8th Pay Commission: बढ़ा फिटमेंट फैक्टर देगा तुरंत फायदा, लेकिन ज्यादा इंक्रीमेंट से लंबे समय में बढ़ सकती है सैलरी

8वें वेतन आयोग में बड़ा फिटमेंट फैक्टर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तुरंत बढ़ा सकता है. वहीं 5% से 7% तक सालाना इंक्रीमेंट मिलने पर कंपाउंडिंग के जरिए लंबे समय में सैलरी में ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है.

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केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के साथ सालाना इंक्रीमेंट भी अहम मुद्दा बन गया है. बड़ा फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में तुरंत बड़ा उछाल मिल सकता है. वहीं, ज्यादा सालाना इंक्रीमेंट का फायदा समय के साथ कंपाउंड होकर काफी बड़ा हो सकता है.

7वें वेतन आयोग में 3% था सालाना इंक्रीमेंट

अभी 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को सालाना 3% इंक्रीमेंट मिलता है. 8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी संगठनों की ओर से इसे बढ़ाने की मांग की जा रही है. अलग-अलग संगठनों ने 5%, 6% और 7% सालाना इंक्रीमेंट का प्रस्ताव दिया है. NC-JCM, AIDEF और FNPO ने 6%, जबकि AINPSEF ने 7% इंक्रीमेंट की मांग रखी है. IRTSA ने 5% सालाना इंक्रीमेंट का प्रस्ताव दिया है.

बड़ा फिटमेंट फैक्टर क्या करेगा?

फिटमेंट फैक्टर का सीधा असर कर्मचारी की नई बेसिक सैलरी पर पड़ेगा. अगर फिटमेंट फैक्टर ज्यादा रखा जाता है तो नई वेतन व्यवस्था लागू होते ही बेसिक पे में बड़ा इजाफा हो सकता है. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है.

उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 56,100 रुपये है और 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लगाया जाता है, तो शुरुआती बेसिक करीब 1.49 लाख रुपये हो सकती है. हालांकि यह केवल उदाहरण है और 8वें वेतन आयोग की अंतिम सैलरी नहीं है.

ज्यादा इंक्रीमेंट का फायदा समय के साथ

दूसरी तरफ, अगर फिटमेंट फैक्टर में बहुत बड़ी बढ़ोतरी नहीं होती लेकिन सालाना इंक्रीमेंट 5% या 7% कर दिया जाता है, तो इसका असर धीरे-धीरे बढ़ेगा. हर साल इंक्रीमेंट नई बेसिक सैलरी पर जुड़ता है. इस वजह से समय के साथ कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है.

Mint की गणना के मुताबिक 56,100 रुपये की शुरुआती बेसिक सैलरी वाले लेवल-10 कर्मचारी के मामले में 2.57 फिटमेंट फैक्टर और 3% सालाना इंक्रीमेंट के साथ 30वें साल की बेसिक करीब 3.50 लाख रुपये हो सकती है. वहीं, बिना फिटमेंट बदलाव के 7% सालाना इंक्रीमेंट की स्थिति में यही आंकड़ा करीब 4.27 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. ये सिर्फ उदाहरणात्मक गणनाएं हैं.

कर्मचारियों के लिए दोनों का मेल ज्यादा फायदेमंद

फिटमेंट फैक्टर और सालाना इंक्रीमेंट को एक-दूसरे का विकल्प मानने के बजाय दोनों को साथ बढ़ाना कर्मचारियों के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. बड़ा फिटमेंट फैक्टर तुरंत सैलरी बढ़ाएगा, जबकि ज्यादा इंक्रीमेंट भविष्य में वेतन की रफ्तार बढ़ाएगा.

फिलहाल 8वें वेतन आयोग ने फिटमेंट फैक्टर या नए इंक्रीमेंट को अंतिम रूप नहीं दिया है. आयोग की रिपोर्ट आने और सरकार की मंजूरी के बाद ही नई सैलरी व्यवस्था स्पष्ट होगी. मौजूदा अनुमान को आधिकारिक वेतन नहीं माना जाना चाहिए. आयोग की रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की उम्मीद है.

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