बैंक में जमा पैसा कितना सुरक्षित? 590 करोड़ घोटाले के बाद वित्त मंत्रालय का बड़ा एक्शन
भारत में बैंकिंग सेक्टर में धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर जमा सुरक्षा के मुद्दे को गरमा दिया है. हाल ही में हरियाणा सरकार के खाते से 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद वित्त मंत्रालय ने सभी सरकारी बैंकों को सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत करने के कड़े निर्देश दिए हैं. यह मामला IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़ा था, जिसने पूरे बैंकिंग सिस्टम पर सवालिया निशान लगा दिया है.
कुछ महीने पहले हुई इस घटना के बाद वित्त मंत्रालय ने एक लंबी बैठक बुलाई, जिसमें बैंकों को अपने सिस्टम को दुरुस्त करने, सरकारी धन रखने वाली शाखाओं को संवेदनशील बनाने और खातों की नियमित ऑडिटिंग करने के निर्देश दिए गए हैं. मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि खातों में दर्ज रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति का मिलान किया जाना चाहिए, क्योंकि हरियाणा जैसे कई मामलों में रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में भारी अंतर पाया गया. पासबुक में जहाँ 590 करोड़ रुपये मौजूद दिख रहे थे, वहीं खजाने में वह राशि गायब मिली. यह बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों, बाहर के व्यक्तियों और यहाँ तक कि कुछ चुनिंदा ब्यूरोक्रेट्स की मिलीभगत से संभव हुआ.
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