SCSS, SBI FD या RBI Bond… 10 लाख रुपये पर किस स्कीम में मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न? जानें पूरा गणित

रिटायरमेंट के बाद नियमित आय के लिए SCSS, SBI की 5 साल की FD और RBI Floating Rate Savings Bond वरिष्ठ नागरिकों के बीच लोकप्रिय निवेश विकल्प हैं. अगर आपके पास 10 लाख रुपये निवेश के लिए हैं, तो किस स्कीम में सबसे ज्यादा ब्याज और बेहतर मासिक आय मिलेगी?

रिटायरमेंट प्लानिंग Image Credit: ai/canva

SCSS vs SBI FD vs RBI Floating Rate Savings Bond: रिटायरमेंट के बाद नियमित आय हर वरिष्ठ नागरिक की सबसे बड़ी जरूरत होती है. ऐसे में ज्यादातर लोग ऐसे निवेश विकल्प चुनना पसंद करते हैं, जहां पूंजी सुरक्षित रहे और समय-समय पर ब्याज के रूप में निश्चित आय भी मिलती रहे. इसी वजह से सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की 5 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड वरिष्ठ नागरिकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. अगर किसी वरिष्ठ नागरिक के पास निवेश के लिए 10 लाख रुपये हैं, तो सवाल उठता है कि इन तीनों विकल्पों में किसमें सबसे ज्यादा नियमित आय मिलेगी?

SCSS में मिलेगी सबसे ज्यादा नियमित आय

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) सरकार समर्थित बचत योजना है, जिसे खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए तैयार किया गया है. फिलहाल इस योजना पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है. ब्याज का भुगतान हर तीन महीने में किया जाता है और इसमें अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है.

यदि कोई वरिष्ठ नागरिक इस योजना में 10 लाख रुपये निवेश करता है, तो उसे हर तिमाही लगभग 20,500 रुपये ब्याज मिलेगा. यानी औसतन हर महीने करीब 6,833 रुपये की आय होगी. नियमित आय के लिहाज से यह तीनों विकल्पों में सबसे बेहतर माना जाता है.

SBI की 5 साल की FD कितना देगी रिटर्न

जो निवेशक निश्चित ब्याज दर और बैंक की सुरक्षा चाहते हैं, उनके लिए SBI की 5 साल की सीनियर सिटिजन FD एक लोकप्रिय विकल्प है. फिलहाल इस FD पर वरिष्ठ नागरिकों को 7.05 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है. यदि कोई 10 लाख रुपये का निवेश करता है, तो उसे हर तिमाही करीब 17,625 रुपये ब्याज मिलेगा. यानी मासिक आधार पर औसतन लगभग 5,875 रुपये की आय होगी. FD की सबसे बड़ी खासियत यह है कि निवेश के समय ब्याज दर तय हो जाती है, इसलिए बाजार में ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव का असर निवेशक की आय पर नहीं पड़ता.

RBI Floating Rate Bond भी देता है आकर्षक रिटर्न

कम जोखिम वाले निवेशकों के लिए RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड भी एक अच्छा विकल्प माना जाता है. यह सरकार द्वारा जारी किया जाता है और इसकी ब्याज दर नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) की ब्याज दर से जुड़ी होती है. इस कारण इसकी ब्याज दर हर छह महीने में बदली जा सकती है.

वर्तमान में इस बॉन्ड पर 8.05 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है. यदि कोई वरिष्ठ नागरिक इसमें 10 लाख रुपये निवेश करता है, तो उसे सालाना करीब 80,500 रुपये ब्याज मिलेगा. हालांकि, इसका भुगतान हर छह महीने में किया जाता है. यानी निवेशक को प्रत्येक छह महीने में लगभग 40,250 रुपये मिलेंगे, जो औसतन करीब 6,708 रुपये प्रति माह के बराबर है. इस बॉन्ड की मैच्योरिटी अवधि 7 वर्ष है. हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों को इसमें समय से पहले निकासी की सुविधा भी दी जाती है.

किसे चुनना होगा बेहतर?

यदि आपका लक्ष्य सबसे अधिक नियमित आय प्राप्त करना है और आपका निवेश 30 लाख रुपये की सीमा के भीतर है, तो SCSS सबसे आकर्षक विकल्प बनकर उभरता है. वहीं, जो निवेशक ब्याज दरों में बदलाव का लाभ लेना चाहते हैं, उनके लिए RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड बेहतर विकल्प हो सकता है.

दूसरी ओर, यदि आप निश्चित ब्याज दर, बैंकिंग सुरक्षा और आसान निवेश प्रक्रिया चाहते हैं, तो SBI की 5 साल की FD भी एक भरोसेमंद विकल्प है. निवेश का फैसला करने से पहले अपनी आय की जरूरत, निवेश अवधि और तरलता की आवश्यकता को जरूर ध्यान में रखना चाहिए.

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