अगर आप भी हैं बेरोजगार…तो सरकार दे रही ₹24000 भत्ता, जानें किसे मिलता है लाभ, ऐसे करें आवेदन
देश में बढ़ती बेरोजगारी के बीच सरकार युवाओं को आर्थिक सहारा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है. हिमाचल प्रदेश की बेरोजगारी भत्ता योजना ऐसी ही एक पहल है, जो पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को नौकरी खोजने के दौरान मासिक वित्तीय सहायता देकर आत्मनिर्भर बनने का अवसर देती है.
Unemployment Allowance Scheme: बेरोजगार युवाओं के लिए देश भर में कई योजनाएं चल रही हैं. इन योजनाओं के तहत सरकार लोगों को वित्तीय सहायता से लेकर ट्रेनिंग तक देती है. केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए अलग-अलग स्कीम चला रही हैं. इन्हीं में एक है हिमाचल प्रदेश में बेरोजगारी भत्ता योजना. इसके तहत पढ़े-लिखे युवाओं को हर महीने ₹1000 (या दिव्यांगों को ₹1500) मिलते हैं, ताकि वे नौकरी ढूंढते समय बुनियादी जरूरतें पूरी कर सकें. कई राज्यों में वित्तीय सहायता के साथ ही स्किल डेवलपमेंट, सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट और ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलते हैं.
बेरोजगारी भत्ता योजना क्या है?
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बेरोजगारी भत्ता योजना शुरू की है, जो पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को कुछ समय तक आर्थिक मदद देती है ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी कर सकें और नौकरी ढूंढ सकें.
इस योजना की क्या है खासियत?
बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को अधिकतम दो साल तक हर महीने आर्थिक मदद मिलती है. यह मदद तब मिलती है, जब आवेदक सभी पात्रता शर्तें पूरी करते हैं और समय पर जरूरी दस्तावेज जमा करते हैं. दो साल में 24000 से लेकर 36000 रुपये तक लाभ मिलता है.
- शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण (दिव्यांग) व्यक्ति जो कम से कम 50% विकलांग हैं: हर महीने ₹1,500.
- अन्य श्रेणियों के लिए (सामान्य शिक्षित बेरोजगार युवा): हर महीने ₹1,000.
यह राशि सीधे बैंक खाते में आती है, जिससे युवा नौकरी ढूंढते समय अपनी बुनियादी जरूरतें आसानी से पूरी कर सकें.
किसे मिलता है लाभ?
हिमाचल प्रदेश की बेरोजगारी भत्ता योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं.
- आप हिमाचल प्रदेश के मूल निवासी (बोनाफाइड हिमाचली) होने चाहिए.
- सरकारी, पीएसयू, प्राइवेट सेक्टर या खुद की कोई नौकरी/स्वरोजगार नहीं होना चाहिए.
- कम से कम 10+2 (12वीं कक्षा) पास होनी चाहिए, किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड/यूनिवर्सिटी से.
- आवेदन की तारीख से कम से कम 1 साल पहले हिमाचल प्रदेश के किसी रोजगार कार्यालय (Employment Exchange) में रजिस्टर्ड होना चाहिए.
- आवेदन से ठीक पहले वाले वित्तीय वर्ष में परिवार की कुल आय (सभी स्रोतों से, पति/पत्नी की आय सहित) 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए.
- आवेदन की तारीख पर उम्र 20 साल से ज्यादा और 35 साल से कम होनी चाहिए.
- पहले सरकारी नौकरी से निकाले गए नहीं होना चाहिए.
- ऐसा कोई अपराध नहीं किया हो जिसकी सजा 48 घंटे या उससे ज्यादा की जेल हुई हो.
- अभी कोई नियमित कोर्स या डिग्री नहीं कर रहे हों.
- इस योजना के अलावा कोई स्किल डेवलपमेंट अलाउंस नहीं ले रहे हों.
इन सभी शर्तों को पूरा करने वाले पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं.
कैसे करें आवेदन?
हिमाचल प्रदेश की बेरोजगारी भत्ता योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया बहुत आसान है. आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं. नीचे स्टेप-बाय-स्टेप बताया गया है कि ऑनलाइन आवेदन कैसे करें.
- सबसे पहले हिमाचल प्रदेश श्रम एवं रोजगार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
- Check Eligibility for Unemployment Allowance या Check your eligibility पर क्लिक करें.
- अपना Employment Exchange Registration Number (रोजगार पंजीकरण नंबर) और कैप्चा डालकर अपनी स्थिति चेक करें.
- अगर आप पात्र पाए जाते हैं, तो Apply Online पर क्लिक करें.
- अब अपना Employment Exchange Registration Number, जन्म तिथि और कैप्चा डालकर Proceed करें.
- फॉर्म में सभी जरूरी जानकारी भरें, जैसे बैंक अकाउंट डिटेल्स.
- फॉर्म भरने के बाद प्रिंटआउट निकालें, उस पर साइन करें.
- जरूरी दस्तावेजों की अटेस्टेड कॉपी लगाएं और फॉर्म के साथ नजदीकी रोजगार कार्यालय (Employment Exchange) में जमा कर दें.