AI डेटा सेंटर बूम से चमक सकते हैं ये 3 इंफ्रास्ट्रक्चर शेयर, ₹47500 करोड़ के बड़े मौके पर कंपनियों की नजर; जानें शेयर का हाल

भारत में AI डेटा सेंटर सेक्टर के विस्तार से इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बन रहा है. Navin Fluorine International, Marine Electricals और Venus Pipes & Tubes इस तेजी से बढ़ते बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही हैं. कोई लिक्विड कूलिंग सॉल्यूशंस पर दांव लगा रही है, तो कोई डेटा सेंटर पावर डिस्ट्रीब्यूशन और कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े ऑर्डर हासिल कर रही है.

एआई इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक Image Credit: ai/canva

AI Infrastructure: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विस्तार केवल टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए भी बड़े अवसर लेकर आ रहा है. एआई आधारित डेटा सेंटर की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिसके चलते कूलिंग सिस्टम्स, पावर डिस्ट्रीब्यूशन और प्रिसिजन पाइपिंग जैसी सर्विसेज की मांग में भी तेजी देखने को मिल रही है. ऐसे में कुछ इंजीनियरिंग कंपनियां अपने मौजूदा कारोबार का विस्तार कर इस उभरते बाजार में मजबूत मौजूदगी बनाने की तैयारी कर रही हैं.

जेएलएल इंडिया की डेटा सेंटर मार्केट डायनेमिक्स रिपोर्ट के अनुसार, भारत की ऑपरेशनल डेटा सेंटर कैपेसिटी वर्ष 2024 में 1 गीगावाट (GW) के पार पहुंच चुकी है. इसके 2027 तक बढ़कर 1.8 गीगावाट (GW) होने का अनुमान है. इस विस्तार के लिए करीब 47,500 करोड़ रुपये के इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश की जरूरत होगी. एआई आधारित वर्कलोड्स इस ग्रोथ के सबसे बड़े कारणों में शामिल होंगे.

Navin Fluorine International का एआई कूलिंग पर बड़ा दांव

Navin Fluorine International फ्लोरोकेमिकल्स और स्पेशियलिटी केमिकल्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी है. कंपनी अब एआई डेटा सेंटर के लिए एडवांस्ड लिक्विड कूलिंग सॉल्यूशंस विकसित कर रही है. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ग्लोबल केमिकल्स कंपनी केमोर्स के साथ मिलकर लिक्विड कूलिंग प्रोडक्ट तैयार कर रही है. इस प्रोजेक्ट में करीब 120 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है. इसमें 35 फीसदी पूंजी केमोर्स उपलब्ध कराएगी, जबकि शेष निवेश Navin Fluorine International अपने इंटरनल रिसोर्सेज से करेगी.

कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक इस प्रोजेक्ट को चालू करना है. इसके बाद दूसरी तिमाही से रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है. अगर इस प्रोडक्ट को बाजार में अच्छी स्वीकार्यता मिलती है, तो भविष्य में कंपनी अपनी कैपेसिटी भी बढ़ा सकती है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का प्रदर्शन भी मजबूत रहा. रेवेन्यू में 41 फीसदी, EBITDA में 103 फीसदी और नेट प्रॉफिट में 130 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. गुरुवार को कंपनी का शेयर 1.16 फीसदी की गिरावट के साथ 7609 रुपये पर बंद हुआ.

Marine Electricals को मिले बड़े ऑर्डर

डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में Marine Electricals पहले से सक्रिय है. कंपनी पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम्स, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, ऑटोमेशन सॉल्यूशंस और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम्स उपलब्ध कराती है. कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में अडानी कॉनेक्स, एसटीटी, ब्रिज डेटा सेंटर्स, नेटमैजिक, इक्विनिक्स और बीएएम-डीएलआर जैसी कंपनियां शामिल हैं. हाल ही में कंपनी को डेटा सेंटर सेक्टर से दो बड़े ऑर्डर मिले हैं. 27 जून 2026 तक कंपनी को कुल 151.6 करोड़ रुपये के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं. इनमें 75.2 करोड़ रुपये का ऑर्डर एसटीटी और प्रिंसटन डिजिटल से मिला, जबकि इससे पहले 76.4 करोड़ रुपये का ऑर्डर एसटीटी और दीपक केम टेक से मिला था.

ये ऑर्डर अगले 12 से 18 महीनों में पूरे किए जाएंगे. कंपनी को उम्मीद है कि भारत में डेटा सेंटर विस्तार के साथ उसे आगे भी लगातार नए ऑर्डर मिलते रहेंगे. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 14.3 फीसदी, ऑपरेटिंग प्रॉफिट 36 फीसदी और नेट प्रॉफिट 55.3 फीसदी बढ़ा. गुरुवार को कंपनी का शेयर 2.33 फीसदी की गिरावट के साथ 268 रुपये पर बंद हुआ.

Venus Pipes & Tubes को मिला 185 करोड़ रुपये का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

तीसरी कंपनी Venus Pipes & Tubes है, जो स्टेनलेस स्टील पाइप्स और ट्यूब्स का निर्माण करती है. कंपनी अब डेटा सेंटर कूलिंग सिस्टम्स के लिए पाइप स्पूलिंग सॉल्यूशंस के कारोबार में उतर रही है. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी को एक प्रमुख डेटा सेंटर ऑपरेटर से 185 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) मिला है. खास बात यह है कि कंपनी की स्पूलिंग फैसिलिटी अभी पूरी तरह चालू भी नहीं हुई है, फिर भी उसे यह बड़ा ऑर्डर मिल गया. कंपनी इस कारोबार के लिए 70 करोड़ रुपये का नया प्लांट स्थापित कर रही है.

उम्मीद है कि यह फैसिलिटी 2026 के अंत तक चालू हो जाएगी और वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही के मध्य तक कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 21.7 फीसदी बढ़कर 1,166.8 करोड़ रुपये, EBITDA 190.6 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 101.9 करोड़ रुपये रहा. मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2027 में कम से कम 20 फीसदी रेवेन्यू और वॉल्यूम ग्रोथ का लक्ष्य रखा है. गुरुवार को कंपनी का शेयर 2.24 फीसदी की बढ़त के साथ 1696 रुपये पर बंद हुआ.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.