Adani शेयरों पर छंट रहा संकट का बादल? Bernstein ने बताया क्यों मजबूत है ग्रुप का भविष्य; FIIs की वापसी के संकेत

Bernstein ने अपनी रिपोर्ट में Adani Ports, Adani Green Energy, Adani Power और Ambuja Cements जैसी कंपनियों का जिक्र किया है. Brokerage का कहना है कि कई global funds अमेरिका से जुड़े मामलों में स्पष्टता आने तक Adani Group से दूरी बनाए हुए थे. इसी वजह से कई Adani shares अब भी अपने पुराने high level से नीचे कारोबार कर रहे हैं. हालांकि operational performance लगातार मजबूत बनी हुई है.

Adani Group Image Credit: Money9 Live

Bernstein Report on Adani Group: Adani Group को लेकर पिछले कुछ सालो में कई बड़े विवाद देखने को मिले थे. पहले साल 2023 में Hindenburg Research की रिपोर्ट आई और फिर अमेरिका में regulatory जांच शुरू हुई. इन घटनाओं के बाद Adani Group की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी और कई विदेशी निवेशकों ने दूरी बना ली थी. लेकिन अब हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं. Global brokerage firm Bernstein का मानना है कि Adani Group पर बना बड़ा दबाव अब धीरे-धीरे कम हो रहा है.

Brokerage का कहना है कि अमेरिका से जुड़े मामलों में हाल की राहत के बाद विदेशी निवेशकों का भरोसा फिर लौट सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि Adani Group की सबसे बड़ी ताकत उसकी execution capability यानी बड़े projects को तेजी से पूरा करने की क्षमता रही है. यही वजह है कि infrastructure, ports, power और renewable energy sectors में कंपनी लगातार अपनी पकड़ मजबूत करती गई है.

Bernstein ने क्या कहा

Bernstein ने अपनी रिपोर्ट में Adani Ports, Adani Green Energy, Adani Power और Ambuja Cements जैसी कंपनियों का जिक्र किया है. Brokerage का कहना है कि कई global funds अमेरिका से जुड़े मामलों में स्पष्टता आने तक Adani Group से दूरी बनाए हुए थे. इसी वजह से कई Adani shares अब भी अपने पुराने high level से नीचे कारोबार कर रहे हैं. हालांकि operational performance लगातार मजबूत बनी हुई है.

Hindenburg रिपोर्ट के बाद मचा था बवाल

  • जनवरी 2023 में अमेरिकी short seller Hindenburg Research ने Adani Group पर stock manipulation और accounting irregularities जैसे आरोप लगाए थे.
  • Adani Group ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया था, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली थी.
  • इस दौरान group की market value में अरबों डॉलर की गिरावट आई थी और debt को लेकर भी चिंता बढ़ गई थी.

धीरे-धीरे लौटा भरोसा

इसके बाद Adani Group ने प्रोमोटर शेयर प्लेज कम किए, डेट मैनेजमेंट पर फोकस बढ़ाया और लगातार प्रोजेक्ट्स पर काम जारी रखा. SEBI ने भी Supreme Court को बताया था कि जांच में ऐसा कोई बड़ा सबूत नहीं मिला, जिसके आधार पर लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई की जरूरत हो. अब Hindenburg Research भी बंद हो चुकी है.

अमेरिका से मिली राहत

  • नवंबर 2024 में अमेरिका की agencies ने Adani Group से जुड़े कुछ मामलों में जांच शुरू की थी.
  • लेकिन हाल ही में SEC से जुड़े मामले में settlement हो गया और अमेरिकी prosecutors ने group के खिलाफ charges वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी.
  • Bernstein का मानना है कि इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत हो सकता है और dollar funding तक पहुंच बेहतर हो सकती है.

Infrastructure sector में मजबूत पकड़

  • Brokerage ने कहा कि Adani Group की सबसे बड़ी ताकत बड़े infrastructure projects को तेजी से पूरा करना है.
  • Ports, logistics, thermal power और renewable energy sectors में group लगातार market share बढ़ा रहा है.
  • रिपोर्ट के मुताबिक भारत के container port market का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा अब Adani Group के control में है.

Debt पर क्या कहा

हालांकि group का debt बढ़ा है. सितंबर 2024 के बाद group का net debt करीब 1 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है. इसके पीछे बड़े capital expenditure और expansion plans को वजह बताया गया है. फिर भी Bernstein का कहना है कि group की earnings growth मजबूत बनी हुई है और debt repayment फिलहाल manageable दिखाई देता है. Brokerage का मानना है कि अगर मौजूदा स्थिति बनी रहती है, तो आने वाले समय में Adani Group में विदेशी निवेश फिर तेजी से बढ़ सकता है.

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