ITR फाइल करने में हो गई गलती? जानें सुधारने का क्या है तरीका, रिफंड में देरी से बचना है तो चुनें सही फॉर्म
ITR फाइल करते समय सही फॉर्म चुनना बेहद जरूरी है. गलत ITR फॉर्म भरने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट रिटर्न को डिफेक्टिव मान सकता है, जिससे रिफंड अटक सकता है और नोटिस भी आ सकता है. हालांकि, टैक्सपेयर्स को गलती सुधारने का मौका मिलता है. जानिए गलत फॉर्म भरने के क्या नुकसान हैं और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है.
ITR Filing 2026: : इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय सही फॉर्म चुनना बेहद जरूरी है. अगर कोई टैक्सपेयर्स गलती से गलत ITR फॉर्म भर देता है, तो उसका रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है. इससे रिफंड अटक सकता है, नोटिस आ सकता है और बाद में पेनाल्टी का भी सामना करना पड़ सकता है. इसलिए ITR फाइल करने से पहले अपनी इनकम और कैटेगरी के अनुसार सही फॉर्म चुनना जरूरी है.
गलत ITR फॉर्म भरने पर क्या होता है?
अगर किसी व्यक्ति ने गलत ITR फॉर्म जमा कर दिया, तो उसे Income Tax Department के सेक्शन 139(9) के तहत डिफेक्टिव रिटर्न घोषित कर सकता है. इसके बाद विभाग टैक्सपेयर्स को नोटिस भेजकर तय समय के भीतर गलती सुधारने को कहता है. जब तक गलती ठीक नहीं होती, तब तक रिटर्न प्रोसेस नहीं होता और रिफंड में देरी हो सकती है.
नोटिस मिलने के बाद कितना समय मिलता है?
CPC यानी Centralized Processing Centre की ओर से नोटिस मिलने के बाद आमतौर पर 15 दिनों का समय दिया जाता है. इस दौरान टैक्सपेयर्स को सही जानकारी और सही ITR फॉर्म के साथ अपनी गलती सुधारनी होती है. अगर तय समय में जवाब नहीं दिया गया, तो रिटर्न को अमान्य माना जा सकता है.
गलती सुधारने का क्या तरीका है?
अगर ITR फाइल करने में कोई गलती हो गई है, तो टैक्सपेयर्स Revised Return भर सकते हैं. असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए संशोधित रिटर्न 31 मार्च 2027 तक या असेसमेंट पूरा होने से पहले तक भरा जा सकता है. अगर यह समय भी निकल जाए, तो ITR-U यानी Updated Return के जरिए भी गलती सुधारी जा सकती है, हालांकि इसमें अतिरिक्त टैक्स और ब्याज देना पड़ सकता है.
क्या गलत फॉर्म भरने पर पेनाल्टी लगती है?
सिर्फ गलत ITR फॉर्म चुन लेने पर सीधे पेनाल्टी नहीं लगती, अगर गलती अनजाने में हुई हो और समय रहते सुधार ली जाए. लेकिन अगर गलत फॉर्म के कारण इनकम छिपाई गई हो, ज्यादा डिडक्शन क्लेम किया गया हो या गलत जानकारी दी गई हो, तो विभाग ब्याज, पेनाल्टी और स्क्रूटिनी जैसी कार्रवाई कर सकता है.
ITR फॉर्म चुनते समय लोग कौन-सी गलतियां करते हैं?
अक्सर लोग अपनी इनकम की सही कैटेगरी समझे बिना रिटर्न फॉर्म चुन लेते हैं. उदाहरण के तौर पर, कैपिटल गेन, बिजनेस इनकम या विदेशी संपत्ति होने के बावजूद ITR-1 जैसे फॉर्म भर दिए जाते हैं. इसके अलावा रेजिडेंशियल स्टेटस, टैक्स रिजीम और बैंक अकाउंट जैसी जरूरी जानकारी भी कई बार छूट जाती है. ITR भरने से पहले Form 26AS, AIS और सभी वित्तीय दस्तावेजों का मिलान जरूर करें.
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