RBI के फैसले के बाद FD रेट्स पर नजर, जानें कहां मिल रहा है सबसे ज्यादा ब्याज
RBI ने रेपो रेट 5.25 फीसदी पर बरकरार रखा है, जिसके बाद FD रेट्स पर ध्यान बढ़ गया है. पब्लिक सेक्टर बैंकों में 6.50 फीसदी तक और प्राइवेट बैंकों में 7.25 फीसदी तक ब्याज मिल रहा है. फिलहाल FD रेट्स में तुरंत बढ़ोतरी की संभावना कम है, लेकिन भविष्य में बदलाव हो सकता है.
FD Interest Rates 2026: रेपो रेट अपडेट, फिक्स्ड डिपॉजिट रिटर्न, बेस्ट एफडी रेट्स, पब्लिक प्राइवेट बैंक एफडी, निवेश विकल्प भारत, बैंक एफडी तुलना रिजर्व बैंक ने हाल ही में रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बरकरार रखा है. इसके बाद फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD रेट्स फिर चर्चा में आ गए हैं. निवेशक अब यह जानना चाहते हैं कि किस बैंक में सबसे ज्यादा ब्याज मिल रहा है. जानकारों का मानना है कि फिलहाल FD रेट्स में तुरंत बढ़ोतरी की संभावना कम है. लेकिन आने वाले समय में बदलाव हो सकता है. ऐसे में सही बैंक और अवधि चुनना जरूरी हो गया है.
पब्लिक सेक्टर बैंकों में FD रेट्स
सरकारी बैंकों में FD रेट्स अपेक्षाकृत स्थिर बने हुए हैं. एक साल की FD पर इंडियन ओवरसीज बैंक सबसे ज्यादा 6.50 फीसदी दे रहा है. तीन साल की FD पर पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक करीब 6.30 फीसदी दे रहे हैं. पांच साल की FD पर बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक करीब 6.25 से 6.30 फीसदी तक ब्याज दे रहे हैं. यह दरें सुरक्षित निवेश चाहने वालों के लिए ठीक मानी जाती हैं.
प्राइवेट बैंकों में मिल रहा ज्यादा रिटर्न
प्राइवेट बैंकों में FD रेट्स थोड़े ज्यादा हैं. एक साल की FD पर SBM बैंक इंडिया 7.10 फीसदी तक ब्याज दे रहा है. तीन साल के लिए बंधन बैंक और RBL बैंक करीब 7.20 से 7.25 फीसदी तक दे रहे हैं. पांच साल की FD पर DCB बैंक करीब 7.15 फीसदी तक ब्याज दे रहा है. इससे निवेशकों को बेहतर रिटर्न का मौका मिल रहा है.
FD रेट्स पर RBI के फैसले का असर
RBI के रेपो रेट को स्थिर रखने से FD रेट्स पर फिलहाल कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है. साल 2025 में रेपो रेट में कटौती के कारण FD रेट्स में गिरावट आई थी. अब स्थिरता से निवेशकों को थोड़ी राहत मिली है. हालांकि जानकार मानते हैं कि भविष्य में रेट्स बढ़ भी सकते हैं. यह पूरी तरह बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा.
ये भी पढ़ें- ITR 2026-27 के लिए Kar Saathi AI लॉन्च, अब टैक्स फाइलिंग होगी आसान; जानें कैसे करेगा आपकी मदद
FD रेट्स किन चीजों पर निर्भर करते हैं
FD रेट्स केवल रेपो रेट पर निर्भर नहीं करते. इसमें लिक्विडिटी की स्थिति और महंगाई का स्तर भी महत्वपूर्ण होता है. इसके अलावा सरकारी बॉन्ड की यील्ड और स्मॉल सेविंग स्कीम से कंपटीशन भी असर डालती है. बैंक अपनी जरूरत और बाजार की स्थिति के अनुसार दरों में बदलाव करते हैं.
Latest Stories
शेयर बाजार में हुआ नुकसान भी बचा सकता है टैक्स, ITR भरते समय ऐसे उठाएं फायदा
बीते वर्षों का ITR नहीं भरा? इन 2 कानूनी रास्तों से अब भी सुधार सकते हैं अपनी गलती
क्रेडिट कार्ड लेते समय इन चार्ज को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, बाद में बढ़ सकता है कर्ज का बोझ
