8th Pay Commission: ₹18,000 की बेसिक सैलरी हो सकती है ₹48,000, जानें पूरा गणित
8वें वेतन आयोग में 5 फैमिली यूनिट मानने पर न्यूनतम बेसिक सैलरी करीब ₹48,000 होने का अनुमान है. 2.66 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर यह गणना की गई है, लेकिन अंतिम फैसला आयोग और सरकार की मंजूरी के बाद होगा.
Highlights
- 8वें वेतन आयोग में बेसिक सैलरी ₹48,000 होने का अनुमान
- 2.66 फिटमेंट फैक्टर से सैलरी बढ़ने की उम्मीद
- पांच फैमिली यूनिट पर नया वेतन गणित प्रस्तावित है
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी चर्चाएं तेज हो गई हैं. कर्मचारी संगठन न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाने के साथ-साथ परिवार की गणना के लिए तय यूनिट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. अगर परिवार की यूनिट मौजूदा 3 से बढ़ाकर 5 की जाती है और 2.66 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर करीब ₹48,000 हो सकती है. यह अभी अंतिम फैसला नहीं है, बल्कि कर्मचारी संगठनों की मांग और अनुमान पर आधारित गणना है.
परिवार की यूनिट 5 करने की मांग
मौजूदा व्यवस्था में परिवार की गणना के लिए तीन यूनिट को आधार माना गया है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि माता-पिता भी कर्मचारी के परिवार और खर्च की जिम्मेदारियों का हिस्सा हैं. इसलिए परिवार की यूनिट बढ़ाकर पांच की जानी चाहिए. नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), AINPSEF, AIDEF और FNPO समेत कई संगठनों ने इस मांग को उठाया है.
NC-JCM ने 8वें वेतन आयोग को दिए ज्ञापन में न्यूनतम बेसिक पे को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग की है. वहीं IRTSA ने 4.6 से 4.8 कंजम्पशन यूनिट का सुझाव दिया है और इसके आधार पर करीब ₹52,600 न्यूनतम वेतन का प्रस्ताव रखा है.
2.66 फिटमेंट फैक्टर से कैसे बढ़ेगी सैलरी?
AINPSEF के अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल के मुताबिक, अगर परिवार की यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 की जाती है तो फिटमेंट फैक्टर करीब 2.66 तक पहुंच सकता है. उदाहरण के तौर पर 7वें वेतन आयोग में लेवल-1 कर्मचारी का न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है. अगर 8वें वेतन आयोग में 2.66 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो गणना के मुताबिक ₹18,000 × 2.66 = ₹47,880, यानी करीब ₹48,000 बेसिक सैलरी बन सकती है.
लेवल-1 से लेवल-5 तक कर्मचारियों पर असर
इस संभावित फिटमेंट फैक्टर का असर सिर्फ लेवल-1 कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा. लेवल-2, लेवल-3, लेवल-4 और लेवल-5 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में भी इसी आधार पर बढ़ोतरी की गणना की जा सकती है. हालांकि, अंतिम वेतन कितना बढ़ेगा, यह 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा. अभी आयोग की प्रक्रिया चल रही है और अलग-अलग कर्मचारी संगठन अपनी मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं.
₹69,000 की मांग, लेकिन ₹48,000 सिर्फ अनुमान
यह समझना जरूरी है कि ₹48,000 कोई घोषित न्यूनतम वेतन नहीं है. यह 2.66 फिटमेंट फैक्टर और पांच फैमिली यूनिट की संभावित व्यवस्था के आधार पर निकाला गया अनुमान है. दूसरी ओर, कई कर्मचारी संगठन न्यूनतम बेसिक पे को सीधे ₹69,000 करने की मांग कर रहे हैं.
इसलिए 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिश आने तक कर्मचारियों को इन आंकड़ों को संभावित अनुमान के तौर पर ही देखना चाहिए. अंतिम वेतन, फिटमेंट फैक्टर और परिवार की यूनिट को लेकर फैसला आयोग की सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा.
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