36% HRA की आ गई मांग, कर्मचारियों की होगी मौज!
देश के करीब 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी आठवें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे हैं. इस बीच, आयोग के समक्ष हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) में बढ़ोतरी की मांग जोर पकड़ रही है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे महंगे शहरों में मौजूदा एचआरए दरें किराए के लिए अपर्याप्त हैं. वर्तमान में, एक्स-श्रेणी के शहरों में लेवल-1 के कर्मचारी को मूल वेतन का लगभग 30% एचआरए मिलता है, जो करीब ₹5,400 होता है.
हालांकि, इन शहरों में एक छोटे 2बीएचके फ्लैट का किराया ₹12,000 से ₹20,000 प्रति माह तक हो सकता है. इस बड़े अंतर के कारण कर्मचारियों को अपनी जेब से किराया चुकाना पड़ रहा है. कर्मचारी संगठनों ने एचआरए दरों में संशोधन की मांग की है. उनकी मांग है कि एक्स-श्रेणी के शहरों के लिए एचआरए 36%, वाई-श्रेणी के लिए 24% और जेड-श्रेणी के लिए 12% किया जाए. यदि यह प्रस्ताव स्वीकार हो जाता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों को काफी वित्तीय राहत मिल सकती है. आठवें वेतन आयोग की बैठकें जारी हैं, जिसके बाद आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा.
