शुगर स्टॉक्स में तूफानी तेजी, Bajaj Hindusthan समेत 52 वीक हाई पर पहुंचे ये 9 शेयर; रखें नजर

चीनी शेयरों में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली. बजाज हिंदुस्तान शुगर 12 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 52 हफ्ते के हाई पर पहुंचा. द्वारिकेश शुगर, धामपुर शुगर, डालमिया भारत शुगर और कई अन्य शेयरों ने भी नया उच्च स्तर बनाया. तेजी के पीछे सरकार का चीनी स्टॉक रखने की सीमा तय करना अहम वजह माना जा रहा है.

शुगर स्टॉक. Image Credit: freepik

Highlights

  • चीनी शेयरों में सोमवार को जोरदार खरीदारी देखने को मिली.
  • Bajaj Hindusthan Sugar के शेयर में 12 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई.
  • Dwarikesh Sugar, Dhampur Sugar और Dalmia Bharat Sugar समेत कई शेयर 52 Week High पर पहुंचे.

चीनी कंपनियों के शेयरों में सोमवार के कारोबार में जोरदार तेजी देखने को मिली. कई चीनी शेयर अपने 52 हफ्ते के नए उच्च स्तर पर पहुंच गए. बजाज हिंदुस्तान शुगर के शेयर में 12 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई. सरकार की ओर से चीनी के स्टॉक रखने की लिमिट तय किए जाने के बाद इन शेयरों में खरीदारी बढ़ी. सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को कंट्रोल करने के लिए ये कदम उठाए हैं. इससे चीनी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है.

बजाज हिंदुस्तान समेत कई शेयर 52 हफ्ते के हाई पर

बजाज हिंदुस्तान शुगर के शेयर सोमवार को 12 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गए. इसके अलावा अवध शुगर एंड एनर्जी, डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज और धामपुर शुगर मिल्स के शेयर भी अपने 52 हफ्ते के हाई पर पहुंचे. द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज, मगध शुगर एंड एनर्जी और मवाना शुगर्स में भी तेजी रही. पोन्नी शुगर्स, उगार शुगर वर्क्स और उत्तम शुगर मिल्स ने भी 52 हफ्ते का नया उच्च स्तर बनाया.

इन चीनी शेयरों में भी दिखी तेजी

सोमवार को कई अन्य चीनी कंपनियों के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए. श्री रेणुका शुगर्स, ईआईडी पैरी इंडिया, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज और बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयरों में 3 से 8 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई. चीनी शेयरों में यह तेजी ऐसे समय आई है जब सरकार घरेलू बाजार में कीमतों को कंट्रोल करने के लिए कई कदम उठा रही है. निवेशकों की नजर अब चीनी की कीमत और कंपनियों की कमाई पर बनी हुई है.

सरकार ने चीनी रखने की सीमा तय की

सरकार ने चीनी की कीमतों में हालिया तेजी को देखते हुए कारोबारियों के लिए स्टॉक रखने की लिमिट तय की है. देशभर में चीनी डीलरों के लिए 400 टन की स्टॉक सीमा लागू की गई है. यह सीमा 1 अगस्त से 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगी. इसके अलावा 1 सितंबर से बड़े कंज्यूमर अपनी 15 दिन की खपत से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे.

घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक

सरकार ने कहा है कि देश में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी स्टॉक मौजूद है. हालांकि इस साल चीनी का उत्पादन अनुमान से कम रहने की आशंका के बीच कीमतों पर दबाव बढ़ा है. सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है. सरकार का कहना है कि जरूरत के अनुसार, बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाएंगे.

ये भी पढ़ें- Closing Bell: तेल सस्ता हुआ, फिर भी क्यों टूटा बाजार? अमेरिका-ईरान तनाव के बीच निवेशकों को किस बात का डर?

एक दिन पहले चीनी शेयरों में आई थी गिरावट

चीनी शेयरों में सोमवार की तेजी से पहले शुक्रवार को कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई थी. सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी थी. इसके बाद घरेलू बाजार में चीनी की कमी और त्योहारी मांग को लेकर चिंता बढ़ी थी. शुक्रवार को कुछ चीनी शेयरों में 5 फीसदी तक की गिरावट आई थी. अब स्टॉक लिमिट तय किए जाने के बाद बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर नई उम्मीद बनी है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.