क्या बदल रहा है क्रेडिट कार्ड से खर्च करने का तरीका? लेनदेन बढ़ा, लेकिन औसत खर्च घटा; आखिर क्या है वजह?
जुलाई 2026 में क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन में 24.1% की तेज बढ़ोतरी हुई और यह 601 मिलियन तक पहुंच गया. लेकिन कुल क्रेडिट कार्ड स्पेंडिंग सिर्फ 7.4% बढ़ी है. इसके चलते एक ट्रांजैक्शन पर औसत खर्च 13.5% घटकर 3460 रुपये रह गया. कम रकम वाले रुपे क्रेडिट कार्ड-लिंक्ड यूपीआई ट्रांजैक्शन का बढ़ता इस्तेमाल इस गिरावट की एक वजह है.
Highlights
- जुलाई में ट्रांजैक्शन की संख्या सालाना आधार पर 24.1% बढ़कर 601 मिलियन हो गई.
- औसत ट्रांजैक्शन स्पेंड 13.5% घटकर ₹3,460 रह गया.
- कम रकम वाले रुपे क्रेडिट कार्ड-लिंक्ड यूपीआई ट्रांजैक्शन बढ़ने से एवरेज ट्रांजैक्शन साइज पर असर पड़ा है.
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन हर बार कार्ड से खर्च होने वाली औसत रकम कम हो रही है. जुलाई 2026 में क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन की संख्या सालाना आधार पर 24.1% बढ़कर 601 मिलियन हो गई. वहीं, कुल क्रेडिट कार्ड स्पेंडिंग सिर्फ 7.4% बढ़कर 2.08 लाख करोड़ रुपये रही यानी ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़े, लेकिन खर्च की रकम उतनी तेजी से नहीं बढ़ी.
इसका सीधा असर एवरेज ट्रांजैक्शन स्पेंड पर पड़ा है. जुलाई में एक क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर औसत खर्च 13.5% घटकर ₹3,460 रह गया. जून में भी इसमें सालाना आधार पर 12.9% की गिरावट दर्ज हुई थी.
कम हो रहा हर ट्रांजैक्शन का खर्च, यूपीआई से क्या है कनेक्शन?
एसेट सी. मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स लिमिटेड यानी एसीएमआईआईएल की मंथली क्रेडिट कार्ड इनसाइट्स: जुलाई 2026 रिपोर्ट आरबीआई के डेटा पर आधारित है. रिपोर्ट के मुताबिक, एवरेज ट्रांजैक्शन साइज में गिरावट की एक वजह कम रकम वाले रुपे क्रेडिट कार्ड-लिंक्ड यूपीआई ट्रांजैक्शन का बढ़ना है. रुपे क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से लिंक करने के बाद ग्राहक मर्चेंट पेमेंट के लिए यूपीआई का इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसे में हर छोटे पेमेंट के लिए फिजिकल कार्ड का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं रहता.
हालांकि, रिपोर्ट ने यह नहीं बताया है कि इंडस्ट्री में कुल ट्रांजैक्शन में 24.1% की बढ़ोतरी में क्रेडिट कार्ड-लिंक्ड यूपीआई का कितना योगदान रहा. इसलिए सिर्फ इस डेटा के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि यूपीआई ने अकेले क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन में यह बढ़ोतरी कराई है.
पीएनबी के आंकड़ों में दिखा यूपीआई का असर
पंजाब नेशनल बैंक यानी पीएनबी के आंकड़े यूपीआई के असर की एक खास झलक देते हैं. जुलाई में पीएनबी के क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन की संख्या 52 लाख पहुंच गई. इसमें जून के मुकाबले भी 8.9% की बढ़ोतरी हुई. इससे पहले जून में ट्रांजैक्शन की संख्या में छह गुना उछाल आया था.
पीएनबी का क्रेडिट कार्ड स्पेंड भी जुलाई में सालाना आधार पर 173% और महीने के आधार पर 8.6% बढ़ा. हालांकि, पूरे इंडस्ट्री क्रेडिट कार्ड स्पेंड में पीएनबी की हिस्सेदारी सिर्फ 0.4% है. इसलिए पीएनबी के आंकड़ों को पूरी इंडस्ट्री पर लागू नहीं किया जा सकता.
हर कार्ड पर महीने का औसत खर्च भी घटा
सिर्फ एक ट्रांजैक्शन पर खर्च होने वाली रकम ही कम नहीं हुई है, बल्कि हर क्रेडिट कार्ड पर होने वाला औसत मासिक खर्च भी सालाना आधार पर घटा है. जुलाई में एक क्रेडिट कार्ड पर औसत मासिक खर्च 16,812 रुपये रहा. यह जून के मुकाबले 2.2% ज्यादा है, लेकिन पिछले साल जुलाई के मुकाबले 2.4% कम है.
बैंकों के बीच भी औसत खर्च में काफी अंतर रहा है. एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड पर सबसे ज्यादा औसत खर्च 22,322 रुपये रहा. इसके बाद एसबीआई 17,392 रुपये और आईसीआईसीआई बैंक 17,278 रुपये के साथ रहे.
क्या बदल रहा है क्रेडिट कार्ड से खर्च करने का तरीका?
जुलाई के आंकड़े एक दिलचस्प तस्वीर दिखाते हैं। एक तरफ क्रेडिट कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शन की संख्या तेजी से बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ हर ट्रांजैक्शन पर खर्च होने वाली औसत रकम घट रही है. एसीएमआईआईएल के मुताबिक, कम रकम वाले रुपे क्रेडिट कार्ड-लिंक्ड यूपीआई ट्रांजैक्शन का बढ़ता इस्तेमाल एवरेज ट्रांजैक्शन साइज में गिरावट की एक वजह है।
हालांकि, उपलब्ध डेटा यह साबित नहीं करता कि यूपीआई की वजह से लोग निश्चित तौर पर ज्यादा बार खर्च कर रहे हैं. यह भी साबित नहीं होता कि ग्राहक अपने बैंक खाते से होने वाले सामान्य यूपीआई पेमेंट को क्रेडिट कार्ड से किए जाने वाले यूपीआई पेमेंट से बदल रहे हैं.
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