अब इलाज के लिए नहीं होगी चिंता, मेडिकल खर्च के लिए NPS से निकाल सकेंगे पैसा; NPS Swasthya का नया चरण लॉन्च

भारत में बढ़ते स्वास्थ्य खर्च और रिटायरमेंट सुरक्षा की जरूरत को देखते हुए PFRDA ने ‘NPS स्वास्थ्य’ का नया चरण शुरू किया है. यह पहल निवेश और हेल्थ कवर को एक साथ जोड़ती है. इसके तहत सब्सक्राइबर जरूरत पड़ने पर अपनी बचत का हिस्सा मेडिकल खर्च के लिए निकाल सकेंगे, जिससे भविष्य की आर्थिक चिंता कम होगी.

NPS Swasthya Image Credit: Canva/ Money9live

NPS Swasthya: भारत में बढ़ते स्वास्थ्य खर्च और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पेंशन रेगुलेटर Pension Fund Regulatory and Development Authority यानी PFRDA ने एक नई पहल ‘NPS स्वास्थ्‍य’ (NPS Swasthya) शुरू की है. PFRDA ने NPS Swasthya के दूसरे Proof of Concept (PoC) की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य रिटायरमेंट प्लानिंग को हेल्थकेयर फंडिंग के साथ जोड़ना है. इसका उद्देश्य लोगों को रिटायरमेंट सेविंग के साथ-साथ हेल्थ खर्च के लिए भी तैयार करना है, ताकि बुढ़ापे में आर्थिक दबाव कम हो सके.

क्या है ‘NPS स्वास्थ्‍य’ योजना?

    ‘NPS स्वास्थ्‍य’ एक नया मॉडल है जो रिटायरमेंट प्लानिंग और हेल्थ कवरेज को एक साथ जोड़ता है. इसमें कई संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं:

    • Medi Assist Healthcare Services – टेक्नोलॉजी पार्टनर
    • CAMS KRA – KYC और ऑनबोर्डिंग
    • Tata Pension Fund और Axis Pension Fund – फंड मैनेजर
    • Aditya Birla Health Insurance – हेल्थ टॉप-अप कवर

    इसका मकसद लोगों को एक ही प्लेटफॉर्म पर निवेश और स्वास्थ्य सुरक्षा देना है.

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    हेल्थ खर्च के लिए तुरंत पैसा निकालने की सुविधा

    सामान्य तौर पर NPS में पैसा रिटायरमेंट तक लॉक रहता है, लेकिन इस योजना में बड़ी राहत दी गई है.

    • सब्सक्राइबर अपने योगदान का 25% तक हिस्सा मेडिकल जरूरतों के लिए निकाल सकते हैं
    • “Net Eligible Balance” के जरिए यह निकासी संभव होगी
    • MAven App के माध्यम से आसानी से पैसे निकाले जा सकेंगे

    इससे अचानक आने वाले मेडिकल खर्च को संभालना आसान होगा.

    क्यों जरूरी है यह पहल?

    PFRDA के अनुसार भारत में हेल्थ खर्च तेजी से बढ़ रहा है:

    2026 में स्वास्थ्य खर्च 11.5% से 14% तक बढ़ने का अनुमान
    यह महंगाई से भी ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है
    लाखों लोगों की रिटायरमेंट सेविंग पर असर पड़ सकता है

    अभी देश में NPS और Atal Pension Yojana (APY) के कुल 9.64 करोड़ सब्सक्राइबर हैं और करीब ₹16.55 लाख करोड़ का फंड मैनेज हो रहा है.