मैच्योरिटी से पहले FD तोड़ने जा रहे हैं? पहले जान लें ये 5 बातें, वरना होगा नुकसान
FD को मैच्योरिटी से पहले तोड़ना आसान है, लेकिन इसके साथ ब्याज में कमी, पेनाल्टी और टैक्स जैसे खर्च जुड़े हो सकते हैं. इसलिए पैसे निकालने से पहले बैंक के नियम जरूर चेक करें और जरूरत पड़ने पर Loan against FD, Overdraft या Partial Withdrawal जैसे विकल्पों की तुलना करें.

FD Premature Withdrawal: FD आज भी सुरक्षित निवेश और तय रिटर्न के लिए लोगों की पसंदीदा स्कीम है. भारत में पिछले 12 महीनों में शेयर बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा है और निफ्टी 50 करीब 3.32 फीसदी नीचे आया है. ऐसे में कई निवेशक फिर से FD, Bonds और दूसरे फिक्स्ड इनकम निवेश विकल्पों की तरफ रुख कर रहे हैं.
फिलहाल कई बड़े सरकारी, स्मॉल फॉइनेंस और प्राइवेट बैंक FD पर 8.50 फीसदी तक ब्याज दे रहे हैं. लेकिन कई बार मेडिकल इमरजेंसी, अचानक पैसों की जरूरत या बदलती प्राथमिकताओं के कारण लोगों को FD मैच्योरिटी से पहले ही तोड़नी पड़ जाती है. अगर आप भी समय से पहले अपनी FD तोड़ने की सोच रहे हैं, तो जल्दबाजी में फैसला न करें. प्री-मैच्योर विड्रॉल से पहले इन 5 बातों को जरूर समझ लेना चाहिए.
1. FD समय से पहले तोड़ने पर कितनी पेनाल्टी लगेगी?
मैच्योरिटी से पहले FD तोड़ने पर बैंक आपसे पेनाल्टी या कुछ शुल्क वसूल सकता है. यह पूरी तरह बैंक की नीति और आपकी FD की शर्तों पर निर्भर करता है. इसलिए FD तोड़ने से पहले अपने बैंक के प्री-मैच्योर विड्रॉल रूल जरूर चेक करें. अलग-अलग बैंकों में समय से पहले FD बंद करने के नियम अलग हो सकते हैं.
2. समय से पहले FD तोड़ने पर कितना ब्याज मिलेगा?
यह सबसे जरूरी बातों में से एक है. अगर आप FD को मैच्योरिटी से पहले तोड़ते हैं, तो जरूरी नहीं कि आपको वही ब्याज मिले जो FD शुरू करते समय तय हुआ था. बैंक आपके पैसे जितने समय तक FD में रहे, उस अवधि के लिए लागू ब्याज दर के आधार पर ब्याज की गणना कर सकता है. ऐसे में मैच्योरिटी से पहले FD तोड़ने पर आपके ब्याज में कमी आ सकती है.
3. FD के ब्याज पर टैक्स का क्या होगा?
FD से मिलने वाला ब्याज लागू इनकम टैक्स रूल के तहत टैक्सेबल होता है. इसलिए समय से पहले FD तोड़ने का फैसला करने से पहले टैक्स के असर को भी समझना जरूरी है. ऐसे में आपको यह देखना चाहिए कि FD से मिला ब्याज आपकी कुल टैक्स देनदारी पर क्या असर डाल सकता है. सिर्फ मिलने वाली रकम देखकर फैसला करने के बजाय टैक्स के बाद वास्तविक फायदा भी देखना चाहिए.
4. FD तोड़ने के बजाय लोन या Overdraft मिल सकता है?
अगर आपको कुछ समय के लिए तुरंत पैसों की जरूरत है, तो FD तोड़ने के बजाय अपने बैंक से Loan against FD या Overdraft की सुविधा के बारे में जानकारी ले सकते हैं. इससे आपको FD बंद किए बिना पैसों की व्यवस्था करने का विकल्प मिल सकता है. हालांकि, लोन या Overdraft लेने से पहले उसकी ब्याज दर, खर्च और बाकी शर्तों को ध्यान से समझना जरूरी है.
अगर जरूरत अस्थायी है, तो FD तोड़ने के नुकसान और FD के बदले मिलने वाले लोन की लागत की तुलना करके फैसला किया जा सकता है.
5. FD तोड़ने का कुल नुकसान पहले कैलकुलेट करें
FD समय से पहले तोड़ने से पहले सिर्फ पेनाल्टी पर ध्यान न दें. आपको यह भी देखना चाहिए कि कम ब्याज मिलने से कितना नुकसान होगा, कौन-कौन से शुल्क लग सकते हैं और टैक्स का क्या असर पड़ेगा. इन सभी बातों को जोड़कर यह समझें कि FD तोड़ने की कुल लागत कितनी है. इसके बाद इसे अपनी तत्काल पैसों की जरूरत और FD तोड़ने से मिलने वाले फायदे के साथ तुलना करें.
अगर बैंक अनुमति देता है, तो आप Partial Withdrawal का विकल्प भी देख सकते हैं. इससे जरूरत के हिसाब से कुछ रकम निकाली जा सकती है और बाकी FD पर ब्याज मिलता रह सकता है.
FD तोड़ने से पहले सही प्लानिंग क्यों जरूरी है?
किसी जरूरी और अचानक वित्तीय जरूरत के समय FD तोड़ना सही फैसला हो सकता है. लेकिन यह फैसला सोच-समझकर करना चाहिए. बैंक के प्री-मैच्योर विड्रॉल रूल को समझना, होने वाले नुकसान की गणना करना और दूसरे विकल्पों को देखना जरूरी है.
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अगर पैसों की जरूरत कुछ समय के लिए है, तो Loan against FD या ओवर ड्रॉफ्ट जैसे विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है. कुछ मिनट की सही तुलना आपको जरूरत के समय पैसे उपलब्ध कराने के साथ-साथ आपकी बचत और रिटर्न को बचाने में मदद कर सकती है.