EPF अकाउंट कब हो जाता है निष्क्रिय? EPFO ने बताया पूरा नियम

EPFO ने EPF खाताधारकों को निष्क्रिय खाते को लेकर सावधान किया है. रिटायरमेंट के बाद लंबे समय तक पैसा छोड़ने पर ब्याज रुक सकता है. 55 साल से पहले रिटायर होने वालों को 58 साल तक खाते पर नजर रखनी चाहिए.

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EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि खाते के लिए रिटायरमेंट की उम्र आम तौर पर 58 साल मानी जाती है. हालांकि, कई कर्मचारी 55 साल की उम्र से पहले ही रिटायर हो जाते हैं, खासकर तब जब वे कम से कम 10 साल नौकरी पूरी कर चुके हों. कुछ लोग 58 साल की उम्र तक काम करते हैं.

लेकिन कई बार कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद अपना EPF पैसा निकालना या नए खाते में ट्रांसफर करना भूल जाते हैं. ऐसे में उनका EPF अकाउंट निष्क्रिय (Inoperative) हो सकता है. इसका सीधा असर खाते पर मिलने वाले ब्याज पर पड़ सकता है.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए बताया है कि कर्मचारियों को अपने EPF खाते को निष्क्रिय होने से क्यों बचाना चाहिए और ऐसा होने पर ब्याज का नुकसान कैसे हो सकता है.

कब निष्क्रिय हो सकता है EPF अकाउंट?

जब किसी EPF खाते में लंबे समय तक कोई योगदान या निकासी नहीं होती है, तो तय नियमों के तहत वह अकाउंट निष्क्रिय हो सकता है. एक बार EPF खाता निष्क्रिय होने के बाद उस पर आगे ब्याज मिलना बंद हो सकता है. हालांकि, EPFO के नियमों के मुताबिक, सदस्य की उम्र 58 साल होने तक ऐसे खाते पर ब्याज दिया जा सकता है, बशर्ते संबंधित नियम पूरे होते हों. इसलिए रिटायरमेंट के बाद EPF खाते को यूं ही छोड़ देना सही नहीं है. 55 साल से पहले रिटायर हुए हैं तो 58 साल तक ध्यान दें

EPFO ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि अगर कोई व्यक्ति 55 साल की उम्र से पहले रिटायर हो जाता है, तो उसे 58 साल की उम्र तक अपना EPF पैसा निकाल लेना चाहिए, ताकि ब्याज का नुकसान न हो. अगर आपने समय से पहले रिटायरमेंट ले लिया है और अभी तक अपना EPF पैसा नहीं निकाला है, तो खाते पर नजर रखना जरूरी है.

ऐसे में नियमों के मुताबिक EPF की रकम निकालने या अगर आप किसी दूसरी PF कवर वाली कंपनी में काम कर रहे हैं तो उसे नए खाते में ट्रांसफर करने पर विचार करना चाहिए. खाते को कई साल तक बिना इस्तेमाल के छोड़ना नुकसानदायक हो सकता है.

55 साल या उसके बाद रिटायर हुए तो 3 साल का नियम

अगर कोई कर्मचारी 55 साल या उसके बाद रिटायर होता है, तो EPFO के मुताबिक उसे रिटायरमेंट की तारीख से 3 साल के अंदर यानी 36 महीने के भीतर अपना EPF पैसा निकाल लेना चाहिए. ऐसा करने से ब्याज का नुकसान होने की संभावना कम हो जाती है.

रिटायरमेंट के बाद कितने समय तक मिलेगा ब्याज?

EPFO के FAQ के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी 55 साल या उससे ज्यादा उम्र में रिटायर होता है, तो रिटायरमेंट की तारीख से 36 महीने बाद उसका EPF अकाउंट निष्क्रिय हो सकता है. इसके बाद खाते में आगे ब्याज मिलना बंद हो जाता है. उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति 58 साल की उम्र में रिटायर होता है, तो उसके EPF खाते पर 58 साल की उम्र तक ब्याज मिल सकता है.

वहीं अगर कोई कर्मचारी अपनी इच्छा से 55 साल से पहले, जैसे 50 साल की उम्र में रिटायर होता है, तो उसके EPF खाते पर 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलना जारी रह सकता है. क्योंकि इस स्थिति में खाता सदस्य के 58 साल का होने के बाद ही निष्क्रिय माना जाता है. दूसरी तरफ, अगर कोई कर्मचारी 60 साल की उम्र में रिटायर होता है, तो नियमों के मुताबिक उसे 63 साल की उम्र तक ब्याज मिल सकता है.

क्या निष्क्रिय EPF खाते पर भी 8.25% ब्याज मिलता रहेगा?

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF की ब्याज दर 8.25% है. लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि कोई पुराना या निष्क्रिय EPF अकाउंट हमेशा 8.25% की दर से ब्याज कमाता रहेगा. ब्याज मिलने की अवधि EPFO के लागू नियमों पर निर्भर करती है.

निष्क्रिय EPF अकाउंट क्या होता है?

अगर रिटायरमेंट के बाद 3 साल तक किसी EPF खाते में कोई योगदान नहीं होता है, तो वह निष्क्रिय हो सकता है. इसके अलावा स्थायी रूप से विदेश चले जाने या सदस्य की मृत्यु जैसी स्थिति में भी खाते को निष्क्रिय खाते की श्रेणी में रखा जा सकता है. हालांकि, EPFO के मुताबिक फिलहाल सभी खातों पर सदस्य के 58 साल की उम्र तक ब्याज दिया जाता है.

क्या निष्क्रिय EPF खाते पर ब्याज मिलता है?

EPFO के FAQ के अनुसार, निष्क्रिय खाते पर आगे ब्याज नहीं मिलता. हालांकि, मौजूदा नियमों के तहत सदस्य के 58 साल की उम्र तक खाते पर ब्याज दिया जाता है. इसलिए EPF खाते को लंबे समय तक बिना किसी कार्रवाई के छोड़ना सही नहीं है.

EPF अकाउंट निष्क्रिय हो जाए तो क्या करें?

अगर आप अभी भी ऐसी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं, जहां EPF & MP Act, 1952 के तहत PF की सुविधा मिलती है, तो अपने पुराने EPF खाते की रकम को नए खाते में ट्रांसफर कर लेना चाहिए. यह काम ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है. अगर आप रिटायर हो चुके हैं, तो नियमों के मुताबिक अपने EPF खाते की रकम निकाल सकते हैं.

आसान भाषा में समझें

  • 55 साल से पहले रिटायरमेंट: 58 साल की उम्र तक EPF खाते पर नजर रखें और रकम निकालने या ट्रांसफर करने पर विचार करें.
  • 55 साल या उसके बाद रिटायरमेंट: रिटायरमेंट के 3 साल के अंदर EPF की रकम निकालना बेहतर है.
  • सबसे जरूरी बात: EPF खाते को लंबे समय तक यूं ही छोड़ने से ब्याज मिलना बंद हो सकता है. इसलिए रिटायरमेंट के बाद अपने EPF खाते की स्थिति जरूर जांचते रहें.

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