RBI के आंकड़े बाद चमके बैंकिंग स्टॉक्स, एक्सिस, SBI से लेकर RBL और ICICI तक के शेयरों में उछाल

सेंसेक्स शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक एकमात्र ऐसा शेयर था जिसमें गिरावट आई. यह 0.22% गिरकर 423.70 रुपये पर आ गया. RBI ने बुधवार को बताया कि 31 अगस्त तक भारत ने फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (बैंक) या FCNR(B) डिपॉजिट के जरिए रिकॉर्ड 127.23 अरब डॉलर जुटाए.

बैंकिंग शेयरों में उछाल. Image Credit: tv9 bharatvarsh

Banking Stocks Today: गुरुवार को बैंकिंग शेयरों में तेजी आई. यह तेजी तब आई जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बताया कि विदेशी मुद्रा लिक्विडिटी को मजबूत करने के लिए उसकी स्पेशल फॉरेक्स स्वैप विंडो के जरिए कुल 136.377 अरब डॉलर का इनफ्लो हुआ है. सेंट्रल बैंक के इन नए आंकड़ों के बाद बैंकिंग सेक्टर में शेयरों की खरीदारी बढ़ी और बड़े बैंकों के शेयरों में सबसे अधिक बढ़त दर्ज कई गई.

बैंकिंग शेयरों में बंपर तेजी

सेंसेक्स के 30 शेयरों में एक्सिस बैंक सबसे अधिक बढ़त वाला शेयर रहा. BSE पर यह 1.37 फीसदी बढ़कर 1,272.15 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया. HDFC बैंक 1.16 फीसदी बढ़कर 709.10 रुपये, ICICI बैंक 1.08 फीसदी बढ़कर 1,443.45 रुपये और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 1.07% फीसदी बढ़कर 1,031.65 रुपये पर बंद हुआ.

सेंसेक्स शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक एकमात्र ऐसा शेयर था जिसमें गिरावट आई. यह 0.22% गिरकर 423.70 रुपये पर आ गया.

RBL बैंक का प्रदर्शन भी शानदार रहा और यह 5.10% बढ़कर 409.35 रुपये पर पहुंच गया.

BSE PSU बैंक इंडेक्स

बैंकिंग सेक्टर में यह तेजी व्यापक थी. BSE PSU बैंक इंडेक्स 1.45% बढ़ा, जबकि BSE प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.87% की बढ़त हुई. बैंकएक्स (Bankex) और BSE टॉप 10 बैंक इंडेक्स में क्रमशः 0.76% और 0.75% की बढ़त हुई.

FCNR(B) डिपॉजिट का शेयरों पर असर

RBI ने बुधवार को बताया कि 31 अगस्त तक भारत ने फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (बैंक) या FCNR(B) डिपॉजिट के जरिए रिकॉर्ड 127.23 अरब डॉलर जुटाए. ओवरसीज फॉरेन-करेंसी बॉरोइंग (OFCB) और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) को मिलाकर, इन उपायों के तहत कुल इनफ्लो 136.377 अरब डॉलर तक पहुंच गया.

तय समय से पहले बंद हुई विंडो

इस शानदार प्रतिक्रिया को देखते हुए RBI ने स्पेशल FCNR(B) विंडो को तय समय से एक महीने पहले ही बंद कर दिया. 8 जून को शुरू की गई यह सुविधा पहले 30 सितंबर तक खुली रहने वाली थी, लेकिन सेंट्रल बैंक के यह कहने के बाद कि इसका मकसद समय से पहले ही पूरा हो गया है, इसे 31 अगस्त को बंद कर दिया गया.

क्या है FCNR(B) डिपॉजिट?

FCNR(B) डिपॉजिट विदेशी मुद्रा में रखे जाने वाले फिक्स्ड-टर्म डिपॉजिट होते हैं, जिनमें मूलधन और ब्याज का भुगतान उसी मुद्रा में किया जाता है, जिससे जमाकर्ताओं को रुपये के एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव के जोखिम से सुरक्षा मिलती है. इस व्यवस्था से NRIs को रुपये की मुद्रा का सीधा जोखिम उठाए बिना भारतीय बैंकों में विदेशी मुद्रा में फंड जमा करने की सुविधा मिलती है.

इस तरह आने वाली विदेशी मुद्रा से RBI को बाहरी दबावों को संभालने और विदेशी मुद्रा बाजार में लिक्विडिटी (नकदी) बनाए रखने के लिए विदेशी मुद्रा का बड़ा भंडार मिलता है, खासकर तब जब रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव बढ़ जाए.

ये जमा भारत की उस क्षमता को दिखाते हैं, जिसके तहत वह वैश्विक वित्तीय हालात मुश्किल होने पर विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए विदेशों में बसे अपने लगभग 3.5 करोड़ लोगों का सहारा ले सकता है.

RBL बैंक ने बाताया आंकड़ा

हालांकि, RBI ने बैंक-वार फंड जुटाने के आंकड़े नहीं दिए, लेकिन ICICI बैंक ने अलग से बताया कि उसने 31 अगस्त तक FCNR(B) डिपॉजिट के जरिए कुल 17.88 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए. निजी क्षेत्र के बैंक RBL बैंक ने बुधवार को कहा कि उसने 31 अगस्त तक FCNR(B) डिपॉजिट के जरिए 3.4 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.