8th Pay Commission: न्यूनतम वेतन 52600 रुपये करने की मांग, फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की डिमांड
8th Pay Commission को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है. रेलवे तकनीकी सुपरवाइजर संगठन IRTSA ने न्यूनतम वेतन 52600 रुपये करने की मांग रखी है. संगठन ने Level 1 से 5 के लिए 2.92 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है. वहीं ऊंचे पे लेवल के लिए इससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग है.
Highlights
- 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 52600 रुपये करने की मांग.
- IRTSA ने Level 1 से 5 के लिए 2.92 फिटमेंट फैक्टर सुझाया.
- Level 6 से 18 तक ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग.
8th Pay Commission की दिल्ली में चल रही बैठकें आज 10 अगस्त को खत्म हो रही हैं. इन बैठकों में केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स और कर्मचारी संगठनों ने वेतन और भत्तों से जुड़ी कई मांगें रखी हैं. इसी बीच Indian Railways Technical Supervisors Association यानी IRTSA ने न्यूनतम वेतन को 52600 रुपये करने की मांग रखी है. संगठन ने इसके लिए 2.92 के फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है. इसके अलावा अलग- अलग पे लेवल के लिए अलग फिटमेंट फैक्टर और सालाना 5 फीसदी वेतन बढ़ोतरी की मांग भी की गई है.
52600 रुपये न्यूनतम वेतन की मांग
IRTSA ने 8th Pay Commission के सामने न्यूनतम वेतन 52600 रुपये करने का प्रस्ताव रखा है. संगठन के अनुसार यह वेतन 2.92 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर तय किया जाना चाहिए. IRTSA ने कहा है कि वेतन तय करते समय मौजूदा समय में परिवार के खर्च को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. इसमें इंटरनेट, पीने के पानी और मेडिकल इंश्योरेंस जैसे खर्च शामिल हैं. हालांकि यह अभी कर्मचारी संगठन की मांग है और सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी है.
अलग पे लेवल के लिए अलग फिटमेंट फैक्टर
IRTSA ने सभी कर्मचारियों के लिए एक समान फिटमेंट फैक्टर की जगह अलग-अलग पे लेवल के लिए अलग फैक्टर रखने का प्रस्ताव दिया है. Level 1 से 5 के लिए 2.92 फिटमेंट फैक्टर की मांग है. Level 6 से 8 के लिए 3.50 और Level 9 से 12 के लिए 3.80 फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित है. वहीं Level 13 से 16 के लिए 4.09 और Level 17 से 18 के लिए 4.38 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी गई है. रेलवे के सुरक्षा से जुड़े पदों के लिए Level 6 से अधिक फैक्टर की मांग की गई है.
हर साल 5 फीसदी वेतन बढ़ाने की मांग
IRTSA ने कर्मचारियों के लिए हर साल 5 फीसदी वेतन बढ़ोतरी की मांग भी की है. संगठन का कहना है कि इससे कर्मचारियों की आय में नियमित बढ़ोतरी होगी. इसके साथ ही तकनीकी सुपरवाइजरों की करियर स्ट्रक्चर में बदलाव की भी मांग की गई है. संगठन का फोकस कर्मचारियों और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने पर है. अगर इन मांगों को मंजूरी मिलती है तो संबंधित कर्मचारियों को वेतन और करियर दोनों स्तर पर फायदा मिल सकता है.
Junior Engineer के लिए बड़ी मांग
IRTSA ने Junior Engineer और Senior Section Engineer से जुड़ी कई मांगें भी रखी हैं. संगठन ने Senior Section Engineer को Group B Gazetted का दर्जा देने की मांग की है. Junior Engineer के लिए Level 7 से शुरू होने वाली पांच ग्रेड की स्ट्रक्चर का प्रस्ताव रखा गया है. इसके अलावा प्रमोशन के बेहतर अवसर और MACPS से जुड़े बदलाव की मांग भी की गई है. रात की ड्यूटी, ओवरटाइम और जोखिम तथा कठिनाई भत्ते में बदलाव की मांग भी शामिल है.
फिटमेंट फैक्टर पर अभी अंतिम फैसला नहीं
8th Pay Commission की प्रक्रिया अभी जारी है और फिटमेंट फैक्टर या न्यूनतम वेतन को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. दिल्ली के बाद आयोग दूसरे शहरों में भी कर्मचारियों और संगठनों से चर्चा करेगा. आयोग चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर में बैठकें करेगा. सभी सुझावों और मांगों पर विचार करने के बाद आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा. मौजूदा अनुमान के अनुसार आयोग मई या जून 2027 तक अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप सकता है.
कर्मचारियों को अभी क्या समझना चाहिए
52600 रुपये न्यूनतम वेतन और अलग अलग फिटमेंट फैक्टर फिलहाल IRTSA की मांग है. इसे अभी सरकार या 8th Pay Commission की मंजूरी नहीं मिली है. इसी तरह सालाना 5 फीसदी वेतन और भत्तों में बदलाव भी प्रस्ताव हैं. आयोग सभी कर्मचारी संगठनों की मांगों पर विचार करने के बाद अपनी सिफारिश बढ़ोतरी देगा. इसके बाद केंद्र सरकार इन सिफारिशों की समीक्षा करेगी और लागू करने पर अंतिम फैसला लेगी.
