ये 3 स्टॉक्स चला रहे हैं इंडिया का 5G बूम, एक के पास 4000 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर बुक, रखें नजर

इंडिया में 5जी रोलआउट के बीच असली कमाई टेलीकॉम कंपनियों नहीं बल्कि बैकबोन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में छुपी है. Indus Towers जैसे टावर प्लेयर्स स्थिर इनकम देते हैं, जबकि Sterlite Technologies फाइबर ग्रोथ का फायदा उठा रही है. वहीं Tejas Networks हाई रिस्क हाई रिटर्न का मौका देता है.

5जी रोलआउट के बीच असली कमाई टेलीकॉम कंपनियों नहीं बल्कि बैकबोन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में छुपी है. Image Credit: money9live

5G Stocks: इंडिया में 5जी रोलआउट की चर्चा अक्सर Reliance Jio और Bharti Airtel तक सीमित रह जाती है लेकिन असल कहानी उन कंपनियों की है जो टेलीकॉम बैकबोन बना रही हैं. ये कंपनियां टावर फाइबर और नेटवर्क इक्विपमेंट के जरिए पूरे डिजिटल सिस्टम को सपोर्ट करती हैं. हर वीडियो स्ट्रीमिंग ऑनलाइन पेमेंट और ऐप इस्तेमाल के पीछे यही इंफ्रास्ट्रक्चर काम करता है. डेटा का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और इसी के साथ इन बैकबोन एसेट्स की डिमांड भी बढ़ रही है. यह सेक्टर लॉन्ग टर्म ग्रोथ का बड़ा मौका दे रहा है जहां स्टेबिलिटी और हाई ग्रोथ दोनों का मिक्स मिलता है. इन्वेस्टर्स के लिए यह एक ऐसा थीम है जहां हिडन ऑपर्च्युनिटी नजर आती हैं.

Indus Towers

Indus Towers टेलीकॉम टावर सेक्टर की लीडिंग कंपनी है जो रेंटल मॉडल पर काम करती है और इसे स्टेबल इनकम का मजबूत जरिया माना जाता है. Q3 Fy26 में कंपनी का रेवेन्यू 8150 करोड़ रहा जो साल दर साल 7.9 फीसदी बढ़ा है. कोर रेंटल इनकम में भी 9.5 फीसदी की ग्रोथ देखी गई है जो मजबूत डिमांड को दिखाता है. कंपनी के पास 2.7 लाख से ज्यादा टावर साइट्स हैं और टेनेंसी रेशियो 1.6 है जो एसेट यूज को बेहतर बनाता है.

नेट प्रॉफिट 1780 करोड़ रहा लेकिन यह गिरावट वन ऑफ इम्पैक्ट की वजह से है. कुल मिलाकर यह बिजनेस स्टेबल कैश फ्लो देता है इसलिए लो रिस्क और हाई ROC के लिए अच्छा माना जाता है. कंपनी के शेयर 23 मार्च को 4.82 फीसदी की गिरावट के साथ 414 रुपये पर बंद हुए. 5 साल में इसने 63 फीसदी का रिटर्न दिया है.

Sterlite Technologies

Sterlite Technologies ऑप्टिकल फाइबर और कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस में तेजी से बढ़ती कंपनी है जो ग्लोबल मार्केट में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है. Q3 Fy26 में कंपनी का रेवेन्यू 1257 करोड़ रहा जो 26 फीसदी बढ़ा है जबकि नेट लॉस घटकर 17 करोड़ रह गया है जो सुधार का संकेत देता है. कंपनी का ऑर्डर बुक 5300 करोड़ से ज्यादा है और ऑर्डर इनफ्लो 4200 करोड़ रहा है जिससे आगे की ग्रोथ का विजिबिलिटी मिलता है.

नॉर्थ अमेरिका और यूरोप में कंपनी का विस्तार हो रहा है और डेटा सेंटर व फाइबर नेटवर्क की बढ़ती मांग इसका बड़ा ड्राइवर है. यह स्टॉक मिड रिस्क और हाई ग्रोथ कैटेगरी में आता है. कंपनी के शेयर 23 मार्च को 8.5 फीसदी की गिरावट के साथ 173 रुपये पर बंद हुए. 5 साल में इसने शेयरों में 15 फीसदी की गिरावट देखी गई है.

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Tejas Networks

Tejas Networks टेलीकॉम इक्विपमेंट और नेटवर्किंग प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी है जिसे Tata Group का सपोर्ट मिला हुआ है. Q3 Fy26 में कंपनी का रेवेन्यू गिरकर 307 करोड़ रह गया जबकि पिछले साल यह 2642 करोड़ था जिससे बिजनेस में गिरावट दिखती है. कंपनी को 197 करोड़ का नुकसान हुआ जबकि पिछले साल यह मुनाफे में थी. ऑर्डर बुक 1329 करोड़ पर है और भारतनेट प्रोजेक्ट से भविष्य में ग्रोथ की उम्मीद बनी हुई है.

हालांकि BSNL के ऑर्डर में देरी की वजह से शॉर्ट टर्म प्रेशर बना हुआ है लेकिन लंबी अवधि में यह स्टॉक हाई रिटर्न दे सकता है. कंपनी के शेयर 23 मार्च को 8 फीसदी की गिरावट के साथ 401 रुपये पर बंद हुए. 5 साल में इसने 132 फीसदी का रिटर्न दिया है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.