIP को 5% बढ़ाना होगा.
40 साल में ₹37,130 की शुरुआती SIP
40 साल की उम्र में 5% सालाना Step-Up के साथ शुरुआत करने पर शुरुआती मासिक SIP करीब 37130 रुपये होगी. इसके बाद हर साल निवेश की रकम 5% बढ़ाने की जरूरत होगी.
सामान्य SIP बनाम Step-Up SIP
| शुरुआत की उम्र | लक्ष्य की उम्र | सामान्य SIP/माह | 5% सालाना Step-Up SIP |
|---|---|---|---|
| 30 साल | 50 साल | ₹10,875 | ₹7,850 |
| 35 साल | 50 साल | ₹21,020 | ₹16,160 |
| 40 साल | 50 साल | ₹46,640 | ₹37,130 |
इससे पता चलता है कि Step-Up SIP में शुरुआत में कम रकम लगाकर निवेश शुरू किया जा सकता है. लेकिन इसके लिए हर साल SIP बढ़ाने की क्षमता और अनुशासन बनाए रखना जरूरी होगा.
12% रिटर्न का अनुमान क्यों लिया गया?
लंबी अवधि के निवेश के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड एक विकल्प हो सकता है. दिए गए Value Research के आंकड़ों के मुताबिक, 10 साल में लार्ज-कैप म्यूचुअल फंड कैटेगरी ने 11.76% सालाना, मिड-कैप ने 15.50% और स्मॉल-कैप ने 16.76% सालाना रिटर्न दिया है.
हालांकि, पुराने प्रदर्शन के आधार पर भविष्य में भी यही रिटर्न मिलने की गारंटी नहीं होती. इसी वजह से ₹1 करोड़ के लक्ष्य की गणना के लिए यहां 12% सालाना रिटर्न मानकर हिसाब किया गया है.
सबसे बड़ा सबक: निवेश में देरी का सीधा असर SIP पर
इस पूरे हिसाब का सबसे अहम हिस्सा यह है कि लक्ष्य सिर्फ 1 करोड़ रुपये का नहीं है, बल्कि उसे हासिल करने के लिए आपके पास कितना समय है, यह ज्यादा मायने रखता है. 30 साल की उम्र में शुरुआत करने पर चक्रवृद्धि को 20 साल मिलते हैं, जबकि 40 साल की उम्र में यही समय घटकर 10 साल रह जाता है.
यही वजह है कि 30 साल की उम्र में 10,875 रुपये की मासिक SIP से जिस लक्ष्य की गणना की गई है, उसके लिए 40 साल की उम्र में 46,640 रुपये महीने की SIP चाहिए. यानी निवेश जितना जल्दी शुरू होगा, हर महीने का बोझ उतना कम रखा जा सकेगा.
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