GST 2.0 से इकोनॉमी को मिला बड़ा फायदा, 2031 तक 6.3 मिलियन तक पहुंच सकता है कार मार्केट

GST 2.0 को लेकर Maruti Suzuki के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा कि GST रिफॉर्म्स ने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री समेत इकोनॉमी के कई सेक्टर्स को मजबूती दी है. उन्होंने कहा कि West Asia War और ईरान से जुड़े तनाव के बीच GST रिफॉर्म्स ने इंडियन इकोनॉमी को जरूरी बफर दिया. भार्गव के मुताबिक, 2031 तक भारत का कार मार्केट 6.1 मिलियन से 6.3 मिलियन यूनिट्स तक पहुंच सकता है.

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Highlights

  • GST 2.0 ने इकोनॉमी को दिया बफर, West Asia War और ईरान तनाव के बीच मिली मजबूती.
  • 2031 तक भारत का कार मार्केट 6.3 मिलियन यूनिट्स तक पहुंचने का अनुमान.
  • Maruti Suzuki FY31 तक 3.65 मिलियन यूनिट्स की प्रोडक्शन कैपेसिटी करेगी.

GST 2.0: भारत की इकोनॉमी को लेकर Maruti Suzuki के चेयरमैन आरसी भार्गव ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि GST रिफॉर्म्स ने सिर्फ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को ही नहीं, बल्कि इकोनॉमी के कई सेक्टर्स को मजबूती दी है. इसकी वजह से वेस्ट एशिया वॉर और ईरान से जुड़े तनाव के बीच पैदा हुई अनिश्चितता का सामना करने में इंडियन इकोनॉमी को जरूरी बफर मिला. सोमवार को Maruti Suzuki India की एनुअल जनरल मीटिंग में शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए आरसी भार्गव ने कहा कि देश की इकोनॉमी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और GST कलेक्शंस अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं. उनके मुताबिक, अगर GST रिफॉर्म्स नहीं किए गए होते, तो मुश्किल महीनों के दौरान इकोनॉमी का प्रदर्शन इतना बेहतर नहीं रहता.

GST रिफॉर्म्स से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को मिला बड़ा फायदा

आरसी भार्गव ने कहा कि पिछले साल सितंबर में GST रेट्स में की गई कटौती का असर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर दिखाई दे रहा है. उन्होंने अनुमान जताया कि 2031 तक भारत का कार मार्केट 6.1 मिलियन से 6.3 मिलियन यूनिट्स तक पहुंच सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि स्मॉल कार मार्केट में ग्रोथ पिछले पांच वर्षों की तुलना में काफी तेज हो सकती है.

GST रेट्स में कटौती को इसके पीछे एक महत्वपूर्ण वजह माना जा रहा है. भार्गव ने कहा कि GST रिफॉर्म्स ने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के अलावा इकोनॉमी के कई अन्य सेक्टर्स को भी नया इम्पेटस दिया है. उन्होंने बताया कि नेशनल GDP ग्रोथ के आंकड़े भी ज्यादातर एजेंसियों के अनुमान से बेहतर रहे हैं.

गवर्नमेंट से रिफॉर्म्स तेज करने की अपील

Maruti Suzuki के चेयरमैन ने GST रिफॉर्म्स के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गवर्नमेंट के अन्य सदस्यों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि इस रिफॉर्म ने दिखाया है कि इकोनॉमी में किए गए बड़े बदलाव कितना बड़ा असर डाल सकते हैं. उन्होंने सेंट्रल गवर्नमेंट और स्टेट गवर्नमेंट्स से रिफॉर्म्स की रफ्तार और तेज करने की अपील की.

भार्गव ने बिजनेस को आसान बनाने, टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ाने और करप्शन तथा डिले को कम करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि प्रोडक्शन कॉस्ट कम करने में टाइम सेविंग एक महत्वपूर्ण फैक्टर है. साथ ही, उन्होंने गवर्नमेंट्स से प्राइवेट सेक्टर और कम्पटीशन की ताकत पर भरोसा करने की अपील की.

Maruti Suzuki बढ़ा रही प्रोडक्शन कैपेसिटी

बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए Maruti Suzuki लगातार अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ा रही है. भार्गव के मुताबिक, कंपनी की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी FY27 के अंत तक 2.9 मिलियन यूनिट्स और FY31 के अंत तक 3.65 मिलियन यूनिट्स तक पहुंच सकती है.

कंपनी ने हरियाणा के खरखौदा प्लांट में दो प्रोडक्शन लाइन्स शुरू कर दी हैं और तीसरी लाइन पर काम जारी है. इसके अलावा, गुजरात के हंसलपुर में 2.5 लाख यूनिट्स कैपेसिटी वाली चौथी लाइन शुरू की गई है. इसके साथ हंसलपुर की कुल प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़कर 1 मिलियन यूनिट्स हो गई है. यह Suzuki का दुनिया में सबसे बड़ा प्लांट है.

साणंद प्लांट में 35,000 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट

गुजरात के साणंद में Maruti Suzuki के नए मैन्युफैक्चरिंग साइट पर भी काम शुरू हो चुका है. कंपनी यहां कुल 1 मिलियन यूनिट्स की कैपेसिटी स्थापित करने की योजना बना रही है. भार्गव ने शेयरहोल्डर्स को बताया कि साणंद प्रोजेक्ट में करीब 35,000 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट प्रस्तावित है. कंपनी का कहना है कि कैपेसिटी एक्सपैंशन इकोनॉमी में मौजूद ग्रोथ पोटेंशियल को देखते हुए किया जा रहा है.

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