₹69,000 बेसिक सैलरी, 6% इंक्रीमेंट की मांग; 8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले!
8वें वेतन आयोग से सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन 18,000 से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की मांग रखी है. हालांकि अंतिम फैसला रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा, लेकिन फिलहाल मांगों ने कर्मचारियों की उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं.

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए अहम माने जा रहे 8वें वेतन आयोग (CPC) की प्रक्रिया अब तेज हो गई है. हाल ही में कर्मचारी प्रतिनिधियों और पैनल के बीच पहली बैठक हुई, जिसमें वेतन, पेंशन और प्रमोशन से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर चर्चा की गई.
क्या हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें ?
Financial Express की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन 18,000 से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की मांग रखी है. इसके लिए 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की बात कही गई है. इसके अलावा कर्मचारियों ने सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने और हर पांच साल में प्रमोशन देने की मांग भी उठाई है.
भत्तों और सुविधाओं पर भी जोर
कर्मचारियों ने HRA, CEA और जोखिम भत्ते सहित सभी अलाउंस को तीन गुना तक बढ़ाने की मांग की है. साथ ही इन भत्तों को महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है. इसके अलावा ब्याज मुक्त एडवांस, त्योहार और वाहन लोन जैसी सुविधाओं को भी शामिल करने की मांग की गई है.
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छुट्टी और पेंशन से जुड़े मुद्दे
छुट्टियों के मामले में 600 दिन तक लीव एनकैशमेंट की मांग की गई है. साथ ही मेंस्ट्रुअल लीव, पैरेंट केयर लीव जैसे नए प्रावधान जोड़ने की बात कही गई है. पेंशन के लिए कर्मचारियों ने NPS को खत्म कर पुरानी पेंशन व्यवस्था (UPS) बहाल करने की मांग की है.
कितने लोगों पर पड़ेगा असर
8वें वेतन आयोग के फैसलों से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 65 लाख पेंशनभोगी प्रभावित होंगे. इन फैसलों के बाद बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹51,480 तक पहुंच सकती है, हालांकि यह कर्मचारी के लेवल पर निर्भर करेगा.
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