घर खाली करने के बाद क्या मकान मालिक मांग सकता है मरम्मत का पैसा? जानिए क्या कहता है कानून
क्या मकान मालिक घर खाली करने के बाद किरायेदार से मरम्मत का खर्च मांग सकता है? कानून के अनुसार यह तभी संभव है जब नुकसान सामान्य इस्तेमाल से ज्यादा हो और उसका सबूत मौजूद हो. सामान्य रखरखाव का खर्च आमतौर पर मकान मालिक की जिम्मेदारी होता है.
Landlord: किराए के मकान में रहने वाले लोगों के सामने अक्सर एक सवाल आता है कि घर खाली करने के बाद अगर मकान मालिक मरम्मत का खर्च मांग ले तो क्या करना चाहिए. कई बार ऐसा होता है कि किरायेदार के जाने के बाद मकान मालिक घर की मरम्मत करवाता है और उसका खर्च किरायेदार से मांगने लगता है. इस वजह से दोनों पक्षों के बीच विवाद भी हो जाते हैं.
कानून के अनुसार किरायेदार को मकान उसी हालत में लौटाना चाहिए जिस हालत में उसने किराए पर लिया था. हालांकि सामान्य इस्तेमाल के कारण होने वाली छोटी-मोटी टूट-फूट को अलग माना जाता है. अदालतों ने भी कई मामलों में इस मुद्दे पर फैसला दिया है और यह तय किया है कि किस स्थिति में मकान मालिक किरायेदार से मरम्मत का पैसा मांग सकता है और कब नहीं.
क्या मकान मालिक मरम्मत का पैसा मांग सकता है
ET की एक रिपोर्ट के हवाले से कानूनी विशेषज्ञ Prof. (Dr.) Rahela Khorakiwala के अनुसार मकान मालिक किरायेदार से मरम्मत का खर्च मांग सकता है, लेकिन सिर्फ तब जब नुकसान सामान्य इस्तेमाल से ज्यादा हो. अगर किरायेदार ने मकान में ऐसी क्षति पहुंचाई है जो सामान्य उपयोग से नहीं होती, तो मकान मालिक उससे मरम्मत का खर्च वसूल सकता है. उदाहरण के लिए अगर किसी ने फिटिंग्स तोड़ दी हों, दरवाजे या खिड़कियां नुकसान पहुंचाई हों या Structure को नुकसान पहुंचाया हो, तो इसका खर्च किरायेदार से मांगा जा सकता है.
सामान्य रखरखाव किसकी जिम्मेदारी
सामान्य रखरखाव जैसे पेंटिंग, सफेदी या छोटी-मोटी मरम्मत आमतौर पर मकान मालिक की जिम्मेदारी मानी जाती है. जब तक किराए के समझौते में अलग से यह शर्त न लिखी हो, तब तक किरायेदार को इन खर्चों का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता.
अगर मकान मालिक किरायेदार से मरम्मत का पैसा मांगता है, तो उसे यह साबित करना होगा कि नुकसान वास्तव में किरायेदार की वजह से हुआ है. अगर पर्याप्त सबूत नहीं हैं या नुकसान पहले से मौजूद था, तो अदालत ऐसे दावे को खारिज भी कर सकती है.
किरायेदार के पास क्या ऑप्शन
किरायेदार ऐसे मामलों में कई तरह की कानूनी दलील दे सकता है. वह यह कह सकता है कि नुकसान सामान्य इस्तेमाल के कारण हुआ है, या मकान मालिक के पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं. इसके अलावा अगर किराए के समझौते में लिखा है कि मरम्मत का खर्च मकान मालिक उठाएगा, तो भी किरायेदार पर पैसा देने की जिम्मेदारी नहीं होगी.
मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट में से कुछ पैसा काट सकता है, लेकिन यह तभी संभव है जब उसका ठोस कारण और सबूत मौजूद हों. बिना किसी ठोस कारण के पूरे सिक्योरिटी डिपॉजिट को रोकना कानूनन सही नहीं माना जाता.
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