शुगर स्टॉक्स की तेजी पर लगा ब्रेक! Balrampur Chini समेत कई शेयर लाल, 7% तक की गिरावट; ये रही वजह
शुगर शेयरों में तेज रैली के बाद 25 अगस्त को मुनाफावसूली देखने को मिली और Balrampur Chini Mills, Bajaj Hindusthan Sugar, Shree Renuka Sugars समेत कई शेयर 7 फीसदी तक गिर गए. सरकार ने 10 लाख टन तक कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात के नियमों में राहत दी है.
Highlights
- चीनी के शेयरों में तेज रैली के बाद मुनाफावसूली देखने को मिली है.
- कई शेयर 7 फीसदी तक गिर गए हैं.
- घरेलू बाजार में चीनी की कीमत 20 जुलाई के 48.18 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 24 अगस्त को 63.05 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है.
Sugar Stocks Crash: चीनी शेयरों में जोरदार तेजी के बाद सोमवार 25 अगस्त को मुनाफावसूली देखने को मिली. Balrampur Chini Mills, Bajaj Hindusthan Sugar, Shree Renuka Sugars समेत कई शुगर शेयर 7 फीसदी तक गिर गए. इस महीने शुगर सेक्टर के कई शेयरों में 20 से 30 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली थी.
सरकार की ओर से कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात के नियमों में राहत दिए जाने के बाद भी निवेशकों ने शुगर शेयरों में मुनाफावसूली की. सरकार ने कच्ची चीनी के आयातकों को इसे रिफाइंड चीनी में बदलकर घरेलू बाजार में बेचने के लिए ज्यादा समय और लचीलापन दिया है. सरकार का यह कदम घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ाने और जमाखोरी पर लगाम लगाने की दिशा में देखा जा रहा है.
Sugar Stocks में क्यों आई गिरावट?
20 अगस्त की अधिसूचना के तहत सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 तक टैरिफ रेट कोटा यानी TRQ के तहत 10 लाख टन तक कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी थी. आयातकों को इस कच्ची चीनी को सफेद चीनी में बदलकर 31 अक्टूबर तक घरेलू बाजार में बेचने की शर्त रखी गई.
अब Directorate General of Foreign Trade यानी DGFT ने 31 अक्टूबर की तय समयसीमा को बदल दिया है. इसके बजाय अब Bill of Entry दाखिल करने की तारीख से दो महीने का समय दिया जाएगा. इससे आयातकों को कच्ची चीनी को प्रोसेस करने और रिफाइंड चीनी को घरेलू बाजार में सप्लाई करने के लिए ज्यादा लचीलापन मिलेगा.
पुराने Advance Authorisations को भी TRQ में बदलने की अनुमति
सरकार ने SION E-52 के तहत जारी मौजूदा Advance Authorisations को एक बार TRQ स्कीम में बदलने की भी अनुमति दी है. यह प्रावधान उन कच्ची चीनी के आयात पर लागू होगा, जो इन अथॉराइजेशन के तहत 20 अगस्त तक वास्तव में आयात की जा चुकी है.
इसमें पहले से तैयार हो चुकी रिफाइंड चीनी के साथ-साथ आयात की गई कच्ची चीनी से आगे तैयार होने वाली चीनी भी शामिल होगी. हालांकि, इस बदलाव के लिए आयात के समय ली गई GST छूट का भुगतान करना होगा. साथ ही, दूसरी लागू शर्तों का भी पालन करना होगा.
Balrampur Chini से Bajaj Hindusthan तक टूटे शेयर
25 अगस्त को Balrampur Chini Mills, EID Parry और Triveni Engineering के शेयर करीब 2.6 फीसदी से 3 फीसदी तक नीचे कारोबार कर रहे हैं. वहीं, Bajaj Hindusthan Sugar में 7 फीसदी, Shree Renuka Sugars में 3 फीसदी और Bannari Amman Sugars में 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.
चीनी के दाम में आई तेज बढ़ोतरी
हाल के हफ्तों में घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है. 20 जुलाई को चीनी की कीमत 48.18 रुपये प्रति किलो थी, जो 24 अगस्त को बढ़कर 63.05 रुपये प्रति किलो पहुंच गई. सरकार के मुताबिक, उम्मीद से कम चीनी उत्पादन, मौसम से फसल को हुआ नुकसान, वैश्विक सप्लाई को लेकर चिंता और जमाखोरी की वजह से कीमतों में तेजी आई है. हालांकि, सरकार ने यह मानने से इनकार किया है कि चीनी को Ethanol की ओर भेजा जाना कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह है.
देश में चीनी का घरेलू स्टॉक करीब 35 से 39 लाख टन रहने का अनुमान है. यह सरकार की 60 लाख टन के सामान्य Buffer Stock की जरूरत से कम है.
जमाखोरी रोकने के लिए सरकार का एक और बड़ा कदम
सरकार सिर्फ आयात नियमों में राहत देकर सप्लाई बढ़ाने पर ही काम नहीं कर रही है, बल्कि जमाखोरी और सट्टेबाजी पर भी सख्ती कर रही है. 1 सितंबर से Bulk Sugar Consumers के लिए Stockholding Limit घटाकर खपत के सिर्फ 15 दिन के बराबर कर दी जाएगी. पहले की तुलना में यह सीमा आधी कर दी गई है.
यह कदम अगस्त से नवंबर के त्योहारों के मौसम के दौरान जमाखोरी और सट्टेबाजी पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है. इसी अवधि में आमतौर पर चीनी की मांग बढ़ जाती है.
सरकार ने चीनी मिलों की निगरानी भी बढ़ा दी है. मिलों को 17 अगस्त से 19 अगस्त के बीच हुई चीनी बिक्री की हर ट्रांजैक्शन की जानकारी देनी होगी. इसमें बेची गई चीनी की मात्रा, बिक्री की कीमत और खरीदार की जानकारी शामिल है.
शुगर सेक्टर में आगे क्या देखना होगा?
शुगर शेयरों में इस महीने 20 से 30 फीसदी तक की तेज रैली के बाद अब मुनाफावसूली देखने को मिली है. दूसरी तरफ, चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार सप्लाई बढ़ाने, आयात नियमों में राहत देने और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए लगातार कदम उठा रही है.
इसे भी पढ़ें- Coal Gasification पर बड़ा निवेश करने को तैयार कंपनियां, लेकिन सरकार से चाहिए गारंटी, जानें पूरा मामला
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर घरेलू चीनी की कीमतों, कच्ची चीनी के आयात, सरकारी फैसलों, Stockholding Limit और चीनी मिलों की बिक्री पर रहेगी.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
Hindustan Copper का शेयर 6 फीसदी टूटा, डिस्काउंट पर OFS लाने से फिसला स्टॉक; जानें- डिटेल्स
Opening Bell: सेंसेक्स 107 अंक टूटा, Nifty भी गिरा; Metal और Auto शेयरों पर दबाव, IT में दिखी तेजी
Stock to Watch: TCS, ICICI बैंक, हिंदुस्तान कॉपर और पिरामल फाइनेंस पर रखें, शेयरों में दिख सकती है हलचल
