BrahMos से रॉकेट होगी कमाई! भारत के $629 मिलियन एक्सपोर्ट सौदे से 5 कंपनियां में मेगा ग्रोथ, स्टॉक फोकस में
भारत ने वियतनाम के साथ 629 मिलियन डॉलर की ब्रह्मोस मिसाइल एक्सपोर्ट डील की पुष्टि कर दी है. इसके साथ ही भारत का कुल डिफेंस एक्सपोर्ट 4 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है. चूंकि BrahMos Aerospace एक अनलिस्टेड कंपनी है, निवेशक अन्य कंपनियों के जरिए इस डिफेंस बूम का फायदा उठा सकते हैं, जो ब्रह्मोस की सप्लाई चेन और इकोसिस्टम का अहम हिस्सा हैं.
साल 2022 तक ब्रह्मोस का सिर्फ एक विदेशी खरीदार था, लेकिन मार्च 2026 तक भारत का कुल डिफेंस एक्सपोर्ट 4 बिलियन डॉलर पार कर चुका है. सरकार का लक्ष्य 2030 तक इसे 500 अरब रुपये तक पहुंचाना है, जिसमें ब्रह्मोस की भूमिका सबसे अहम होगी.
चूंकि ब्रह्मोस एयरोस्पेस एक अनलिस्टेड कंपनी है, इसलिए आप इसके शेयर सीधे बाजार से नहीं खरीद सकते. लेकिन शेयर बाजार में लिस्टेड ऐसी कई कंपनियां हैं जो ब्रह्मोस की सप्लाई चेन और इकोसिस्टम का हिस्सा हैं. आइए जानते हैं ऐसी 5 कंपनियों के बारे में जो इस डिफेंस बूम का सीधा फायदा उठा रही हैं:
- Jindal Stainless
जिंदल स्टेनलेस की रणनीतिक इकाई ‘जिंदल डिफेंस एंड एयरोस्पेस’ ब्रह्मोस एयरोस्पेस की क्वालिफाइड वेंडर है. कंपनी मिसाइल कैरियर के लिए कम मिश्र धातु (low-alloy) वाली स्टील शीट्स की सप्लाई करती है. इसने चंद्रयान और पीएसएलवी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए भी सामग्री दी है. पिछले 5 वर्षों में कंपनी की सेल्स 25% और नेट प्रॉफिट 103% सीएजीआर (CAGR) की रफ्तार से बढ़ा है.

- Solar Industries
यह कंपनी ब्रह्मोस मिसाइल और पिनाका रॉकेट सिस्टम के लिए स्वदेशी बूस्टर सिस्टम (solid propellant boosters) बनाती है. डीआरडीओ (DRDO) से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर मिलने के बाद यह इस क्षेत्र की प्रमुख प्राइवेट कंपनी बन गई है. फिलहाल कंपनी के पास 180 अरब रुपये से ज्यादा की डिफेंस ऑर्डर बुक है. पिछले 5 सालों में इसका मुनाफा 36% सीएजीआर से बढ़ा है.

- Premier Explosives
प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स ब्रह्मोस मिसाइल के लिए सॉलिड प्रोपेलेंट कास्टिंग और बूस्टर असेंबली का काम करती है. यह कंपनी आकाश, अस्त्र और अग्नि जैसी मिसाइलों के लिए भी प्रोपेलेंट बनाती है. कंपनी के पास 13 अरब रुपये से अधिक का ऑर्डर बुक है. वित्त वर्ष 2023 में घाटे में रहने के बाद, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 460 मिलियन रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है.

- Data Patterns
यह कंपनी साल 2006 से ब्रह्मोस के लिए ‘मिसाइल चेकआउट इक्विपमेंट’ डिजाइन और मैन्युफैक्चर कर रही है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को ब्रह्मोस से 460 मिलियन रुपये का प्रोडक्शन ऑर्डर और 1,050 मिलियन रुपये के एएमसी ऑर्डर्स मिले हैं. कंपनी अब ‘ब्रह्मोस सीकर’ पर काम कर रही है, जो भविष्य में इसकी ग्रोथ को और बढ़ाएगी.

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- Bharat Dynamics
यह सरकारी कंपनी भारतीय सशस्त्र बलों के लिए गाइडेड मिसाइल सिस्टम बनाने वाली मुख्य एजेंसी है. यूएई के साथ ब्रह्मोस और आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम की बातचीत की खबरों के बीच इसके शेयरों में तेजी देखी गई है. कंपनी के पास 260 अरब रुपये से ज्यादा का भारी-भरकम ऑर्डर बुक है और यह नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी लगा रही है.

भारतीय डिफेंस सेक्टर में तेजी तो है, लेकिन कई कंपनियों के शेयरों की वैल्यूएशन पहले से ही काफी ज्यादा है. इसलिए किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसके फंडामेंटल्स, ऑर्डर पूरा करने की क्षमता और मुनाफे की बारीकी से जांच जरूर करें.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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